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थ्री इन वन मैराथन बैठक (अपडेटेड)

भूमिका

गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट की मैराथन बैठक में आज गंभीर चिंतन हुआ और बैठक के तीनों ही सत्रों में बड़ी सार्थक वार्ता हुई।

विवरण

गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ने आज रविवार 10 नवंबर 2024 को गंगाबक्स निवास गाँव तुग़लक़ाबाद नई दिल्ली में सभा आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता श्री सूरजमल रिटायर्ड ACP दिल्ली पुलिस ने की। इसमें तीन विषयों को कवर करने के लिए तीन सत्रीय एक संगठित बैठक का एजेंडा दिया गया, जिसमें समीक्षा, सम्मान और भावी योजना पर सामूहिक विमर्श किया गया।

बैठक का मजमून इस प्रकार था - 

सभी सम्मानित साथियो को गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट के तत्वावधान में गुर्जर अधिवक्ता परिचर्चा (तृतीय) के सफल आयोजन की बहुत बहुत बधाई। और! एक विनम्र सूचना कि आगामी रविवार  10 नवंबर 2024 को दोपहर बाद 02.00 बजे 'गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट' के आगामी कार्यक्रम (गुर्जर महोत्सव 2024) की रूपरेखा एवं बीते कार्यक्रम 'गुर्जर अधिवक्ता परिचर्चा' (तृतीय) की समीक्षा हेतु एक जनरल मीटिंग बुलाई है। इसी क्रम में मीडिया के विविध स्वरूपों से जुड़ी हमारे समाज की विभूतियों का सम्मान भी प्रस्तावित है।

अतः आप सभी सभी सम्मानित साथी सानुरोध अपना बहुमूल्य समय और सुझाव देने का कष्ट करें। आपकी उपस्थिति हमारा उत्साहवर्धन करेगी। धन्यवाद.... 

प्रेषित 

कार्यालय (गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट)

नई दिल्ली

विवरण

समीक्षा (Review)

इस प्रस्तावित बैठक में सर्वप्रथम समीक्षा (Review) के अंतर्गत पिछले काम (गुर्जर अधिवक्ता परिचर्चा) का मूल्यांकन किया गया। परिचर्चा के लिए विविध कार्यों के लिए गठित प्रत्येक टीम के प्रमुखों ने अपने-अपने विभाग के कामों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इसमें अर्जित मुख्य उपलब्धियों, सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों और आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। टीमों के प्रदर्शन की समीक्षा करते समय उन कार्यों पर फोकस किया गया जिनका ट्रस्ट के लक्ष्यों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ट्रस्ट की वर्तमान स्थिति और कार्यक्षमता पर चर्चा हुई और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  तरीके से समस्त संबंधित बिंदुओं पर जानकारी दी गई। अगर किसी को भी विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे साझा करे ताकि उसका समाधान निकाला जा सके।

सुझाव (Suggestion)

कुछ सुझाव आए जो निम्न प्रकार थे - 

1.  राजनीतिज्ञों को मंच पर केवल विषय वस्तु पर ही बोलने की की अनुमति समय सीमा के साथ दी जाए।

2. सर्वाधिक चर्चा पैनल में बोलने के समय को लेकर हुई जो अपेक्षा से काफी कम था। आयोजकों ने इसको बढ़ाने का आश्वासन दिया।
3. महिलाओं और युवकों की भागीदारी बढ़ाने का भी सुझाव आया।
4. अभियान को सोशल मीडिया और दूसरे तरीकों से प्रचारित किये जाने की बात भी उठी। 
5. व्यक्तिगत वैवाहिक विवादों को सुलझाने के लिए भी रूपरेखा तैयार की जाए। 

























