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लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड एवं प्राइड ऑफ कम्युनिटी अवार्ड्स से विभूषित हुई गुर्जर समाज की विशिष्ट विभूतियां

भूमिका

भारत भर में समाज के कुछ अग्रणी बुद्धिजीवियों को पंचकुला गुर्जर परिषद से मिले आमंत्रण ने उनको अभिभूत कर दिया क्योंकि वह बिल्कुल नए अंदाज में मानव संपदाओं को यह अहसास कराता हुआ था कि उनके प्रयासों को समाज ने भुलाया नहीं है। इनमें एक श्रेणी थी 'लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड' और दूसरी 'प्राइड ऑफ कम्युनिटी अवॉर्ड'। आइए जानते-समझते हैं सामाजिक क्षेत्र में संलग्न इन श्रेणियों के संदर्भ में या और श्रेणियां निर्मित करने के बारे में और शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम श्रेणी प्राप्त बालकों से इतर अन्य क्या श्रेणियां हो सकती हैं जो कि समाज के हर आयु वर्ग को ऐसे प्रयासों में समायोजित कर लें। और! इसके प्रोसेस के बारे में जानना और समझना क्यों जरूरी है?

विवरण

विभूतियों को प्राप्त आमंत्रण

सेवा में,

          श्री शेषराज सिंह पंवार

           मवी कलां, सहारनपुर

                 

श्रीमानजी,

गुर्जर समाज कल्याण परिषद्, पंचकूला,

दिनांक 17नवंबर,2024 को पूर्वाह्न 10 बजे से गुर्जर भवन के स्थापना दिवस के उपलक्ष में भवन के प्रांगण में वार्षिक समारोह का आयोजन कर रही है। इस अवसर पर परिषद् आप जैसी विशिष्ट विभूति को साहित्य के क्षेत्र में आपके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सुशोभित करने जा रही है।

एवं आपको आमंत्रित कर और आपकी सहमति पाकर गौरवान्वित अनुभव कर रही है।आपका कोटि कोटि धन्यवाद।

आपसे अनुरोध है कि इस अवसर पर प्रकाशित होने वाली निवेदन, लघुस्मारिका के लिए कृपया अपना एक संदेश,संक्षिप्त परिचय एवं एक फोटो दिनांक 30 अक्टूबर तक भवन कार्यालय में, अथवा

व्हाट्सएप नंबर 9915284762 पर भेजकर कृतार्थ करें।

सादर 

इंजी.राजवीर सिंह

महासचिव

संलग्न औपचारिक निमंत्रण


आमंत्रित विभूति का संगठन को संदेश

मेरा मानना है कि समाज के सम्मान में ही समाज के व्यक्ति का भी सम्मान है। संसार में व्यक्ति का सबसे बड़ा प्रयास सम्मान प्राप्त करना ही होता है, परंतु हमारे देश की यह विडंबना है कि व्यक्तिगत रूप से आप कितने भी महान और महत्वपूर्ण हों, परंतु आपका सम्मान समाज के सम्मान के अनुसार ही होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम व्यक्तिगत सम्मान के साथ साथ समाज को भी सम्मानित स्तर तक ले जाएं। जो समाज सम्मानित है उसे कहीं भी और कभी भी आर्थिक समस्या नहीं आती है। शासक वर्ग में सम्मिलित होने के लिए समाज की शिक्षा, आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान तीनों की ही आवश्यकता होती है और ये तीनों परस्पर आबद्ध हैं। अत: तीनों ही क्षेत्रों में कार्य करना शिक्षित और सक्षम लोगों का उत्तरदायित्व है।

