सम्मानित मित्रो!
कल प्रातः हमारे देश का छिहत्तरवाँ गणतंत्र दिवस है जिसकी आप सभी भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई!
साथियो! आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि भारत को एक साक्षर, विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाएंगे।
अपने प्रिय देश भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार करने के लिए हमारे मन में कुछ विचार जागे हैं,
जो हम आप सभी के लिए काव्य रूप में समर्पित कर रहे हैं।
जय हिंद!
रमन
भाव काव्य रूप में
सरकारें भारत को तब ही विकसित कर पाएंगी।
नागरिकों की जब इसमें भागीदारी हो जाएगी।।
सरकारें भारत को------------
सत्ता व उद्यमिता साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगी।
कारखानों व खेतों की उत्पादकता बढ़ जाएगी।।
विद्युत, जल की बचत करें बर्बादी रुक जाएगी।
उत्पादन कम हो चाहे पर कमी नहीं हो पाएगी।।
सरकारें भारत को------------
सब अपने, चीजें अपनी, जब ये भावना आएगी।
दंगे और फसाद न होंगे, तोड़फोड़ रुक जाएगी।।
सर्वोपरि है राष्ट्र हमारा, बात ये दिल में आएगी।
समस्याएं जो आएंगी वे समाधान बन जाएंगी।।
सरकारें भारत को------------
दंडित होंगे भ्रष्टाचारी कर्तव्यनिष्ठा बढ़ जाएगी।
कर्तव्य निभायें तब ही तो पूरी मांग हो पाएंगी।।
होगी नियंत्रित जनसंख्या प्रगति देश में आएगी।
सुदृढ होगा देश मेरा जनता सैनिक बन जाएगी।।
सरकारें भारत को-----------
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग विवरण
सम्मानित मित्रो! दिनांक 26.1.25 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिक समाज गौतमबुद्धनगर के द्वारा बीटा 2 मार्केट, ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय पर छिहत्तरवां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक समाज के पदाधिकारीगण एवं वरिष्ठ सदस्यगण के साथ अध्यक्ष रमनपाल सिंह के द्वारा झण्डारोहण किया गया।
ध्वजारोहण के पश्चात कई सम्मानित सदस्यगण के द्वारा गणतंत्र दिवस के संदर्भ मे अपने विचार रखे गये, काव्य पाठ किया गया और राष्ट्र भक्ति के गीत प्रस्तुत किये गए। तत्पश्चात मिष्ठान के उपरांत कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष रमनपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि
"26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। इसी दिन हमारे देश ने संविधान को अपनाकर उसे प्रभावी रूप से लागू किया। यह संविधान हमारे देश की आत्मा है, जो लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल सिद्धांतों को सुनिश्चित करता है।
गणतंत्र दिवस हमें स्मरण करता है कि हमारे पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से हमें कैसे यह अद्वितीय संविधान प्राप्त हुआ। इसके प्रावधान हमें न केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाते हैं, बल्कि हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाते हैं।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी संविधान के आदर्शों का पालन करने और देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का संकल्प लें। जय हिंद!"
इस अवसर पर मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिक समाज से उपाध्यक्ष श्रीमति उर्वशी सिंह, महासचिव श्री गिरीश कुमार राघव, सहसचिव श्री महीपाल सिंह, कोषाध्यक्ष श्री देवेन्द्र कुमार सिंघल, सर्वश्री हुकुम सिंह, धर्म चन्द, हरीश चन्द गुप्ता, डी.के.सब्बरवाल, जे.पी. शर्मा, डी.एस.चौहान, डी.सी.तायल, डा.राजेन्द्र पुरवार, अमृत गोयल, डी.पी.सिंघल, अनिल सिंघल, कमल किशोर गुप्ता, श्रीमति रवि प्रभा, श्रीमति राधा रानी ढौढियाल एवं श्रीमति गीता गोयल आदि एवं काफी संख्या में वरिष्ठ नागरिक समाज के सदस्यगण उपस्थित रहे।
रचनाकार
रमन 'सिसौनवी'
प्रस्तुति
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