सम्मान (Honour)
उपरोक्त क्रम में ही बैठक में गुर्जर समाज से जुड़े मीडिया पर्सन को भी सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से कवि श्री सतीश खटाना, श्री आकाश नागर (एडीटर, दी संडे पोस्ट), श्री धीरेंद्र अवाना, श्री देव गुर्जर, श्री बलराज दायमा (एडीटर, मूड आफ इंडिया), श्री नीरज अम्बावता, श्री मनोज कुमार (हिंदुस्तान टाइम्स), श्री पी.डी. पाबला, श्री बॉबी भाटी व विक्की भाटी, श्री नवीन अम्बावता, मोनू अम्बावता, नीरा अम्बावता, श्री अंतराम खटाना, श्री पवन खटाना, श्री हरेन्द्र खटाना, यूट्यूबर अरुण नागर एवं टीम, श्री हरवीर खटाना, शिकारी श्री अनिल बैंसला (हिंद फ़ोकस) आदि मीडिया कर्मियों को सर्टिफिकेट, पटका देकर सम्मानित किया गया। इसके मूल में ऐसे सदस्यों की पहचान करने का प्रयास था, जिन्होंने मीडिया के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन किया है। इन्हें ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया जाए।

समाज के ऐसे सदस्यों को विशेष मान्यता देने का प्लान था जिनके प्रयासों ने ट्रस्ट के अभियान को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में योगदान दिया हो। इसमें उनके अनुभव और सफलता की कहानी को सभी के साथ साझा किया जाएगा ताकि अन्यान्य को प्रेरणा मिल सके।

























































गुर्जर महोत्सव 2024

गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट द्वारा विगत 27 अक्तूबर 2024 को फ़रीदाबाद में आयोजित गुर्जर अधिवक्ता परिचर्चा की समीक्षा बैठक के उपरांत आगामी 23-24-25 दिसंबर को गुर्जर महोत्सव 2024 के भावी कार्यक्रम को लेकर उसकी रूपरेखा कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह से संबंधित कई कमेटियाँ बनाने एवं व्यवस्था संबंधी ज़िम्मेदारी बाँटने पर का निर्णय लिया गया। 

गुर्जर महोत्सव: ( गुर्जरों का महाकुंभ)एक सांस्कृतिक समृद्धि का अद्वितीय पर्व, सामाजिक समरसता एवं गुर्जर संस्कृति एवं कला का संगम  

          “”गुर्जर महोत्सव”” विश्व का एकमात्र ऐसा अनूठा व अद्वितीय आयोजन है जहां किसी एक ही जाति (गुर्जर) के 12 लाख लोगों ने हिस्सा लिया।

विश्व मे आजतक एक ही जाति की 12 लाख की संख्या एक स्थल पर किसी सांस्कृतिक आयोजन मे आज तक नहीं हुई। 


भारत एक ऐसा देश है जो विभिन्न जातियों, धर्मों और सांस्कृतिक परंपराओं का समृद्धि से भरपूर रहा है। यहाँ विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले महोत्सव देश की विविधता को प्रतिष्ठान्वित करते हैं और एक से दूसरे को जानने और समझने का एक शानदार अवसर प्रदान करते हैं।

 इसी रूप में, गुर्जर महोत्सव एक ऐसा समारोह है जो गुर्जर समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करता है और लोगों को एक साथ आने का आमंत्रण देता है।

वर्तमान में गुर्जर महोत्सव दिल्ली से जुड़े फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला ग्राउंड में आयोजित किया जाता है। इस बार यह गुर्जर महोत्सव उत्तर प्रदेश, तीन दिन अर्थात 23, 24 और 25 दिसंबर, 2024 को आयोजित होने जा रहा है जो गुर्जर समुदाय के लोगों को एक साथ आने, एक-दूसरे को समझने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को साझा करने का मंच प्रदान करेगा।

इस महोत्सव का आयोजन विभिन्न राज्यों के सदस्यों के सहयोग से प्रस्तावित है। गुर्जर समाज के लोग समृद्धि, साहित्य, कला, नृत्य, संगीत, और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। 

महोत्सव के नियमित आयोजन का मुख्य उद्देश्य समुदाय को एक मंच पर लाकर सभी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को प्रमोट करना है और उन्नयन की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देना है।

