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पॉज़िटिव पेरेंटिंग वर्कशॉप

पॉज़िटिव पेरेंटिंग वर्कशॉप 

(संक्षिप्त एवं सारगर्भित रिपोर्ट)


Visionary

स्थान: होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर

तारीख: 31 जुलाई 2025 (गुरुवार)

उद्देश्य: अभिभावकों को सकारात्मक पालन-पोषण (Positive Parenting) के महत्व और सही तरीकों से अवगत कराना।

1️⃣ कार्यक्रम का शुभारम्भ

मुख्य वक्ता संजय आहूजा, पूजा आहूजा, रीटा दहिया, आदित्य दहिया, प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया और अभिभावकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुरुआत।

उद्देश्य

परिवार में सकारात्मक माहौल बनाना ताकि बच्चे स्वस्थ मानसिकता के साथ विकसित हो सकें।

2️⃣ मुख्य वक्ता संजय आहूजा – प्रेरक संदेश


बच्चों का व्यवहार = अभिभावकों का प्रतिबिंब

"बच्चे वही दोहराते हैं जो वे देखते हैं।"

सकारात्मक दृष्टिकोण

बच्चों के गुणों पर ध्यान दें

अच्छे व्यवहार की तारीफ़ करें

छोटी गलतियों को अनदेखा करें

वातावरण का महत्व

बच्चों को बदलने की बजाय घर का माहौल सुधारें

शांत, सहयोगी और प्रेमपूर्ण वातावरण से बच्चा स्वयं सुधरता है

स्वयं में बदलाव

"यदि मैं बेहतर इंसान बन जाऊं, तो परिवार भी स्वतः बेहतर बन जाएगा।"

भाषा सुधार

अभिभावकों की भाषा और व्यवहार बदलने से बच्चे में आत्मविश्वास बढ़ता है

व्यावहारिक सुझाव

माता-पिता मिलकर दैनिक टाइम-टेबल बनाएं

बच्चों को प्यार से सिखाएं, यह सीख जीवनभर रहती है

3️⃣ प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया – शिक्षा में सहयोग का संदेश



नियमित उपस्थिति

स्कूल में अनुपस्थित रहने से पढ़ाई प्रभावित होती है

माता-पिता बच्चों की उपस्थिति पर नज़र रखें

अभिभावक-शिक्षक संवाद

समय-समय पर स्कूल आकर शिक्षकों से संवाद करें

होमवर्क और अध्ययन आदत

अगले दिन की कक्षा का पाठ घर पर पढ़वाएं

होमवर्क की नियमित निगरानी करें

निर्णय लेने की क्षमता:

बच्चों को खुद निर्णय लेने के लिए प्रेरित करें

इससे आत्मनिर्भरता और समस्या-समाधान की क्षमता बढ़ती है

भावनात्मक बदलाव

ईर्ष्या, क्रोध, चिड़चिड़ापन जैसे व्यवहार के कारणों को समझें

भाई-बहनों में कभी तुलना न करें

कमजोर विषयों पर ध्यान

कठिन विषय को समझने का प्रयास करें, शिक्षक से मार्गदर्शन लें

मोबाइल का सीमित उपयोग

बच्चों के सामने मोबाइल का अधिक प्रयोग न करें

उनसे संवाद बढ़ाएं और रचनात्मक कार्यों में शामिल करें

4️⃣ पूजा आहूजा – अभिभावकों की भूमिका पर बल



बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं

उनके साथ संवाद और सहभागिता रखें

बदलाव लाने के लिए परिवार का वातावरण सुधारें

सकारात्मक माहौल बच्चों के व्यवहार में स्वतः सुधार लाता है

5️⃣ कार्यक्रम का समापन

प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों, मातृशक्ति और अतिथियों का आभार व्यक्त किया

सम्मान प्रतीक देकर मुख्य वक्ताओं का सम्मान किया


कार्यशाला का समापन सकारात्मक वातावरण बनाने के संदेश के साथ हुआ

✅ मुख्य सीख

बच्चे हमारे व्यवहार का आईना हैं

वातावरण सुधारने से बच्चे का स्वभाव बदलता है

अभिभावक और शिक्षक की साझेदारी बच्चों की सफलता की कुंजी है

सकारात्मक भाषा, समय पर ध्यान और रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती हैं।

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