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प्रतिभा को जानें

मासिक उलझन सुलझन के सौजन्य से आपके सम्मुख प्रस्तुत है समाजशास्त्री डा. राकेश राणा जी की आई.आई.एम. के सेवानिवृत्त शिक्षाविद्  प्रो. (डा०) जगदीप छोकर जी से बातचीत। श्री छोकर एक लब्धप्रतिष्ठ कानूनविद और सोशल एक्टिविस्ट भी हैं। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती किरण छोकर  भी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शख्सियत हैं। इस दंपति ने अपनी पी. एच-डी. अमेरिका से कर करियर अपने देश ही में बनाया। श्री छोकर आई.आई.एम. अहमदाबाद में डीन भी रहे। श्री छोकर की लेखन क्षमता भी अद्वितीय है और उनके लेख देश के लगभग समस्त समाचार-पत्रों ही में समय समय पर प्रकाशित होते रहते हैं। फिलवक्त वे एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) नामक संगठन से जुड़े हुए हैं, जो अपने क्षेत्र में विविध प्रकृति के शोधों में संलग्न एक संगठन है।                                     साक्षात्कार  

जीवन में अध्ययन की भूमिका

     हमारे जीवन में अध्ययन की भूमिका बहुआयामी और आवश्यक है। अध्ययन हमें ज्ञान प्राप्त करने, महत्वपूर्ण सोच कौशल विकसित करने और हमारे दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मदद करता है। यह हमें अपने आसपास की दुनिया की गहरी समझ हासिल करने और विभिन्न विषयों की जटिलताओं और बारीकियों की सराहना करने में सक्षम बनाता है।      अध्ययन भी व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अध्ययन करके हम अपने संचार कौशल में सुधार कर सकते हैं, अपनी समस्या को सुलझाने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं और अपनी रचनात्मकता को विकसित कर सकते हैं। इसके अलावा, अध्ययन हमें अपनी रुचि के क्षेत्रों में नवीनतम विकास के साथ अप-टू-डेट रहने और परिवर्तनों और नई चुनौतियों के अनुकूल होने में मदद करता है।      इन लाभों के अतिरिक्त, अध्ययन का हमारे मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बौद्धिक गतिविधियों में संलग्न होना संतुष्टिदायक और सुखद हो सकता है, और हमें उद्देश्य और उपलब्धि की भावना दे सकता है।      कुल मिलाकर, हमारे जीवन में अध्...