भूमिका
निर्णयन एक विशेष विशिष्टी है जो इस विशिष्टियुक्त इंसान को भीड़ से अलग खड़ा कर देती है और यही जीवन को गुनना और किसी भी इंसान का स्वयं को सामर्थ्यवान बना देने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है। गलत निर्णय की एक बानगी भी देखें।
'सही निर्णय लेना एक कला है।'
हम अपने जीवन में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए नित्यप्रति कोई ना कोई निर्णय लेते हैं जो सही भी हो सकते हैं और गलत भी, लेकिन यहां समझने की जरूरत यह है कि कोई भी निर्णय केवल तर्क और तथ्यों पर आधारित नहीं होता, बल्कि अनुभव, अंतर्ज्ञान और परिस्थितियों की समझ भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ये ही उपयुक्त या फिर कहें कि सही निर्णय लेन में सहायक होते हैं। उपयुक्त या सही निर्णय वह होता है जो समय, संदर्भ और जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया हो। पेशेवर निर्णय करना तो बेहद चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन कोई भी निर्णय करते समय हम आप अंतर्मन को सुनने की क्षमता को विकसित कर लें और आवेग में आने से अपने को बचा लें और निर्णय करते समय आत्मविश्वास से भरपूर हों तो कोई सूरत नहीं कि सही निर्णय ना हो।
निर्णय लेने की इस प्रक्रिया में धैर्य, समझदारी और खुले दिमाग से सोचने की आवश्यकता होती है। जब यह सभी तत्व संतुलित होते हैं, तब लिया गया निर्णय न केवल सही साबित होता है, बल्कि लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम भी देता है।
अनुपयुक्त निर्णय की एक भयावह बानगी
सिर्फ डॉक्टर का क्लीनिक सामने होने के कारण इस अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया गया जो जानलेवा हुआ। दस दिन पहले लिफ्ट की मरम्मत हुई थी और दुर्घटना सिद्ध करती है कि मरम्मत करने वाले ने कैसी मरम्मत की होगी।
सूचना स्रोत
चैट जीपीटी की सहायता से उच्चीकृत और संशोधित पाठ्य
प्रस्तुति



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें