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लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध शख्सियत हैं मेघना

भूमिका 

आज हम आपके लिए एक विशेष साक्षात्कार लेकर आए हैं, जो उन सभी महत्वाकांक्षी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो निष्पक्ष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयासरत हैं।  

यह साक्षात्कार उन संघर्षों, चुनौतियों और विजय की कहानियों को उजागर करेगा, जो यह सिद्ध करती हैं कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी बाधा आपके सपनों की राह में रुकावट नहीं बन सकती। हम एक ऐसी युवती से मिलेंगे, जिसने कठिन और जटिल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत और लगन से सफलता की मिसाल कायम की।  

हमारा उद्देश्य केवल सफलता की कहानियां गढ़ना या उनको साझा करना नहीं है, बल्कि इस साक्षात्कार जैसे उदाहरणों से आपको यह एहसास कराना है कि आपका हर सपना महत्वपूर्ण है, और उसे पूरा करने की शक्ति भी आपके भीतर ही है। इस बातचीत में हम न केवल परीक्षा की तैयारी के तरीकों पर चर्चा करेंगे, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच के महत्व को भी समझेंगे।  

तो आइए, इस प्रेरणादायक संवाद का हिस्सा बनें और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएं!

एक युवती के सपनों की उड़ान

साथियो! आइए आज हम मिलते हैं मेघना जी से जो हरियाणा के फरीदाबाद जनपद के अनंगपुर की निवासी राजबीर लोहिया और मितलेश जी की पुत्री हैं और संदीप रावत गुर्जर (गांव सागवान भिवानी हरियाणा) की धर्मपत्नी है अभी हाल ही में एक उत्तम शासकीय सेवा अस्सिटेंट सेक्शन ऑफिसर के लिए चयनित हुई हैं। यद्यपि वो पहले भी शासकीय सेवा में थी लेकिन बेहतर करने के इरादों वाले सदैव

कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा आपको सफलता पाने से नहीं रोक सकती। ऐसी ही प्रेरणादायक उदाहरण है मेघना जी, जिन्होंने एक कामकाजी गृहिणी होते हुए भी अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर एक प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इसके लिए मेघना ने अपने पल पल का सदुपयोग किया। वह आते-जाते वक्त में लगने वाले एक घंटे के समय में भी पढ़ाई करती थी ऑफिस में टाइम मिलता था तो उसमें भी वह पढ़ाई करती थी और तो और उसने अपनी मैटरनिटी लीव के दो महीने में भी जमकर पढ़ाई की। 

शादी के बाद से अपनी घरेलू जिम्मेदारियों में भी व्यस्त हो गई , लेकिन उनके मन में हमेशा पढ़ाई और करियर को ओर आगे बढ़ाने की इच्छा बनी रहती थी। 

मेघना ने ठान रखा था कि वे अपने सपने को अवश्य ही साकार करेंगी। उनके पति और परिवार ने भी उनका साथ दिया, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल सका। रोज़ाना 4-5 घंटे पढ़ाई करना, नोट्स बनाना और ऑनलाइन मॉक टेस्ट देना उनकी दिनचर्या बन गई थी। मेघना ने तैयारी में भरपूर मेहनत की और सफलता की इबारत लिखी।मेघना उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो शादी और परिवार के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी परिस्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती है।  

उनका संदेश है – 

" सही प्रबंधन और समर्पण से कोई भी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।"

बातचीत

ज्योति - मेघना जी सर्वप्रथम तो आपको बधाई। आप यह बताइए कि आपने इस प्रतियोगी परीक्षा की जो तैयारी की वो कैसे और कितने घंटे आप रोजाना पढ़ती थीं?

मेघना - "मैडम, वास्तव में इसके लिए मेरी प्रिपरेशन ना 2017 से चल रही थी यूपीएससी के लिए। मैंने उसमें तीन अटेम्पट किये थे। यूपीएससी में एसएस सी में लेकिन मैं एक दो मार्क्स से रह जाती थी। इंटरव्यू में और जो फाइनल मेन्स होता है अक्सर। वैसे मैं ऑल रेडी वर्किंग हूँ मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस में, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में।"

ज्योति - मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस में ओके, तो मतलब गवर्नमेंट जॉब आपकी पहले से ही थी लेकिन आप यूपीएससी के लिए फिर भी प्रिपरेशन कर रहे थे।

मेघना - "हाँ जी, क्योंकि वास्तव में जब मैं तैयारी कर रही थी तो नोटिफिकेशन निकला था। लगभग दस से बारह वर्षों के बाद । तो उस टाइम पर मै मैटरनिटी लीव पर थी।"

ज्योति - ओके?

मेघना - फिर मुझे दो महीने हुए तो जब मेरे पास टाइम था मैं फ्री थी तब मैंने सोचा कुछ एग्जाम की पढ़ाई कर लेती हूँ। उसमें जो जो सब्जेक्ट की डिमांड्स हैं, वो सारी मैंने पढ़ीं।

ज्योति - जी हाँ खाली वक्त का आपने सही इस्तेमाल किया।

मेघना - फिर मेरा मेंस एग्जाम क्लियर हो गया था । उसके बाद बाकि सब इंटरव्यू भी हो गया। 

ज्योति - इसमें मुख्य रूप से कोई एक विषय है जिसकी तैयारी करनी होती है या फिर सभी विषयों की करनी होती है।

मेघना - मैडम, वास्तव में पहले तो अपना खुद का विषय होना चाहिए जिसमें आपने स्नातक स्तर की पढ़ाई कर ली है बाकि आपको सारा टेक्निकल नॉलेज होना चाहिए।

ज्योति - ओके?

मेघना - ये मिनिस्टर ऑफ साइंस है। सो आपको तकनीकी रूप से भी बहुत सी चीजें पता होनी चाहिए और दूसरा अन्य जो परीक्षा डिमांड करती है वो जनरल अवेयरनेस तथा जनरल इंटेलीजेंस हैं।

ज्योति - जनरल विषय?

मेघना - हाँ जी बाकी तो ये सब नॉर्मल हर परीक्षा के लिए सेम करिकुलम होता है ।

ज्योति - ओके तो आपने यूजीसी नेट भी क्वालीफाई किया है कौन से सब्जेक्ट में?

मेघना - येस मैडम, मैंने किया था सोशियोलॉजी में। वास्तव में मेरी जो ग्रेजुएशन बीटेक मे थी। तो मुझे स्नातक उत्तर सब्जेक्ट में सोशियोलॉजी में करना पड़ा। क्योंकि उसके बाद ही हम नेट का एग्जाम दे सकते हैं उसके बाद मैंने यूजीसी नेट का भी एग्जाम दिया और पास किया जॉब के साथ साथ। एक सब्जेक्ट होना चाहिए आपका मेन्स देने के लिए तो सोशियोलॉजी में एम ए वह भी हो गया।

साक्षात्कारकर्त्री

ज्योति भड़ाना (सम्पादिका)

उलझन सुलझन (लेडीज विंग)

फरीदाबाद (हरियाणा)

प्रस्तुति


स्तुति







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