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यादें

यादें हैं सहारा, जीवन को विस्मृत होने से बचाने का।। और! जीवन को आकार देने का, साथ ही साथ उसको आकृति प्रदान करने का।।

नन्हे क़दमों की आहट

नन्हे क़दमों का आगमन था, उल्लसित  कर  देने  वाला। वहीं! नन्हे क़दमों का आत्मनिर्भर होना, आश्चर्यचकित  कर   देने  वाला   था।। नन्हे क़दमों की चंचल पदचाप, हर्षाती थी घर के जन जन को। नन्हे क़दमों का क्रमिक विकास, सतर्क  करता  था   सब को।। नन्हे क़दमों से आत्मसत्मीकरण, अद्भुत  अनुभूति  देता  था। नन्हे क़दमों में आता कौशल, हर कदम की प्रशंसा कराता था।। यह सब था अहसास,  परिवार में नवागंतुक के आने का।