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करियर काउंसलिंग के माध्यम से भविष्य निर्माण

भूमिका

आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में जब हर विद्यार्थी अपने लिए एक सुनहरा भविष्य गढ़ने का स्वप्न देखता है, तब सही दिशा और उचित मार्गदर्शन का होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। शिक्षा केवल ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि जीवन की दिशा तय करने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में “करियर काउंसलिंग के माध्यम से भविष्य निर्माण” शीर्षक से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानना, उनके करियर से संबंधित भ्रमों को दूर करना और उन्हें उनके रुचि क्षेत्र के अनुरूप सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि करियर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जीवन का लक्ष्य और समाज में योगदान का माध्यम भी है।

करियर काउंसलिंग के माध्यम से भविष्य निर्माण"

"शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देना है।"  

इसी सोच को केंद्र में रखते हुए मैंने श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में छात्र-छात्राओं के लिए एक करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। मुझे हमेशा यह अनुभव हुआ है कि आज का युवा वर्ग शिक्षा तो प्राप्त कर रहा है, परंतु करियर की दिशा को लेकर उसके मन में अनेक प्रकार के प्रश्न और असमंजस बने रहते हैं। इसी कारण मैंने सोचा कि क्यों न एक ऐसा मंच प्रदान किया जाए जहाँ विद्यार्थी अपने मन की जिज्ञासाएँ रख सकें और उन्हें विशेषज्ञों से सटीक उत्तर प्राप्त हों।  

कार्यक्रम का आयोजन मेंटर-मेंटी समिति के अंतर्गत किया गया, जिसकी जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई थी। इस समिति का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षिक, मानसिक और करियर संबंधित सभी पहलुओं पर मार्गदर्शन देना है। 

इस सत्र में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह से भाग लिया। उन्होंने न केवल अपने करियर से जुड़ी जिज्ञासाएँ साझा कीं, बल्कि उन्हें समाधान भी प्राप्त हुआ। कई विद्यार्थियों ने यह स्वीकार किया कि यह सत्र उनके जीवन के लिए "दिशा-दर्शन" जैसा रहा।  

कार्यक्रम की अध्यक्षता कला संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. देवानंद सिंह ने की, जिन्होंने अपने अनुभवों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। वहीं, डॉ. राजीव पांडेय, श्री प्रिंस त्यागी, श्री अमित नागर, सुश्री सुनीता शर्मा, डॉ. संगीता रावत, मिस नगमा सलमानी, श्रीमती प्रीति शर्मा सहित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अपने-अपने विषयों से जुड़े करियर विकल्पों की जानकारी दी।  

मुझे यह कहते हुए हर्ष हो रहा है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य — “विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय करने के लिए प्रेरित करना” — पूर्णतः सफल रहा।  

मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब शिक्षक और विद्यार्थी दोनों संवाद के इस सूत्र में बंधते हैं, तब शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन बन जाती है।  

सूचना स्रोत


डॉ. नाज़ परवीन  

इतिहास विभाग, समन्वयक 

मेंटर-मेंटी समिति,  

श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 




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