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एसडीएमसी एसएमसी दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

भूमिका

किसी भी विषय पर गहराई से चर्चा करने, ज्ञान साझा करने और कौशल विकास के लिए कार्यशाला एक प्रभावी माध्यम है। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को एक मंच प्रदान करना है जहाँ वे विशेषज्ञों से अपने विचारों का आदान-प्रदान कर किसी प्रक्रिया को सीख सकें और विषय से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें। इसके माध्यम से ज्ञान के विस्तार के साथ सामूहिक संवाद और सहभागिता भी प्रोत्साहित होती है, जिससे सभी प्रतिभागी अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बन पाते हैं।

विवरण

"विद्यालय विकास हम सब की जिम्मेदारी और मेरा गांव मेरा विद्यालय के संकल्प को करें पूर्ण।"- गिरिराज गुर्जर 

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भरथला में ग्राम पंचायत भरथला के आठ विद्यालयों के एसडीएमसी एवं एसएमसी सदस्यों की दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का शुभारंभ उपसरपंच ग्राम पंचायत भरथला भेरुलाल जी, वार्ड पंच महेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य गिरिराज प्रसाद एवं विधायक प्रतिनिधि नंदू सिंह राजावत द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में दक्ष प्रशिक्षक गिरिराज प्रसाद पारीक द्वारा सामुदायिक गतिशीलता की अवधारणा, स्वच्छ विद्यालय के बारे में अवगत कराया गया। हेमलता विजयवर्गीय (प्रधानाध्यापक) द्वारा एसएमसी एवं एसडीएमसी के कर्तव्य एवं भूमिका, एक श्रेष्ठ एसएमसी के संकेतक, जन सहभागिता के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में सदस्यों के साथ विचार साझा किया। प्रधानाचार्य गिरिराज प्रसाद ने सभी विद्यालयों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा गांव मेरा विद्यालय के संकल्प को सिद्ध करने के लिए हम सबको अपने-अपने विद्यालय के भौतिक एवं शैक्षिक उन्नति के लिए प्रयास करना है। हम सब मिलकर अपने-अपने विद्यालय को जिले का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बना सकते हैं। इस कार्यशाला में ग्राम पंचायत के भरथला, रामनगर, धतूरी, बीड भरथला, छापर ढाणी, गोपालपूरा, बैरवा ढाणी रामनगर विद्यालयों के 48 सदस्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।








वीडियो



सूचना स्रोत
गिरिराज जी प्रसाद
प्रस्तुति






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