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व्यक्तित्व का सरल से विशिष्ट में बदलना

     कैलाशो, जो कल तक एक व्यक्तित्व थी, जनवरी 2017 तक एक प्रेरणा बन विशिष्ट कोटि की बन चुकी थी। उस समय जब जनवरी 2017 में उन्होंने अपना शरीर त्यागा। उनकी उम्र यद्यपि बहुत से  ज्यादा नहीं थी, परन्तु उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सुना, बुना और सीखा था जिसने उनकी नई पीढ़ी को सीखने में बेहद मदद की।      मानव जीवन से आशय केवल नैत्यिक क्रियायें कर देने भर से नहीं है। जीवन के इस सत्य को कैलाशो देवी ने तब माना था जब वे अल्पायु में ही विधवा हो गई थीं। जीवन कितना कठोर है इसकी अनुभूति भी उनको तब ही हुई। मुजफ्फरनगर के छोटे से गाँव अन्ती में जन्मी कैलाशो देवी को उनके घर से जो मूल्य व है संस्कार मिले। उन्होंने उनको अपने जीवन की कलाकृति को आकार प्रदान करने में मदद की। सामाजिक छल-कपट के माहौल से दूर  साधारण शारीरिक सौष्ठव वाली कैलाशो देवी कब दृढ़प्रतिज्ञ हो गईं इसका आभास स्वयं उनको भी नहीं हो सका। एक सामान्य महिला की भाँति उन्होंने भी अपना ग्रहस्थ जीवन अपने अभिभावकों के  निर्देशन में आरंभ किया। यह उन्होंने वैवाहिक गठबन्धन होते ही तय कर लिया था कि ...

ग्राम पाठशाला की दैनंदिनी

6 जून, 2023  ग्रामीण क्षेत्र के अपने भविष्य को बुनने को तत्पर अनगिनत युवाओं की टेलीफोन कॉल्स, व्हाट्सएप संदेश, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया माध्यम, चिट्ठी और अन्य तरीकों से टीम ग्राम पाठशाला से संपर्क के लिए उत्साहित युवा वर्ग को संतुष्ट करने के लिए उनके अपने गाँवों में जन-जागरण हेतु आमंत्रित करने के ध्येय से टीम ग्राम पाठशाला ने निर्णय लिया कि उस से जुड़े सभी सदस्य 7 जून से 11 जून तक पाँच दिनों के लिए अपने-अपने घर छोड़कर दिन-रात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाँवों में लोगों को पाठशाला/लाइब्रेरी निर्माण के लिए जागरूक करने के लिए पैदल यात्रा करेंगे। इस पैदल यात्रा में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, MMH कॉलेज, गाजियाबाद, राम चमेली चड्ढा महिला कॉलेज और GN ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूटस का भी नैतिक और भौतिक सहयोग रहेगा। यात्रा का शुभारंभ कल यानि 7 जून 2023 की सुबह 9 बजे ग्रेटर नोएडा के गाँव घरबरा से जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर हरी झंडी दिखाकर करेंगे। टीम ग्राम पाठशाला आपकी दुआओं और आशीर्वाद की आकांक्षी है।   दिनांक 7 जून, 2023  आज ग्रेटर नोएडा के गाँव घरबरा से ...

देहदान - अंगदान : अद्वितीय, साहसिक व दूरंदेशी भरा निर्णय

मृत्यु के बाद देहदान-अंगदान का संकल्प कर जरूरतमंद लोगों को दृष्टि व जीवन प्रदान कर  योग्य चिकित्सकों को देहांगों का पुनः सदुपयोग करने कंधों का सुअवसर देकर समाज में नई रोशनी का संचार किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर ऐसे संकल्पों को मूर्त रूप देने का का कार्य दधीचि देहदान समिति कर रही है, जिसके संकल्प पत्र को भरने वालों में आरंभिक तीसरे नंबर के दम्पति खेतिहर गुर्जर जाति के श्री भीम सिंह व उनकी पत्नी कैलाशवती रहे। एक दंपति के रूप में तो देहदान करने वाले ये प्रथम थे। यह एक उत्तम सोच व पहल थी। इस ही क्रम में सहारनपुर के दूभर किशनपुर की कमला देवी का भी उल्लेख किया जा सकता है। जिन्होंने 86 वर्ष को अवस्था में गति पाई। इनके परिजन भी प्रशंसा के पात्र हैं कि उन्होंने तो शव संरक्षण के लिए डीप फ्रीजर भी डोनेट किया। यहां पर कमला जी संबंधित समाचारों का संकलन प्रदर्शित कर जनजागरूकता का प्रयास किया जा रहा है। सूचना स्रोत - श्री बलबीर तोमर जी

युवाओं को सेवा के अवसर

दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी डॉ. मोनू सिंह की एनसीईआरटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति होने पर डाक्टर मोनू सिंह तथा उत्तर प्रदेश के गजरौला के ग्राम चकनवाला निवासी कुमारी विनीता के संस्कृत के प्रवक्ता के रूप में दिल्ली में नियुक्ति होने पर मासिक उलझन सुलझन की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  उत्तर प्रदेश के गजरौला क्षेत्र के गांव चकनवाला निवासी कुमारी विनीता ने डीएसएसबी-पीजीटी में चौथी रैंक प्राप्त की है और उनका चयन संस्कृत विषय में प्रवक्ता पद पर हुआ है। बेहद पिछड़े इलाके में शुमार एक गांव की बेटी का दिल्ली में प्रवक्ता पद पर चयन होने से परिवार में खुशी का माहौल है। गांव चकनवाला निवासी जयचंद्र सिंह की बेटी कुमारी विनीता ने चोटीपुरा स्थित श्रीमद दयानंद कन्या गुरुकुल से स्नातक किया। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए पानीपत के रुड़की स्थित विश्ववारा कन्या गुरुकुल में चली गई। विश्ववारा कन्या गुरुकुल में रहते हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से एमफिल की डिग्री हासिल करने के उपरांत उसने नेट तथा जे आर एफ क्वालीफाई किया।