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अति विशिष्ट अवसर को लेकर आत्मकथ्य

डॉ. लता अग्रवाल ‘तुलजा’ का आत्मकथ्य

साहित्य मेरे लिए महज अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन अनुभवों को साझा करने, समाज से संवाद करने की एक सतत प्रक्रिया रही है। इसी यात्रा के क्रम में मुझे ‘बेगम्स ऑफ़ भोपाल’ के छठे वार्षिक उत्सव के अवसर पर शिक्षा एवं हिंदी साहित्य के क्षेत्र में मेरे योगदान हेतु सम्मानित किया गया—यह मेरे लिए अत्यंत भावुक और आत्मसंतोष से भरा क्षण रहा।

यह आयोजन 11 दिसंबर से ऐतिहासिक गौहर महल में ‘परी बाज़ार’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो नवाबी दौर से ही भोपाल की सांस्कृतिक पहचान रहा है और जिसका मूल उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को सशक्त मंच प्रदान करना है। इस उत्सव के प्रथम दिवस पर शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, समाज सेवा एवं खेल जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाली 15 महिलाओं को सम्मानित किया गया—उनमें सम्मिलित होना मेरे लिए गौरव का विषय है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया जी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। ‘बेगम्स ऑफ़ भोपाल’ क्लब की अध्यक्ष एवं ‘परी बाज़ार’ की संचालिका सुश्री रुख़्शां जाहिद जी, सचिव श्रीमती बीनू धीर जी तथा अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को स्मरणीय बना दिया। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं वीर भारत न्यास के सहयोग से सम्पन्न यह आयोजन सांस्कृतिक चेतना का सुंदर उदाहरण रहा।

चार दिवसीय इस उत्सव में अमीन साबरी एवं तनवीर साबरी (पिता-पुत्र) की सूफ़ियाना प्रस्तुतियों ने आत्मा को छू लिया। “छाप तिलक सब छीनी रे” जैसे कलाम ने भाव और अध्यात्म के बीच अद्भुत सेतु रचा। इसके अतिरिक्त भोपाल की बेटी जायरा के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित पुस्तक की समीक्षा ने स्त्री-संघर्ष और आत्मबल को नई दृष्टि दी।

किड्स फ़ैशन शो में बच्चों का आत्मविश्वास और उत्साह देख मन प्रसन्न हुआ। वहीं गौहर महल परिसर में मध्यप्रदेश की लोक विरासत—गोदना कला, मंडला आर्ट, गोंडी आर्ट एवं हस्तनिर्मित शिल्प—ने हमारी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ने का अवसर दिया।

यह सम्मान मैं अपने व्यक्तिगत प्रयास का नहीं, बल्कि माँ सरस्वती के आशीर्वाद तथा मेरे सभी गुरुओं, विद्यार्थियों, पाठकों और सहयात्रियों का मानती हूँ, जिन्होंने मेरी साहित्यिक यात्रा को अर्थ दिया। यह सम्मान मुझे आगे भी लेखन, शिक्षण और समाज के प्रति अपने दायित्व को और अधिक  संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ निभाने की प्रेरणा देता है। 

झलकियाँ 



















सूचना स्रोत 
श्रीमती लता अग्रवाल 'तुलजा' 
पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 








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