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लक्ष्य 2025

भूमिका

परीक्षाकाल के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य तय करना छात्रों को प्रेरित और सशक्त कर सकता है। जब छात्रों को यह समझ में आता है कि वे क्या हासिल करना चाहते हैं और क्यों, तो उनकी पढ़ाई अधिक केंद्रित और प्रभावी हो जाती है। उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह उनके ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता को परखने का एक अवसर है। यह समझाना भी महत्वपूर्ण है कि आत्म-अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण परीक्षा की तैयारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। छात्रों को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि उनका लक्ष्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना भर नहीं, बल्कि अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छूना है।

कार्यक्रम विवरण

आज 28 जनवरी, 2025, दिन मंगलवार को 'मेरा वजूद फाउण्डेशन' एवं 'माध्यमिक शिक्षा विभाग मुजफ्फरनगर' के तत्वावधान में बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु कार्यशाला ‘लक्ष्य 2025’ का आयोजन लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के सभागार में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजेश कुमार श्रीवास, मुख्य वक्ता डॉ. रणवीर सिंह (प्रधानाचार्य, राजकीय इण्टर कॉलेज, कम्हेडा), डॉ. सोहनपाल सिंह (प्रवक्ता, रसायन विज्ञान, पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज, मुजफ्फरनगर), श्रीमति पारुल रानी (प्रवक्ता, रसायन विज्ञान, राजकीय इंटर कॉलेज, पुरकाजी), महेश कुमार (महामंडलेश्वर एवं संरक्षक), पं. संजीव शंकर एवं 'मेरा वजूद फाउण्डेशन' चेयरमैन प्रवेन्द्र दहिया द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रवेन्द्र दहिया ने किया। 

संबोधन

इस अवसर पर डॉ. सोहनपाल ने विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. के

अध्यायों के अंत में सारांश को अच्छे से पढ़कर तैयारी करने एवं अपने द्वारा लिखे नोट्स के माइंड मैप बनाने का सुझाव दिया। नोट्स के डायग्राम बनाकर उनसे अभ्यास भी करना चाहिए और जहां तक हो सके परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर सटीक एवं सारगर्भित भाषा में देने चाहिए। 

प्रवक्ता पारुल रानी ने बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को बताया कि 

"अध्ययन करते समय एक-एक घण्टे के अन्तराल में 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेकर तैयारी करें। विद्यार्थियों के लिए 6 से 7 घण्टे की निंद्रा भी अतिआवश्यक है जिससे शरीर को अगले दिन के लिए ऊर्जा मिलती है। अपने बनाये हुए नोट्स के महत्वपूर्ण शब्दों को कलर पैन से अण्डरलाईन करते हुए उन्हें याद करने के उपरान्त उनकी समरी तैयार करें एवं उनको समय-समय पर दोहराते रहे जिससे समय में भी कम लगेगा और कम समय में ज्यादा प्रश्नों के उत्तर का अभ्यास होगा।"

डॉ0 रणवीर सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि

"अध्ययन करते समय कुल समय के उपयोगी घण्टों पर ध्यान देना चाहिए और एक समय पर एक ही विषय की पुस्तक एवं नोट्स से अध्ययन करना चाहिए, नहीं तो विद्यार्थी का मस्तिष्क अन्य विषयों में खो जाता है। परीक्षा के दिनों में अपने फेक मित्रों एवं मोबाइल फोन से दूरी बना लेनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी में जितना हम लिखने का अभ्यास करेगें उतना ही कम समय में हम परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकेगें।"

महामण्डलेश्वर पं0 संजीव शंकर ने विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 


"परीक्षा के समय तनाव से दूर रहना चाहिए और तनाव दूर करने के लिए प्रातःकाल नियमित रूप से कम से कम 15 से 20 मिनट योगा, प्राणायाम एवं ध्यान करना चाहिए। ध्यान से स्मरण शक्ति बढती है।"

आभार

लाला जगदीश प्रसाद इण्टर कॉलेज के कोर्डिनेटर महेश कुमार ने सभी अतिथियों एवं कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विद्यालायों से आये हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।



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