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सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को ग्रामीण समाज विकास केंद्र ने दिया समर्थन

भूमिका

किसी भी अभियान को आरंभ करने का सर्वोत्कृष्ट माध्यम है शिक्षा का केंद्र विद्यालय। भारत सरकार की ओर से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत भी मुजफ्फरनगर जनपद के संगठन ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सहयोग से होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के प्रांगण से विद्यार्थियों द्वारा जन जागरूकता रैली का शुभारम्भ कर की गई। 

विवरण

भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत के बाद जिला प्रशासन, मुजफ्फरनगर ने ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सहयोग से होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के प्रांगण से विद्यार्थियों ने बाल विवाह मुक्त भारत के लिए गांव में जन जागरूकता रैली का शुभारम्भ किया और साथ ही साथ विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने के लिए शपथ दिलाई। 

पहल

जिलाधिकारी महोदय उमेश मिश्रा ने जनपद मुजफ्फरनगर को बाल विवाह मुक्त बनाने का दिया संकल्प। ग्रामीण समाज विकास केंद्र बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे दो सौ पचास से अधिक गैर-सरकारी संगठनों के देशव्यापी गठबंधन, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन, का सहयोगी संगठन है। इस अवसर पर जिला प्रशासन जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा संस्था के सहयोग से होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रीना पवार विशिष्ट अतिथि, विकास पंवार वरिष्ठ समाजसेवी ने स्कूली बच्चों को महिलाओं व पंचायत प्रतिनिधियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। जनपद में जगह-जगह कराये जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने, पंचायत प्रतिनिधियों ने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने, शिक्षकों ने बाल विवाह निषेध अधिकारियों के अलावा बालविवाह पीड़िताओं ने भी भागीदारी की व बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान जिसका उद्घाटन 27 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। इस मौके पर बाल विवाह की सूचना एवं शिकायत के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल भी शुरू किया गया। 

संबोधन

इस मौके पर विकास पंवार ने कहा आज भारत में इस प्रकार के बाल विवाह जैसा कृत्य समाज में अगर होता है तो भारत देश दूसरों की नजरों में गलत प्रतीत होता है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए पूर्व में भी महान व्यक्तियों; राजा राममोहन राय, स्वामी दयानन्द सरस्वती इत्यादि; ने इसके खिलाफ एवं वर्तमान भारत सरकार ने भी बहुत से कदम उठाये हैं परन्तु आज भी समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा प्रचलित है जिसके लिए सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया। यह सराहनीय कदम है और हम सभी का दायित्व होता है कि हम समाज को बाल विवाह न होने के प्रति जागरूक करें।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रीना पंवार ने उपस्थित सभी बच्चों को शिक्षकों को, अभिभावकों को, बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई। 

इस राष्ट्रव्यापी अभियान पर इसके असर की चर्चा करते हुए ग्रामीण समाज विकास केंद्र के निर्देशक मेहरचन्द ने कहा कि 

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बाल विवाह के खात्मे के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया अभियान इस बात का सबूत है कि सरकार इस सामाजिक बुराई को गंभीरता से ले रही है। आज भी देश में बाईस प्रतिशत से ज्यादा बालिकाओं का बाल विवाह होता है जो न सिर्फ जीवनसाथी को चुनने के उनके अधिकार का हनन है बल्कि इससे बालिकाओं की शिक्षा स्वास्थ्य के साथ रोजगार और आर्थिक निर्भरता पर भी उनकी संभावनाओं पर बुरा असर होता है। सरकार की इस योजना इसk अभियान में सभी हितकारों को साथ लेकर चलने और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन का सहयोगी संगठन होने के नाते हम इसमें पूरी तरह साथ हैं और हमारा विश्वास है कि सरकार और नागरिकों  समेत समाज के साझा प्रयासों से भारत 2030 से पहले बाल विवाह के खत्म करने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। 

विद्यालय प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने आये हुए अतिथियों का विद्यालय प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया एवं कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में ग्रामीण समाज विकास केन्द्र मुजफ्फरनगर संयोजक गौरव मलिक, सदस्य अमित काउन्सलर सृष्टि सिंह एवं धनीराम एवं विद्यालय शिक्षक आजाद सिंह, नितिन बालियान, रूपेश कुमार, जितेन्द्र कुमार, प्रदीप त्यागी, प्रीतम मिश्रा, रजनी शर्मा, सुरेखा, रीना चौहान, इन्दु सहरावत आदि उपस्थित रहे।

चित्रदीर्घा





सूचना स्रोत
श्री प्रवेंद्र दहिया
प्रस्तुति







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