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अध्ययन की महत्ता को भी जानें

आप स्कूल में हों या कॉलेज में अथवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की प्रक्रिया में, पढ़ाई से नहीं बच सकते। वर्तमान में पुस्तकों के साथ की गई मेहनत आपके भविष्य को मनचाहा आकार दे सकती है, लेकिन, दिक्कत यह है कि अध्ययन में मन नहीं लगता। ऐसे में आपको इसकी वजह तलाशनी चाहिए। खुद से पूछना  चाहिए कि आपके अध्ययन का उद्देश्य क्या है? दरअसल पढ़ना एक कला है, जिससे आपका समग्र विकास होता है और व्यवस्थित तरीके से की गई पढ़ाई आपके लिए कॅरिअर के तमाम अवसरों का सृजन करती है। लेकिन, समस्या उत्पन्न होती है कि पढ़ने का सही तरीका मालूम न होने के कारण। एक प्रयोग करके देखें कि जब भी आप किसी पुस्तक को पढ़ें, तो उसे पूरी मानसिक ऊर्जा और फोकस के साथ पढ़ें। अगर आप बगैर किसी योजना के पढ़ाई कर रहे हैं, तो आप निश्चित ही थक जाएंगे। आप यदि एकाग्रचित्त होकर पढ़ रहे हैं, उसमें अगर आनंद आ रहा है, तो आप ना तो कभी बोर होंगे और ना ही वह पढ़ाई व्यर्थ जाएगी। पुस्तकों का सम्मान करें और जब भी उन्हें उठाएं पूरी एकाग्रता से उन्हें आत्मसात करने की कोशिश करें। कोशिश करें कि आपके पास तरह-तरह के विषयों की पुस्तकें हों। इसका लाभ यह...

क्या है अध्ययन?

अध्ययन के संदर्भित एक आम और गलत धारणा यह कि अध्ययन करने में लगने वाला समय सीखने की मात्रा के सीधे आनुपातिक होता है। प्रभावी अध्ययन केवल यह नहीं है कि आप कितने समय तक पढ़ते हैं? बल्कि यह भी है कि आप कैसे पढ़ते हैं? क्यों पढ़ते हैं? और पढ़कर क्या सीखते हैं? जानकारी को वास्तव में समझने और बनाए रखने के लिए केवल पाठ या नोट्स को पढ़ना और फिर से पढ़ना पर्याप्त नहीं हो सकता है। यह कहा जाता है कि अध्ययन उबाऊ और चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यदि आप हर क्षेत्र की सामग्री को अपने लिए प्रासंगिक और सार्थक बनाने के तरीके ढूंढते हैं तो यह दिलचस्प और आकर्षक भी हो सकता है तथा मार्गदर्शक भी। अध्ययन अर्थात् Study मार्गदर्शक भी हो सकती है। ज़रा इसे समझें कि एक दफा मेरे एक सहयोगी से भावी मुलाकात एक स्थान और समय को लेकर तय हो गई। उस स्थान पर पहुंचने से पूर्व मेरे एक परिजन से मेरी मेरे सहयोगी के संदर्भ में बात हुई। और! उसी दौरान मार्ग से गुजरे मेरे सहयोगी ने मेरी कही बात का गलत भाव लेकर मिलने पर उस संदर्भ में मुझसे नाराजगी व्यक्त की। तब अपने अध्ययन की जीवन में मेरे गुनने के अभ्यास के कारण मैंने उस घटनाक्रम का...

जटिल प्रकृति के काम

आज की यदि बात करें, तो दुनिया बहुत आगे बढ़ गई है। ऐसी- ऐसी तकनीक आ गई हैं, जिनकी बदौलत कठिन-से-कठिन काम को आसानी से किया जा सकना संभव है, लेकिन इतनी तेजी से बढ़ती दुनिया में अभी भी कुछ ऐसे काम हैं जिनको सुगमतापूर्वक किया जा सकना संभव नहीं। वो  हर किसी के लिए मुश्किल हैं और जिनको करना शायद ही किसी के वश में हो। तो आइए देखते हैं, दुनिया के कुछ सबसे मुश्किल कामों को जिनका विवरण इस प्रकार है- अपने काम से काम रखना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है अपने काम से काम रखना। ऐसा इसलिए है क्योंकि आज लोगों की प्रवृत्ति ऐसी हो गई है कि वे अपने से ज्यादा दूसरों पर ध्यान देते हैं। आज लोग सिर्फ ऐसे ही सोचते हैं कि वो ऐसा कर रहा है, उसको ऐसा करना चाहिए। वो ऐसा करेगा तो ऐसा होगा। ऐसे दुनिया भर की तमाम बातें हैं जो वो दूसरों के लिए सोचते हैं। अपनी चिंता करने के बजाए दूसरों की चिंता करते हैं। शायद ही कोई ऐसा होगा जो सिर्फ अपने काम से काम अर्थात् मतलब रखे। आज लोग इतने आक्रामक हो गए हैं या इतने शिक्षित हो गए हैं कि वो दूसरों की खुशी में अपनी खुशी तलाशने की कोशिश करते हैं। जैसे किसी को कुछ काम में ...

