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मधु खंडेलवाल जी की दृष्टि

 भूमिका

ऐसा कोई भी आयोजन या वृत्तांत जनता, नवाचारियों और प्रतिभागियों के बीच एक मजबूत और प्रेरणादायी सेतु का कार्य करता है, जहाँ साहित्य, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता एक साथ मिलकर संवाद का नया मंच तैयार करते हैं। प्रेम और समाज की सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को साझा करते हुए यह पहल न केवल रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती है, बल्कि सहयोग, मार्गदर्शन और अनुभवों के आदान‑प्रदान से अंतर्संबंध विकसित करने की दिशा में प्रेरणा प्रदान करती है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार की ऊर्जा और सहभागिता की भावना को बढ़ावा देते हैं, जिससे एक बेहतर, संवेदनशील और समृद्ध सांस्कृतिक वातावरण निर्मित होता है। यह आयोजन सभी को जोड़ते हुए साहित्य को समाज से, और समाज को आत्मीयता से जोड़ने की एक साझा यात्रा का प्रतीक बन गया है।

 
                    लेखिका कवयित्री के साथ संबोधन के दौरान

वृत्तांत 

आज का दिन मेरे लिए बेहद खास रहा। अजमेर की साहित्यिक धारा में एक नया अध्याय जुड़ता देखकर मन गर्व से भर उठा। जब काजल खत्री ने अपनी चार वर्षों की साधना से रचा हुआ संग्रह "ओस के बंडल में लिपटा बसंत है तुम्हारा प्रेम" मुझे दिखाया था, तभी मैं समझ गई थी कि इसमें सिर्फ कविताएं नहीं, बल्कि आत्मा का विस्तार और समाज के प्रति उसकी संवेदनशीलता समाहित है। आज उसका भव्य विमोचन समारोह देखना मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण था।

मुख्य अतिथि रत्न कुमार सांभरिया, अध्यक्ष डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, अंतरराष्ट्रीय कवि रास बिहारी गड, समाजसेविका एवं साहित्यकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व काजल की प्रतिबद्धता पर था — कितनी लगन, कितनी तपस्या, कितनी निष्ठा से उसने प्रेम और समाज की बातों को शब्दों में ढाला। जब उसने सार्वजनिक रूप से मेरे मार्गदर्शन का उल्लेख किया तो आँखें भर आईं। साहित्य में सहयोग और प्रेरणा का यही स्वरूप सबसे सुंदर होता है।

मुझे लगा कि आज सिर्फ एक पुस्तक का विमोचन नहीं हुआ, बल्कि एक नई आवाज़ को मंच मिला, एक नई पीढ़ी को दिशा मिली। प्रेम का संदेश देकर समाज में सकारात्मकता फैलाने का यह प्रयास मेरे हृदय के बहुत करीब है। ऐसे आयोजन साहित्य को जीवन से जोड़ते हैं, लोगों के बीच संवाद स्थापित करते हैं और समाज में संवेदनशीलता का संचार करते हैं।

समारोह के अंत में नेशनल स्पोर्ट्स अजमेर के विज्ञापन ने यह भी दिखाया कि साहित्यिक प्रयासों के साथ स्थानीय व्यापार और समाज का सहयोग कैसे नई ऊर्जा पैदा कर सकता है। यह कार्यक्रम साहित्य, समाज और सहयोग का एक सुंदर संगम बन गया।

मैं अपने आपको धन्य मानती हूं कि काजल जैसी प्रतिभाशाली लेखिका के साथ इस यात्रा में कदम से कदम मिलाकर चल सकी। मुझे विश्वास है कि यह पुस्तक प्रेम और सामाजिक जागरूकता का दीपक बनकर अनेक हृदयों में रोशनी फैलाएगी। यह दिन मेरी स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगा।


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