भूमिका
जीवन में सीखने के लिए बहुत कुछ है और समाज की कुछ शुद्धमना विभूतियाँ इस दिशा में सदैव प्रयासरत रहती है कि कुरीतियों को उत्पन्न होने से रोक जाए और जीवन में नैतिक मूल्यों का जैसे भी समावेश हो सके वह सब प्रयास करके किया जाये।
सम्मानित साथियो
24 जनवरी 2026 की "संस्कार संध्या" की बैठक का मुख्य बिंदु 'Politeness अर्थात् विनम्रता' रहा, जिसमें विमर्श का बिंदु था -
"हम (Guardians/Parents और बच्चे) हर परिस्थिति में विनम्र कैसे रहें?"
व्यक्तिगत स्तर पर हम
*अपना सुधार - संसार की सबसे बड़ी सेवा के सिद्धांत को फॉलो करें।
*अपने अभिभावकों के प्रति हमेशा सम्मान और धन्यवाद का भाव रखें।
* अभिभावक और बच्चे परस्पर वार्ता के दौरान स्वर को यथासंभव धीमा रखने का प्रयास करें।
* अपने संबोधन में किसी को भी आप कहकर संबोधित करने का प्रयास और अभ्यास करें। आयु या छोटा अथवा बड़ा को भूलकर।
पारिवारिक स्तर पर
* सर्वप्रथम Parents - Guardians स्वयं पर ही सुधार करने का प्रयास करें। बच्चे तो स्वतः देखादेखी ही बात को पकड़ लेंगे।
* परिवार में पति और पत्नी दोनों की ही भूमिका अपनी-अपनी जगह महत्वपूर्ण है।
* कभी भी ईगो को बीच में ना आने दें। सामने वाले व्यक्ति से सदैव पूछते रहें - What can I do for you?
* मतभेद जैसी कोई बात यदि कभी हो भी जाती है तो उसे स्वयं ही या फिर किसी और के साथ कॉउंसलिंग कर शीघ्रातिशीघ्र उसका निदान करने का प्रयास करें।
सामाजिक स्तर पर
* किसी भी परिस्थिति में विवाद से बचें और यदि गाहेबगाहे कभी ऐसी प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हो भी जाये तो विनम्रता से उसे सुलझाने का प्रयास करें।
(नोट: जब तक कि मुद्दा बहुत गंभीर स्थिति में न आ जाए।)
* स्वयं को हमेशा नियंत्रण में रखें।
* सदैव स्वयं को संयमित रखते हुए प्रतिक्रिया करें।
झलकियाँ
सूचना स्रोत
श्री लालबहार जी
प्रस्तुति








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