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संस्कृति को सहेजने की कवायद

भूमिका
देश में समाज विशेष के लिए काम करने के लिए कृतसंकल्पित तथा संस्कृति को सहेजने की कवायद करने में गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट निरंतर प्रयासरत है और प्रयास गंभीरतापूर्वक हो रहे हैं। इसी ट्रस्ट के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि इस ट्रस्ट के अध्यक्ष महोदय ने की - 
🌹🌹निर्लोभ शादी 🌹🌹
दुनिया भर में उनका सदैव से गुणगान होता आया है जिनका जीवन निर्लोभ रहा है। ऐसी ही एक मिसाल बने हैं गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमान एडवोकेट दिवाकर बिधूडी जी। इनके अधिवक्ता सुपुत्र एडवोकेट मनू बिधूडी का विवाह डा. निधि सुपुत्री श्री दयाराम चंदीला निवासी फ़तेहपुर चंदीला फ़रीदाबाद के साथ 28 नवंबर को सम्पन्न हुआ। 
इस विवाह को अनुकरणीय कहा जाएगा तो इसलिए क्योंकि इसमें वर पक्ष ने सारी रस्मों; चिट्ठी, लगन व कन्यादान; में भी नेग के नाम पर प्रति रस्म केवल 101 रुपया ही स्वीकार किया। इसके अतिरिक्त दहेज के नाम पर किसी प्रकार का कोई भी उपहार नहीं लिया गया। एडवोकेट दिवाकर बिधूडी जी ने भात में भी 101 रुपया ही भातइयो से लिया। 
समग्र समाज के साथ गुर्जर समाज में भी दहेज का प्रचलन चरम पर है। ऐसे में बिधूडी परिवार ने निर्लोभ विवाह कर एक अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया है। 
इतना ही नहीं समाज में ग्राम पाठशाला के अभियान के लिए भी बिधूडी परिवार ने फ़तेहपुर चंदीला गाँव की लायब्रेरी के लिए 1100 ₹ दान किए।

विवरण

आज गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट की एक बैठक फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मैदान में संपन्न हुई। इसमें 'गुर्जर महोत्सव 2024' की रूपरेखा, व्यवस्था बनाने के लिए व्यापक चर्चा हुई। 'गुर्जर महोत्सव 2024' के लिए बनाई गई कमेटियों के सभी मुख्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और समग्र कार्यक्रम को लेकर समाज के गणमान्य नागरिकों ने प्राणपण से अपने अपने दायित्व का निर्वहन करने का भरोसा दिलाया।

इस मौके पर गुर्जर महोत्सव के सूत्रधार और गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री दिवाकर बिधूड़ी ने आशा व्यक्त की कि इस बार हर बार से अधिक गुर्जर इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे और हमको उम्मीद है कि इस बार आपको प्रत्येक कार्यक्रम रिफाइंड लगेगा।

आज संपन्न बैठक में सर्वश्री रणवीर चंदीला, श्री रामफूल भाटी, श्री तिलकराज बैंसला, श्री ज्ञानचंद भडाना, श्री महेंद्र सिंह राठी, श्री ओमप्रकाश बैंसला, श्री बिजेंद्र सिहं आर्या, श्री निरंजन नागर, श्री समय सिहं कसाना, श्री कमल आर्य, श्री वीर सिंह डेढा, श्री हरी राम बसोया , श्री हरिओम बैंसला, श्री ब्रह्म सिंह, श्री मुकेश कसाना, श्रीमती निर्मल डेढा, राजबाला सिराधना, विकल, सरगम लोहिया, सीमा चौधरी, निशा, कृष्णा छवि बैंसला, देवेन्द्र बिधूडी, सुरेन्द्र भाटी, रामकुमार कांगर, उदित नारायण बैंसला, पवन भाटी, महेंद्र सिंह फागणा, राहुल छाबड़ी एवं एडवोकेट दिवाकर बिधूडी उपस्थित रहे।

चित्रदीर्घा



सूचना स्रोत
श्री सुरेंद्र भाटी जी और श्री दिवाकर बिधूड़ी जी
प्रस्तुति





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