अतिथि द्वारा प्रदत्त कार्यक्रम विवरण

गुर्जर कल्याण परिषद पंचकुला के स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि तेग सिंह (ऑडिटर जनरल, पंजाब)  तथा मुख्य वक्ता डॉ. सुनील पंवार बंगलौर थे। दोनों महानुभावों ने सामाजिक विषय पर अपने विचार रखे।  दोनों ही समाज के इतिहास पर अच्छी जानकारी रखते हैं और सामाजिक विकास पर अपना स्पष्ट संदेश देने में सफल भी रहे। इस कार्यक्रम मे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए साहित्यिक, सामाजिक, कृषि और अन्य सेवा क्षेत्र के लोगो को चुना गया था। प्रबुद्ध वर्ग को संबोधन करने का अवसर मिला। मेरा संबोधन मेरी यूट्यूब और SRS ऑफिशियल पर उपलब्ध है। मैंने कार्यक्रम में आनुवांशिक बल सुनहरा कल के उद्देश्य और प्रगति पर समाज के तीन सौ उपस्थित बुद्धिजीवियों को अवगत कराया। गुर्जर कल्याण परिषद पंचकुला ने कार्यक्रम आयोजित कराने का अनुरोध किया जिस पर फरवरी माह की संभावना तय हुई। पंचकुला में यह एक सफल और अनुकरणीय आयोजन था। समाज के सभी महानुभाव इस पर चिंतित हैं कि भावी पीढ़ी समाज से अलग थलग है। इस पर विशेष प्रयास होना चाहिए क्योंकि हम सब मिलकर जो कर रहे हैं वह भावी पीढी के लिए ही है और उसको यह समझना ही होगा।

प्रतिभा राकेश छोकर प्रेषित प्रेस नोट

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड एवं प्राइड ऑफ कम्युनिटी अवार्ड्स से विभूषित हुई गुर्जर समाज की विशिष्ट विभूतियां

पंचकुला में गुर्जर समाज कल्याण परिषद का हुआ शानदार आयोजन

पंचकुला। गुर्जर समाज कल्याण परिषद पंचकूला के तत्वावधान में गुर्जर भवन के सोलहवें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में समाज की विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित भी किया गया।
पंचकुला स्थित गुर्जर भवन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर महालेखाकार पंजाब/चंडीगढ़ डॉ. तेग सिंह (आईएएस) और मुख्य वक्ता डॉ. सुनील पंवार (आईएफएस) सम्मिलित हुए और कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन पैटर्न कॉन्सिल महावीर सिंह छोकर की रही। प्रधान एडवोकेट राजेंद्र छोकर भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परिषद के महासचिव राजवीर सिंह राज इंजी. एवं उप प्रधान डॉ. एस पी सिंह का रहा। 

कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज उत्थान एवं इतिहास पर चर्चा की। शिक्षा पर बल दिया गया तो कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया गया। युवा पीढ़ी के भविष्य पर वक्ताओं का मुख्य फोकस रहा।
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्डस विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. वी. पी. सिंह, तकनीकी क्षेत्र में इंजीनियर अजीत सिंह, समाजसेवा एवं साहित्य क्षेत्र में शेषराज सिंह पंवार सहारनपुर, राष्ट्र रक्षा सेवा हेतु कर्नल संतराम मीलू को, शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. रघुवीर सिंह बोकन, सामाजिक क्षेत्र में बालकराम, मेडिकल सेवा में डॉ. यशपाल सिंह, सामाजिक क्षेत्र में डॉ. प्रमीला तोमर, कृषि क्षेत्र में सुरेंद्र अवाना जयपुर एवं प्रशासनिक सेवा में डॉ. प्रेमपाल सिंह को दिया गया। 

वहीं प्राइड कम्युनिटी अवार्ड्स हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह खदरी, विश्व कीर्तिधारी अंतर्राष्ट्रीय विभूति डॉ. राकेश छोकर, विक्रम सिंह चौधरी , डिप्टी कमांडेंट गौरव सिंह घुरैया, इन्जी. रामपाल सिंह, मनरेगा लोकपाल सहारनपुर राकेश तोमर, इंजी. रकम सिंह, प्रोफेसर संजय पंवार, डॉ. कार्तिक, डॉ. पंकज, डॉ. आंचल एस भड़ाना, स्नेहा चौधरी, तनुज पोसवाल, नलिनी चौधरी, सतीश कुमार गुर्जर, इंजी. रामबीर सिंह को दिया गया।

