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करियर मेले में बच्चों को करियर की प्रत्यक्ष झलक

भूमिका

अपने जीवन को संवारने के लिए श्रेष्ठ तरीका है स्वयं को भविष्य के लिए आजीविका के सबसे उत्तम रूप में करियर निर्मित करना और इसी ध्येय से करियर को लेकर शिक्षिकाओं ने जो नवाचार करने की ठानी उसी कार्यक्रम का विस्तृत विवरण यहां पर दिया जा रहा है।

विवरण

पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिकाएँ हमेशा नवाचारों के लिए जानी जाती हैं और शिक्षा में नए-नए प्रयोग करने का प्रयास करती हैं। इस बार उन्होंने करियर मेले में एक अनोखी पहल की, जहाँ करियर को सिर्फ शब्दों में समझाने के बजाय उसे जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह मेला न केवल ज्ञानवर्धक था, बल्कि बच्चों को अपने भविष्य की दिशा तय करने में भी सहायक सिद्ध हुआ।  

बालकों को मिली महत्वपूर्ण सीख 

इस मेले में शिक्षिकाओं ने बच्चों को एक गहरी और महत्वपूर्ण सीख दी— 

"नौकरी और करियर में बुनियादी अंतर होता है।" 

उन्होंने समझाया कि करियर वह होता है, जिसे व्यक्ति अपने जुनून और रुचि के आधार पर चुनता है, जबकि नौकरी सिर्फ जीविकोपार्जन का एक साधन होती है। यदि कोई व्यक्ति वही कार्य करता है जिसमें उसका दिल लगता है, तो वही उसका सच्चा करियर कहलाता है। लेकिन केवल पैसे कमाने के लिए की जाने वाली नौकरी हमें संतुष्टि नहीं दे सकती। इस संदेश ने बच्चों को अपनी रुचियों और क्षमताओं के प्रति जागरूक किया।  

अनूठी प्रस्तुतियाँ बनीं करियर की जीवंत झलक  

इस करियर मेले की सबसे खास बात यह रही कि बच्चों ने विभिन्न करियर विकल्पों को अपने ही अंदाज़ में प्रस्तुत किया। डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, उद्यमी, पर्यावरणविद्, कलाकार, लेखक, पत्रकार, वकील, पुलिस अधिकारी, सेना अधिकारी, डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ आदि जैसे व्यवसायों को बच्चों ने न केवल पहचाना, बल्कि उनकी वेशभूषा धारण कर रैम्पवॉक भी किया। इससे अन्य विद्यार्थियों को इन करियरों के स्वरूप और महत्व को समझने में मदद मिली।  

प्रयास बना एक प्रेरणादायी उदाहरण

इस अनूठे नवाचार के माध्यम से शिक्षिकाओं ने पारंपरिक शिक्षा से हटकर व्यावहारिक शिक्षा का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने बच्चों को किताबों से बाहर वास्तविक दुनिया की जानकारी दी और उन्हें करियर के प्रति नई दृष्टि विकसित करने में मदद की।  

इस मेले में बच्चों की उत्सुकता और सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि ऐसे प्रयोग न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि भविष्य में उनके करियर निर्धारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अभिनव प्रयास से न केवल प्रतिभागी बच्चों को, बल्कि दर्शक बच्चों को भी करियर की सही दिशा चुनने की प्रेरणा मिली।  

नवाचार का प्रभाव

पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक जीवन से जोड़ना आवश्यक है। उनका यह नवाचार भविष्य में अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और विद्यार्थियों को अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह दिखाएगा।

चित्रदीर्घा









सूचना स्रोत

शोभा जी कंवर

प्रस्तुति



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