चिंता और उसका प्रभाव

           जैसा आपने संलग्न विचार को पढ़ा। तो यह जान लेना जरूरी है कि चिंता कथित खतरों या अनिश्चितता के लिए एक स्वाभाविक और अक्सर सहज प्रतिक्रिया है। मनुष्य के रूप में, हमारे पास उन चीजों के बारे में चिंता करने की प्रवृत्ति होती है जो हमें लगता है कि हमारे नियंत्रण से बाहर हैं या संभावित रूप से हमें किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे कई कारक हैं जो चिंता में योगदान दे सकते हैं, जिनमें आनुवांशिकी, पिछले अनुभव और सीखे हुए व्यवहार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, काम के दबाव, रिश्ते की कठिनाइयों, वित्तीय चिंताओं और स्वास्थ्य समस्याओं जैसे पर्यावरणीय तनाव सभी चिंता और चिंता की भावनाओं में योगदान कर सकते हैं, जबकि चिंता कभी-कभी हमें कार्रवाई करने या खतरनाक स्थितियों से...

अध्ययन और उसकी भूमिका

हमारे जीवन में अध्ययन की भूमिका बहुआयामी और आवश्यक है।  अध्ययन हमें ज्ञान प्राप्त करने, महत्वपूर्ण सोच कौशल विकसित करने और हमारे दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मदद करता है।  यह हमें अपने आसपास की दुनिया की गहरी समझ हासिल करने और विभिन्न विषयों की जटिलताओं और बारीकियों की सराहना करने में सक्षम बनाता है। अध्ययन भी व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  अध्ययन करके हम अपने संचार कौशल में सुधार कर सकते हैं, अपनी समस्या को सुलझाने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं और अपनी रचनात्मकता को विकसित कर सकते हैं।  इसके अलावा, अध्ययन हमें अपनी रुचि के क्षेत्रों में नवीनतम विकास के साथ अप-टू-डेट रहने और परिवर्तनों और नई चुनौतियों के अनुकूल होने में मदद करता है।  इन लाभों के अतिरिक्त, अध्ययन का हमारे मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।  बौद्धिक गतिविधियों में संलग्न होना संतुष्टिदायक और सुखद हो सकता है, और हमें उद्देश्य और उपलब्धि की भावना दे सकता है।  कुल मिलाकर, हमारे जीवन में अध्ययन की भूमिका सीखने और विकास को सुगम बनाना ...

अधरों की मुस्कान

अधरों की मुस्कान  अधरों की मुस्कान मनोहर मन की पीड़ा हरती है।  पनपे  द्वेष-भाव  मानव  के  दूर  पलों में करती है।   अन्तस  में  प्रवेश  हेतु  ही अधर  बने पावन द्वारा।  अधरों  की  मुस्कानों  से तो शत्रु भी खुद को हारा। अलग अधर जब भी होते हैं शोभा थोड़ा घबराती।  लेकिन जब भी अधर मिले हैं प्रेम अनूठा ये उपजाती।  अधरों से निकली बोली ही प्रेम व घृणा भरती है।  पनपे  द्वेष-भाव  मानव  के  दूर  पलों में करती है ।।१॥   तन  में  जो  भी  दो इन्द्री हैं नहीं कभी  भी मिल पातीं।  संग कान के आँख नाक भी सदा मिलन को ललचातीं।  मात्र  अधर  का मिलन सदा ही हर सपना साकार करे।  खुलकर  मीठे  बोल   परोसे  मिले   परस्पर प्यार  भरे।  अधरों  की  मधुरिम  बोली  से  भक्त  भावना झरती है।  पनपे  द्वेष-भाव  मानव  के  दूर  पलों में करती है ।। २॥ ...