छोटी-छोटी अच्छी आदतों से सुदृढ़ चरित्र निर्माण की पहल
रा.वा.उ.मा.वि. मानटाउन सन्मा. में कार्यरत उप-प्राचार्य सुनीता मीणा (निवासी शेरपुर-खिलचीपुर) ने एक विचार को क्रांति का रूप दे दिया है, जो अब एक आंदोलन की ओर अग्रसर है।
सुनीता मीणा का मानना है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतों से एक सुदृढ़ चरित्र का निर्माण होता है। इसी विचार को उन्होंने धरातल पर उतारने का प्रयास किया। विद्यालय में अध्ययनरत सभी बच्चों पर यह प्रयोग लागू किया गया। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन पाँच अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। यह कार्य वे बिना किसी के आदेश के, अपनी अंतरात्मा की आवाज से करते थे।
लगातार दस दिनों तक जिन बच्चों ने सर्वाधिक अच्छे कार्य किए, उन्हें सुनीता मीणा द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अनूठे प्रयोग से पूरे विद्यालय परिसर की काया ही पलट गई। बच्चे स्वेच्छा से प्रतिदिन पौधों में पानी देने, कचरा उठाने, साफ-सफाई करने, पौधों की निराई गुड़ाई करने, फर्नीचर व्यवस्थित रखने, लाइट-पंखे बंद करने तथा कक्षाओं और कमरों के गेट बंद करने जैसे कार्य करने लगे। इन कार्यों को करते हुए बच्चों को अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई।
सुनीता मीणा का मानना है कि इस प्रकार के छोटे-छोटे अच्छे कार्य हमारे भीतर अनुशासन का विकास करते हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इससे मन और मस्तिष्क का विकास होता है तथा विचारों का विस्तार होता है। साथ ही, अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध भी जागृत होता है, जिससे हम एक ईमानदार, सजग और सक्रिय नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं।
उनके अनुसार शिक्षा का प्रथम पाठ ही चरित्र निर्माण है। इसलिए यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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