इस अवसर पर मुख्यत: हरियाणा के पूर्व डीजीपी आई पी एस डॉ के पी सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय गुर्जर समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अंनतराम तंवर, मामचंद छोकर, प्रोफेसर रामपाल सिंह, डॉ कलम सिंह, एस एस कोहली, एस पी एस पंवार, ओमप्रकाश गुर्जर आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। भव्य आयोजन में गुर्जर समाज कल्याण परिषद परिवार के सभी पदाधिकारियों ने आगन्तुकों को पूर्ण मनोयोग से आतिथ्य सत्कार से भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन उपरांत सभी को स्वादिष्ट भोजन कराया गया।
समारोह में उपस्थित मेहमानों में से जिन वक्ताओं ने अपने विचार रखे उन सब ने समाज एवं राष्ट्रहित के संबंध में व्याख्यान देकर उपस्थित सदस्यों को शिक्षित एवं चिंतनशील बनने पर जोर दिया एवं अपने अपने क्षेत्र में प्राप्त विशेष उपलब्धियों के संदर्भ में बता कर उपस्थित जनों को प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि श्री तेग सिंह, मुख्य वक्ता डॉक्टर सुनील पंवार, अध्यक्ष श्री महावीर छोकर, प्रधान एड राजेंद्र छोकर ने अपने विचार व्यक्त किए और समाज को सही राह पर चलने को प्रेरित किया। पूर्व महानिदेशक डॉ के पी सिंह ने अपने मूल्यवान शब्दों से सभी श्रोताओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन गुर्जर समाज कल्याण परिषद के महासचिव एवं प्रसिद्ध शायर राजवीर सिंह राज़ और उपप्रधान डॉक्टर एस पी सिंह ने किया।

चित्रदीर्घा 








श्री शेषराज जी का संबोधन
17 नवंबर को समाज के उच्चतम श्रेणी के महानुभावों से विचार विमर्श हुआ,  जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत वैज्ञानिक, जैविक खेती वाले किसान, कृषि विभाग के उच्चतम पदों पर रहे प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, मुख्य अभियंता, वर्तमान में उच्च पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारी तथा हरियाणा की गुर्जर सभाओं/भवनों के अध्यक्ष शामिल थे। यह अवसर गुर्जर कल्याण परिषद पंचकुला के द्वारा मुझे सम्मानित करने के लिए बुलाए जाने के कारण मिला। 

विचार विमर्श में गुर्जर समाज के इतिहास की जानकारी, कृषि कानून और उनका विकल्प, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग तथा बिखरे समाज को एक करने के प्रयास आदि सभी विषय सम्मिलित थे। यह हर्ष का विषय है कि समाज का बुद्धिजीवी वर्ग इस ओर सोचने लगा है और यह भी अच्छी बात है कि समाज के बुद्धिजीवियों को यह उचित लग रहा है कि अपने अपने क्षेत्र के अचीवर्स को सम्मानित किया जाए। विचार विमर्श से यह लगा कि समाज समस्याओं का निदान चाहता है। समाज इस बात से भी परेशान है कि हमारी नई पीढी हम से अलग हो रही है, क्योंकि हम उसको प्रेरणा देने मे सफल नहीं हुए हैं। 

विचार विमर्श में यह भी निकलकर आया कि हमारे बुद्धिजीवी अपने अपने स्तर पर बहुत अच्छा सोच और कर रहे हैं परन्तु आवश्यक है कि बुद्धिजीवी मिल बैठकर एक मैकेनिज्म बनाकर विचार करें और यह केवल कुछ मिनट के संबोधन से संभव नहीं है अपितु इसके लिए घंटों और दिनों की आवश्यकता है। 
यह भी निर्विवादित और सत्यपरक तथ्य है कि इस विचार विमर्श में यदि राजनीतिज्ञ सम्मिलित न हों तो निश्चय ही अच्छे परिणाम आएंगे।      
18 नवंबर को अफला सिंह वर्मा जी की पत्नी की तेरहवीं के अवसर पर यह देखने को मिला कि समाज का आम आदमी अभी भी राजनेताओं की ओर आकर्षित है, परंतु उनके पास न तो विचार विमर्श के लिए समय है और न ही समाज को विशुद्ध रूप से सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहमियत का अभी ज्ञान। 

मेरी यह सलाह है कि बुद्धिजीवियों को अपने व्यस्त जीवन में से समय निकालकर समाज को जाग्रत करने के लिए सामूहिक रूप से आगे आना चाहिए तभी हम सामाजिक ऋण से मुक्त हो सकते हैं।

सूचना सूत्र
श्री शेषराज सिंह जी एवं श्री राकेश छोकर जी

प्रस्तुति







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