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एक व्याख्यात्मक नोट

एक व्याख्यात्मक नोट

विषय: भारतीय रेल सुरक्षा एवं जन-जागरूकता

वक्ता: रेलवे सुरक्षा बल, सब-इन्सपेक्टर श्री विनीत चौधरी

भारतीय रेल देश के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात साधनों में से एक है। इसकी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखना केवल रेलवे प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है कि वह निर्धारित नियमों का पालन करे।

रेल सुरक्षा बल के सब-इन्सपेक्टर श्री विनीत चौधरी ने होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा (मुजफ्फरनगर) में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए निम्न बिंदुओं पर विशेष बल दिया—

रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत गतिविधियाँ न करें।

   * प्रायः गाँवों और कस्बों के लोग रेलवे ट्रैक पर मॉर्निंग वॉक या अन्य कार्यों के लिए जाते हैं। यह अत्यंत खतरनाक है और दुर्घटना की आशंका को बढ़ाता है।

   * ट्रैक पर बैठना, रेल बनाना या खेल-कूद करना पूरी तरह निषिद्ध है।

चलती हुई ट्रेनों के पास सतर्कता बरतें।

   * कई बार बच्चे या शरारती तत्व चलती हुई ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं। इससे यात्रियों या चालक दल को गंभीर चोट लग सकती है।

   * ऐसी गतिविधियों में पकड़े जाने पर न केवल जेल की सजा हो सकती है, बल्कि भारी जुर्माना भी लगाया जाता है।

अजनबियों से सतर्क रहें

   * रेलवे स्टेशन या ट्रेन में किसी अजनबी से खाने-पीने की वस्तु कभी स्वीकार न करें। यह असुरक्षित हो सकता है।

आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करें।

   * किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत रेलवे कर्मचारियों से सहायता लें।

   * सुरक्षा संबंधित मामलों में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

   * महिलाओं की सुरक्षा हेतु हेल्पलाइन 182 पर विशेष सहायता उपलब्ध है।

निष्कर्ष

रेलवे सभी के लिए सुरक्षित तभी बनेगी जब हम स्वयं सजग रहेंगे और दूसरों को भी नियमों के पालन हेतु प्रेरित करेंगे। यात्रियों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें प्रत्येक नागरिक का योगदान आवश्यक है।






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