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एबीवीपी का छात्र उत्सव

भूमिका

छात्र चेतना से राष्ट्र निर्माण तक की यात्रा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, विचार, संकल्प और संस्कारों का वह सशक्त मंच है, जहाँ से राष्ट्र निर्माण की ध्वनि उठती है। एबीवीपी के 76 वर्षों की गौरवशाली यात्रा केवल आयोजनों और आंदोलन की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस चेतना की कथा है, जो हर छात्र के अंतर्मन में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और समाज के लिए समर्पण को जागृत करती है।

मुजफ्फरनगर के जडौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित यह छात्र उत्सव एबीवीपी के उद्देश्य, भावना और दिशा को जीवंत करता है। यहाँ मंच केवल भाषणों का नहीं था—यह संवाद, प्रेरणा, अभ्यास और आत्म-निर्माण का संगम था। दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस उत्सव में जब राष्ट्रभक्ति की लौ जली, तब विद्यार्थियों के मन में सेवा, अनुशासन और आत्मबल की चिंगारी भी प्रज्वलित हुई।

कार्यक्रम के विभिन्न सत्र—खेल, उद्बोधन और सम्मान—के माध्यम से जहाँ एक ओर छात्रों में शारीरिक एवं मानसिक स्फूर्ति का संचार हुआ, वहीं दूसरी ओर सामाजिक चेतना और आत्मचिंतन का संदेश भी गूंजा। राष्ट्रभक्ति से लेकर आत्मविकास तक, नेतृत्व से लेकर सहयोग तक, यह आयोजन एबीवीपी की उस विचारधारा को साकार करता है, जिसमें ‘विद्यार्थी’ केवल डिग्री प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र की नींव रखने वाला विचारशील नागरिक होता है।

प्रवक्ता हों या प्रधानाचार्य, संयोजक हों या अतिथि—सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि जब विद्यार्थी संगठनात्मक अनुशासन, संस्कार और सतत प्रयास के मार्ग पर चलता है, तब वह केवल अपना भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज और देश का भविष्य भी उज्ज्वल करता है।

यह उत्सव केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस व्यापक यात्रा का प्रतीक है जिसमें हर विद्यार्थी देश की चेतना बन सकता है, अगर वह संगठन, सेवा और स्वाध्याय से जुड़ जाए।

विवरण

छात्रों में संस्कार और उत्साह का संचार करता एबीवीपी का छात्र उत्सव

स्थान: होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर
आयोजक: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), मुजफ्फरनगर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मुजफ्फरनगर जिले में एक विशेष छात्र उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निरवाल, एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया, विभाग संगठन मंत्री ओजेश गौर सहित अन्य अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

खेलों से फिटनेस का संदेश

छात्र उत्सव में खेल सत्र का उद्घाटन करते हुए डॉ. वीरपाल निरवाल ने विद्यार्थियों को खेलों में भाग लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 

"विद्यार्थी जीवन में खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा और ऊर्जा भी देता है।"

राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा का मार्गदर्शन

क्षमा शर्मा ने बताया कि 




"एबीवीपी को 76 वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी न केवल कॉलेजों में, बल्कि समाज के हर कोने में सक्रिय है और युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और संस्कार जगाने का कार्य करता है।"

"संस्कारों की पाठशाला है एबीवीपी" – प्रधानाचार्य दहिया
कार्यक्रम अध्यक्ष और विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने कहा कि 

"विद्यार्थी परिषद सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण की पाठशाला है। उन्होंने सभी छात्रों से अनुशासन, स्वस्थ शरीर और स्वाध्याय को जीवन में अपनाने की अपील की ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुँच सकें।"

सम्मान और समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार प्रकट किया गया।

उपस्थित कार्यकर्ता
इस आयोजन में विभाग संयोजक आकाश भारती, जिला संयोजक आकाश बालियान, जिला सहसंयोजक वैभव चौधरी, जयदीप गौड, पवन सिवाच, यश लोहान, रामानंद रावल, अनुराग त्यागी, विवेक सैनी, प्रियांशी अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्य क्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। 

सूचना स्रोत

श्री प्रवेंद्र दहिया

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प्रस्तुति


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