मृत्यु के बाद देहदान-अंगदान का संकल्प कर जरूरतमंद लोगों को दृष्टि व जीवन प्रदान कर योग्य चिकित्सकों को देहांगों का पुनः सदुपयोग करने कंधों का सुअवसर देकर समाज में नई रोशनी का संचार किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर ऐसे संकल्पों को मूर्त रूप देने का का कार्य दधीचि देहदान समिति कर रही है, जिसके संकल्प पत्र को भरने वालों में आरंभिक तीसरे नंबर के दम्पति खेतिहर गुर्जर जाति के श्री भीम सिंह व उनकी पत्नी कैलाशवती रहे। एक दंपति के रूप में तो देहदान करने वाले ये प्रथम थे।
यह एक उत्तम सोच व पहल थी। इस ही क्रम में सहारनपुर के दूभर किशनपुर की कमला देवी का भी उल्लेख किया जा सकता है। जिन्होंने 86 वर्ष को अवस्था में गति पाई।
इनके परिजन भी प्रशंसा के पात्र हैं कि उन्होंने तो शव संरक्षण के लिए डीप फ्रीजर भी डोनेट किया। यहां पर कमला जी संबंधित समाचारों का संकलन प्रदर्शित कर जनजागरूकता का प्रयास किया जा रहा है।
सूचना स्रोत - श्री बलबीर तोमर जी
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