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विशेष अवसर पर चर्चा

भूमिका

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी न केवल प्रतिभाशाली कलाकारों के लिए एक मंच सिद्ध हुई, बल्कि यह सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता और कला-संवेदना के जीवंत संगम का अवसर भी बनी। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक पहलुओं को रंगों में उकेरा, जिससे दर्शकों को विविध दृष्टिकोणों और संवेदनाओं का अनुभव हुआ। यह आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहकर कला के मूल्यांकन, संवाद और नवाचार की दिशा में एक प्रेरक पहल प्रतीत हुआ।






साक्षात्कार

विषय: "राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का अनुभव और मूल्यांकन"

प्रश्न 1: यह राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी किसके द्वारा आयोजित की गई थी?

उत्तर: इस महत्वपूर्ण आयोजन का संचालन परिधि कला समूह ने किया, जिसमें नरेन्द्र मोदी विचार मंच और खेती कला संस्कृति मंच सहयोगी रहे।

प्रश्न 2: आयोजन किस अवसर पर हुआ था?

उत्तर: यह प्रदर्शनी और प्रतियोगिता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस (17 सितम्बर 2025) के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।

प्रश्न 3: इस प्रतियोगिता का विषय क्या है?

उत्तर: विषय था – प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ की गई योजनाएँ। कलाकारों ने अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से इन योजनाओं के सामाजिक और राष्ट्रीय प्रभाव को रचनात्मक ढंग से उकेरा जाएगा ।

प्रश्न 4: प्रतिभागियों को किस आकार में अपनी कृतियाँ प्रस्तुत करनी थीं?

उत्तर: कलाकारों ने अपनी रचनाएँ 24'' × 36'' अथवा 20'' × 30'' कैनवास आकार में प्रस्तुत कीं जयगी।

प्रश्न 5: प्रतिभागियों को अपनी पेंटिंग भेजने की अंतिम तिथि कब तक दी गई ?

उत्तर: सभी प्रतिभागियों को 30 सितम्बर 2025 तक अपनी कृतियाँ ईमेल द्वारा भेजनी है।

प्रश्न 6: चित्रकला प्रदर्शनी देश में कहाँ कहाँ लगायी जाएगी ?

उत्तर: प्रदर्शनी सर्वप्रथम दिल्ली में आयोजित होगी। उसके बाद भारत के प्रमुख शहरों में यह प्रदर्शनी लगायी जाएगी।

प्रश्न 7: आयोजन का सबसे विशेष पहलू क्या है ?

उत्तर: सबसे खास बात यह है कि चयनित और उत्कृष्ट चित्रों को संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा । इससे कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को पहुँचाने का अवसर मिलेगा।

प्रश्न 8: इस आयोजन से समाज और कलाकारों को क्या संदेश मिलेगा ?

उत्तर: यह आयोजन इस बात का प्रतीक बनेगा कि कला केवल सौंदर्य और रचनात्मकता का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में जनचेतना फैलाने और विकास की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का एक प्रभावी साधन भी है।

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