भूमिका
हमारे देश के शहीदों के शौर्य, पराक्रम और पुरुषार्थ का स्मरण करने के ध्येय से आज राष्ट्रवादी मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन का विवरण यहां पर दिया जा रहा है।
विवरण
राष्ट्रवादी मित्र-मंडल के तत्वावधान में 'एक शाम शहीदों के नाम' भाव से कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत माता के उन वीर सपूतों को समर्पित था, जिन्होंने 23 मार्च 1931 को राष्ट्रहित में अपने प्राणों का बलिदान दिया।
कार्यक्रम रविवार, 23 मार्च 2025 को सायं 5:00 बजे आई.आई.एम.टी. कॉलेज, माल रोड, मेरठ में प्रस्तावित था जिसके समस्त राष्ट्रप्रेमी बंधुओं से अनुरोध किया गया था कि इस गरिमामयी कार्यक्रम में सपरिवार पधारकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँ एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ० मयंक अग्रवाल (चेयरमैन, आई.आई.एम.टी.) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता श्री बृजभूषण गर्ग ने की। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आर.एस.एस से श्री अनिल जी और श्री कपिल अग्रवाल जी थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि ए.डी.जी.पी. श्री धुवकांत ठाकुर तथा सांसद प्रतिनिधि श्री दीपक गुप्ता थे।
कार्यक्रम के लिए आमंत्रित कवियों में
🎤 श्री सत्यपाल सत्यम् के काव्य शब्द इस प्रकार थे -
"धरती से पानी निकलेगा अर्जुन जैसा बाण चाहिए,
मरघट के मुर्दे उठ जाएँ ऐसा स्वर में प्राण चाहिए।
आजादी को कायम रखने की खातिर बलिदान चाहिए,
अभी भगत सिंह मरे नहीं है जनता में ईमान चाहिए।।"
🎤 सुश्री तुषा शर्मा की कविता के भाव इस प्रकार थे -
"लब पर हँसी तो आँख में पानी लिए हुए,
बैठे हैं आप कैसी कहानी लिए हुए।
एहसान उनका हमसे चुकाया न जाएगा,
झूले जो सूलियों पे जवानी लिए हुए।।"
🎤 सुश्री प्रीति अग्रवाल की कविता के भाव कुछ यों थे -
"भगत सिंह मां से है बोला यदि घर वापस आऊंगा,
जिन पर भी तेरा हक है वो सब खुशियां लौटाऊंगा।
मात भारती का भी मैया मुझको कर्ज चुकाना है,
जीते जी या मर कर आजादी की दुल्हन लाऊंगा।।"
🎤 श्री सुल्तान सिंह 'सुल्तान' के भाव कुछ यों थे -
"वो बिल्कुल अलबेला था आजादी के दीवानों में,
आजादी बसती थी उसके लोहू में अरमानों में।
जो अपने बचपना में खेतों में बंदूकें बोता था,
युगों युगों तक याद किया जाएगा अमर जवानों में।।"
सूचना स्रोत
श्री सुमनेश 'सुमन'
सूचना उन्नयन
चैट जीपीटी
प्रस्तुति






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