भूमिका
साथियो! आज एक विशेष अवसर है जब हम मिलने जा रहे हैं हमारे समाज के उन ज्ञान दीपकों में से एक से जिनको अभी गत २ फरवरी को मध्य प्रदेश राज्य के एक गांव में सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने ज्ञान, समर्पण और परिश्रम से शिक्षा जगत में अमूल्य योगदान दिया है। यह सम्मान समारोह उन कुशल शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। शिक्षकों की मेहनत और प्रतिबद्धता से न केवल विद्यार्थी लाभान्वित होते हैं, बल्कि संपूर्ण समाज भी शिक्षित, सशक्त और समृद्ध होता है। टीम उलझन सुलझन इन समस्त सम्मानित शिक्षकों को हार्दिक बधाई देती है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है। समाज को गर्व है कि हमारे बीच ऐसे गुरुजन हैं, जिनकी प्रेरणा से अनेक पीढ़ियाँ ज्ञान अर्जित कर रही हैं।
विवरण
राष्ट्रीय शिक्षा सागर फाउंडेशन के सहयोग से राष्ट्र स्तरीय नवाचारी शिक्षक सम्मान समारोह ग्राम धानोदा, जिला राजगढ़ (मध्य प्रदेश) में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन श्रीमती हंसा पाटीदार और महेश जी त्रिवेदी के सहयोग से संपन्न हुआ।
अनेक शिक्षकों का हुआ सम्मान
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में 18 राज्यों के 221 शिक्षकों को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में विधायक श्री हजारीलाल दांगी, पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री आदित्य जी मिश्रा, और राष्ट्रीय शिक्षा सागर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शैलेश प्रजापति द्वारा शिक्षकों को मैडल, प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
टोंक जिले के शिक्षकों को भी मिला सम्मान
इस कार्यक्रम में राजस्थान के टोंक जिले से भी शिक्षकों को नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं -
हंसराज तंवर (अध्यापक, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बनेठा)
संदीप कुमार जैन (शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सरदारपुरा, ब्लॉक उनियारा)
टीकाराम राजवंशी (राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जीवली, ब्लॉक निवाई)
काव्य प्रस्तुति और पुस्तक भेंट
कार्यक्रम के दौरान कवि एवं शिक्षक हंसराज 'हंस' ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शैलेश प्रजापति को उनकी स्वरचित कृति मन की हूंक भेंट की प्रति भेंट की गई। श्री प्रजापति ने इस पुस्तक को बच्चों के अध्ययन हेतु अपने विद्यालय के पुस्तकालय को समर्पित कर दिया।
यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने और शिक्षकों के योगदान को मान्यता देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
एपीजी अब्दुल कलाम राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह
हंसा जी महेश जी त्रिवेदी का,
रहूंगा मैं बहुत शुक्रगुजार।
जिन्होंने हमें करा दिए,
यहां सम्पूर्ण भारत के दीदार।
गांव धनोवा जिला राजगढ़,
प्रांत है भारत का मध्य प्रदेश,
जो अतिथि यहां पधारे हैं,
उनका है अलग-अलग प्रदेश।
शैलेश भाई ने हमेशा किया है ,
कंधे से कंधा मिला कर सहयोग।
पुरे देश से आए 221 शिक्षक,
गजब का बना है यह संजोग।
देख यहां की चौंक चौबंद व्यवस्था,
और मेहमानों की आवभगत।
सबने दबाई दांतों तले अंगुलियां,
सब हो गए मस्ती में मद मस्त।
यह अजब-गजब जलसा,
रहेगा सदा हमें सबको याद,
शांति से होगा यह संपन्न,
नहीं होगा कोई वाद विवाद।
जो अच्छा सोचें करे अच्छा,
ईश्वर भी देता है उसका साथ।
इस विराट सम्मान समारोह की,
याद रखेंगे हम हर एक एक बात।
जय हिंद, जय भारत🙏🙏
हंसराज तंवर
टोंक राजस्थान।
सूचना स्रोत
श्री हंसराज हंस
प्रस्तुति




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