गुर्जर महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें लोग अपनी परंपराओं को नृत्य, संगीत और नृत्यांगन के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। यहाँ के स्टालों पर विभिन्न गुर्जरी शैली के आभूषण, वस्त्र, और शिल्पकला का प्रदर्शन किया जाता है जो लोगों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को देखने का अवसर देगा।

महोत्सव के दौरान, विभिन्न प्रकार के खेल और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इससे नई पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक खेलों में रुचि बढ़ाने का मौका मिलेगा और वे अपने परंपरागत खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे ।

गुर्जर महोत्सव का आयोजन न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमोशन करता है बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारा और सामूहिक विकास को भी बढ़ावा देता है। यह सभी गुर्जर लोगों के लिए एक अद्वितीय मौका है जो उन्हें एक दूसरे के साथ जोड़ता है और उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति गर्व महसूस करने का अवसर प्रदान करता है।

इस प्रकार, गुर्जर महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक समृद्धि का पर्व है, बल्कि यह एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह एक ऐसा मंच है जो लोगों को एक साथ आने और अपनी अनूठी सांस्कृतिक धरोहर को प्रमोट करने का अवसर प्रदान करता है जिससे विभिन्न समृद्धिशील तात्कालिक समाजों को एक-दूसरे के साथ मिलकर सहयोग करने का अवसर मिलता है।

 इसमें भारत के 13 प्रांतों से लाखों गुर्जर समुदाय के लोग शामिल होते हैं। यह महोत्सव हमारी अनोखी संस्कृति, परंपराओं, भाषा, और कला की झलक प्रस्तुत करता है। आध्यात्मिक इतिहास से लेकर पराक्रम की गाथाओं तक, यह महोत्सव गुर्जर एकता और सामर्थ्य को एक आदरांजलि है, जो कला, राजनीति, व्यापार, साहित्य, और खेल में उपलब्धियों का प्रदर्शन करता है।

अनेकता में एकता

महोत्सव गुर्जर समुदाय को जोड़ने और उनकी साझा पहचान को मनाने का एक मंच है। यहां आप गुर्जर विरासत की विविधता और समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं, जो पूरे भारत में एकता की प्रतीक है। हमारे इतिहास, परंपराओं और देशभक्ति की भावना का जश्न मनाने के लिए हमारे साथ जुड़ें।

बैठक में सर्वश्री रामफूल भाटी, रणवीर चंदीला, तिलकराज बैंसला, ज्ञानचंद भडाना, ओमप्रकाश बैंसला, निरंजन नागर, जीत दायमा , हरिओम बैंसला, डाक्टर विनोद बिधूडी, महेन्द्र अधाना, सतवीर सिराधना, राजवीर पीलवान, बिजेन्दर आर्या, कमल आर्या, सुरेन्द्र भाटी, अजय चौधरी, राहुल बिधूडी, समय सिंह कसाना, मुकेश कसाना, एडवोकेट एम.पी. नागर, सुनील चंदीला, रणदीप चौहान, धर्मेंद्र भगत जी, रवि नागर , विजय कराहणा आदि शामिल रहे। 

गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट दिवाकर बिधूडी ने बताया कि गुर्जर महोत्सव 2024  में इस बार बीस लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। इस प्रकार सायं साढ़े पांच बजे बैठक का समापन हुआ।

सूचना स्रोत

टीम गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट 

संकलनकर्ता 

शब्दशिल्प

प्रस्तुति


टिप्पणियाँ

  1. There must be documentation of the event. Without documentation ,event would designated as " jungle mey mor nacha kisne dekha". Such sorts of work would be useful to those who want to know on the theme of want to do research on the issue.Someone who has skill in documententation hold the balance in this regard..Otherwise it would Business as Usual

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    1. सर हम पूरा प्रयास कर रहे हैं डॉक्यूमेंटेशन की दिशा में। और! यह भी DF ऑक्यूमेंटेशन ही है।

      हटाएं

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