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मेरा गांव मेरा इतिहास

भूमिका

समाज में विविध किस्म के अभियान जागरूक लोगों के द्वारा चलाए जाते रहे हैं। यहां विवरण 'मेरा गांव मेरा इतिहास' शीर्षक से चलाए जा रहे अभियान के संदर्भ में दिया जा रहा है। विमर्श का विषय और चिंतन का समय तथा चुनौती हमारे अर्थात् ग्रामीणों के लिए है कि ग्रामीण जनमानस इस अभियान को कितना वास्तविकता के समकक्ष रखवा सकने में सफल हो पाता है।

क्रिएटिव हिस्ट्री ट्रस्ट की पहल

१० नवंबर २०२४ को मेरठ के ग्राम पूठी में क्रिएटिव हिस्ट्री ट्रस्ट, दिल्ली के तत्वावधान में ग्रामीण इतिहास को सहेजने की दिशा में 'मेरा गाँव मेरा इतिहास' शीर्षक से अंतर्संबंध स्थापित करने की दिशा में प्रयास किया गया।

स्थानीय प्रतिभा का स्मरण

इस विषय के  क्रम में ग्राम पूठी के शहीद राव कदम सिंह की १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम  में भूमिका और बलिदान पर आयोजित कार्यक्रम में प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर एस.एन.आर. रिज़वी जी सहित देवेन्द्र चौबे, डा. सुशील भाटी, डा. रश्मि चौबे, राव कदम सिंह के वंशज मनोज नागर, पूठी गांव के प्रधान सोनू, प्रिंस, मनोज रावर, सुधीर मावी तथा आशीष पांडे से सुखद मुलाकात हुई एवं उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में मंच साझा किया। 

इतिहासकार रिज़वी साहब गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष रहे हैं तथा 'इतिहास दृष्टि' के शीर्षक से प्रतिष्ठित शोध पत्रिका प्रकाशित करते हैं। 

अमर शहीद के स्मरण में निर्मित गेट का लोकार्पण

आयोजन में ग्रामीण इतिहास सहित अनेक मसलों पर सकारात्मक परिचर्चा हुई। अनेक सकारात्मक विचार आए और सुझाव भी। 

इस अवसर पर गांव पूठी में सन् १८५७ की क्रांति के अमर स्वतंत्रता सेनानी राव कदम सिंह के नाम से पूठी के गेट को स्थापित कर उसका लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सूचना स्रोत

श्री अशोक चौधरी

प्रस्तुति



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