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खंड विकास अधिकारी सुनित जी का आत्मकथ्य

भूमिका

किसी भी खंड विकास अधिकारी का दायित्व केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पक्ष—शिक्षा, संस्कृति, ग्राम नेतृत्व, युवा पीढ़ी और प्रशासन—के बीच सजीव अंतर्संबंध स्थापित करने का है। अपने भाव व्यक्त करते हुए सुनीत भाटी जी का विश्वास है कि वास्तविक विकास वही है जो संवाद, सहभागिता और संवेदनशीलता से उपजे। जब विद्यालय ग्राम का केंद्र बनता है, पुरातन छात्र वर्तमान को दिशा देते हैं, शिक्षक संस्कारों की मशाल थामते हैं और जनप्रतिनिधि सहभागी बनते हैं—तभी खंड स्तर पर किए गए प्रयास जनमानस के हृदय में विश्वास के रूप में उतरते हैं। इसी भावभूमि से प्रेरित होकर ऐसे आयोजनों में मेरी सहभागिता एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के साथ चलने, सुनने और साथ मिलकर भविष्य गढ़ने की प्रतिबद्धता का प्रकटीकरण है।

आत्मकथ्य | 12 दिसंबर 2025 | ग्राम मढियाई, विकास खंड सरधना

12 दिसंबर 2025 का दिन मेरे लिए एक औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि स्मृतियों, संवेदनाओं और भविष्य की उम्मीदों से भरा एक जीवंत अनुभव बन गया। ग्राम मढियाई, विकास खंड सरधना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के वार्षिक उत्सव एवं पुरातन छात्रों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ—यह मेरे लिए गर्व का क्षण भी था और आत्मिक संतोष का भी।

विद्यालय प्रांगण में प्रवेश करते ही विद्यार्थियों की आँखों में आत्मविश्वास, शिक्षकों के चेहरे पर समर्पण और ग्रामवासियों के मन में अपनापन स्पष्ट झलक रहा था। वार्षिक उत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘चक दे इंडिया’ थीम आधारित कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं थे, बल्कि यह संदेश दे रहे थे कि ग्रामीण अंचल का विद्यार्थी भी संकल्प, अनुशासन और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत है। मंच पर सजीव होते सपनों ने यह विश्वास और दृढ़ किया कि यदि अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास मिले तो यही बच्चे भविष्य के सशक्त नागरिक बनते हैं।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण रहा पूर्व छात्रों का सम्मान। वे छात्र, जिन्होंने कभी इसी विद्यालय की मिट्टी से सीख की पहली अक्षर-रेखा खींची थी, आज समाज में अपनी पहचान बना चुके हैं—उनका सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि शिक्षा की निरंतरता, संस्कारों की जड़ों और संस्थान की सफलता का सम्मान था। यह दृश्य वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया और यह विश्वास भी कि मेहनत और मूल्य कभी व्यर्थ नहीं जाते।

खंड विकास अधिकारी के रूप में मेरा यह दृढ़ मत है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ऐसे आयोजन ग्राम प्रधान, शैक्षणिक इकाइयों, अभिभावकों और प्रशासन के बीच विश्वास की सेतु बनाते हैं। विकास खंड स्तर पर किए जा रहे विविध प्रयास—शिक्षा, कौशल, सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना—तभी सफल होते हैं जब जनमानस स्वयं उन्हें अपना समझे। मधियाई का यह आयोजन उसी सहभागिता का सशक्त उदाहरण था।

मैं विद्यालय परिवार, ग्राम प्रधान, शिक्षकों, छात्रों और समस्त ग्रामवासियों को हृदय से बधाई देता हूँ। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह संदेश था कि जब शिक्षा, संस्कृति और समुदाय एक साथ चलते हैं, तब विकास केवल योजना नहीं—संस्कार बन जाता है।

झलकियाँ










सृजक

सुनित भाटी

खंड विकास अधिकारी

सरधना

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 




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