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जीवन की सीख

यह दिलचस्प है कि आकलन करने की क्षमता के सीमित होने से उसका परिणाम इस रूप में सामने आया है कि विश्व भर में हम विविध चीजों में भेद कर पाने में विफल रहने लगे हैं। उज्ज्वल और कलुषित मानसिकता को समझ पाना और अच्छे बुरे में भेद कर पाना अब जटिल हो गया है और किसी एक में नहीं हर क्षेत्र में, जबकि एक अच्छे कार्य का छोटा सा प्रयास भी महत्वपूर्ण होता है। ठीक ऐसे जैसे बूँद बूँद से घड़ा भरता है वैसे ही छोटे छोटे प्रयासों से सत्कार्यों को गति मिलती है. कहने का आशय सिर्फ इतना सा है कि बाधाओं की परवाह किये बगैर सत्कर्मों की दिशा में प्रयासों को जारी रखें. और! जीवन की अनिवार्यताओं को जानें- समझें और आत्मसात करें।

समझें जरूरत व रुचि को

जीवन में सामान्य गतिविधियों से विलग ऐसी अनंत गतिविधियाँ हैं जिनके माध्यम से हम अपने में भविष्य को संवार सकते हैं। केवल परिष्कृति की आदत को विकसित करके हम समाज के हर वर्ग से अलग दिख सकते हैं। जरूरत बस प्रण करने की है। पढ़ाई लिखाई से अलग हमें अपने सामाजिक  कौशल को विकसित करने के भरपूर अवसर  जीवन भर मिलते हैं। इससे सदैव सीखने में मदद मिल सकती है कि- दूसरों के साथ कैसे काम करना है? प्रभावी ढंग से कैसे संवाद करना है?  और  कैसे अपने नेतृत्व कौशल को विकसित करना   है? किसी भी क्षेत्र में परिष्कृति संबन्धित लोगों की व्यक्तिगत रुचियों और प्रतिभाओं को विकसित करने में मदद कर सकती है। जिन भी गतिविधियों में रुचि है, उनमें भाग लेकर हम अपना आत्मविश्वास सरलतापूर्वक बढ़ा सकते हैं।  नए कौशल विकसित कर सकते हैं और नए जुनून की खोज आत्मनिर्भर होकर कर सकते हैं। अनेक गतिविधियाँ शारीरिक प्रकृति की होती हैं, जैसे खेल या नृत्य। इन गतिविधियों में भाग लेकर न सिर्फ अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है, बल्कि समन्वय और संतुलन विकसित करने और तनाव कम करने में भी मदद मिलती है। अकादमिक...