भूमिका
विविध क्षेत्रों में सुधार मानव स्वभाव के अनुसार निरंतर होता रहता है, लेकिन कुछ सुधार प्रक्रिया को बेहतर और निष्पक्ष रखने के लिए करने होते हैं। एक ऐसे ही सुधार का उल्लेख यहां पर किया जा रहा है जिसमें कि न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विवरण
वोटिंग मशीन पर प्रत्याशियों की फोटो रंगीन करने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट नें चुनाव आयोग को दिया एक सप्ताह का समय
राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री प्रताप चंद्रा ने इन पर्सन दिल्ली उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करके मांग की थी कि वोटिंग मशीन/मतपत्र पर प्रत्याशियों की फोटो जो अभी ब्लैक एंड व्हाइट लगती है उसे रंगीन लगाया जाए जिससे वोटर अपने प्रत्याशियों को आसानी से पहचान कर वोट दे सकें। यह एक बड़ा रिफॉर्म होगा। इसके लिए चुनाव आयोग से कई बार मांग की गई थी किन्तु आयोग ने कोई आदेश नहीं किया। इसलिए अदालत में रिट याचिका दायर की गई।
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बहस सुनी जिसमें श्री प्रताप चंद्रा ने इन पर्सन बहस करते हुए दलील दी कि वोटिंग मशीन/मतपत्र पर प्रत्याशियों की फोटो ब्लैक एंड व्हाइट लगने से सुविधा के बजाए और भ्रांति होती है। आयोग भी पहले ब्लैक एंड व्हाइट फोटो लगाकर वोटर कार्ड बनाता था, किन्तु अब वोटर कार्ड में रंगीन फोटो लगती है। अतः वोटिंग मशीन/मतपत्र पर रंगीन फोटो न लगाने का कोई कारण नहीं है। इस तर्क का चुनाव आयोग के वकील कोई तार्किक जवाब नहीं दे पाए।
जस्टिस प्रतीक जालान ने चुनाव आयोग के वकील से कहा कि आपकी दलील तर्कपूर्ण नहीं है और फोटो रंगीन लगाने में कोई हर्ज नहीं। इसलिए एक हफ्ते में आदेश करके हलफ़नामा दाखिल करें अन्यथा अगली तारीख 20 फरवरी 2025 को हमें आदेश जारी करना होगा।
उच्च न्यायालय का निर्णय
सूचना स्रोत
श्री लोकेश कुमार जी
प्रस्तुति




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