सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

इंडो-इक्वेडोर फ्रेंडशिप समिट विनय प्रधान राजदूत द्वारा सम्मानित

 भूमिका

किसी एजेंसी द्वारा किसी व्यक्ति को सम्मानित करने का उद्देश्य उस व्यक्ति की किसी विशिष्ट क्षेत्र में उपलब्धियों को मान्यता देना और उनकी सफलता का सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना होता है। इससे न केवल व्यक्ति को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में प्रेरणा और आदर्श स्थापित करने का भी काम होता है।

समिट २०२४ का विवरण

इंडो-इक्वेडोर फ्रेंडशिप समिट 2024 में विनय प्रधान को डेयरी फार्मिंग के लिए पुरस्कार दिया गया है, जिसे इक्वेडोर के राजदूत फर्नांडो बुकेल द्वारा प्रदान किया गया। 

संबोधन

इक्वेडोर  राजदूत फर्नांडो बुकेल ने कहा "आज हम डेयरी फार्मिंग और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार प्रदान कर रहे हैं। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जा रहा है जिन्होंने अपने क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता और नवाचार के लिए काम किया है।

मैं पुरस्कार विजेताओं को हृदय से बधाई देता हूँ। आपकी उपलब्धियाँ प्रेरणादायक हैं और विनय प्रधान की संस्था का काम डेयरी फार्मिंग के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है और इनके डेयरी और हर्बल आयुर्वेदिक प्रोडक्ट हमारे देश और यूरोप देशों में बहुत प्रसिद्ध हैं।

इक्वेडोर और भारत के बीच संबंध मजबूत और मैत्रीपूर्ण हैं। हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग और समझ को बढ़ावा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

इस पुरस्कार समारोह के माध्यम से, हम डेयरी फार्मिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।"

उद्देश्य

यह सम्मान भारत-इक्वेडोर मित्रता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इंडिया इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में आयोजित किया गया था जिसमें देश विदेश के विभिन्न प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस समिट का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल सोसाइटी एंबेसी ऑफ इक्वेडोर के सहयोग से करती हैं l

इस समिट में भारत और इक्वेडोर के बीच व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की गई। समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें हुईं, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाएंगे।

इंडो-इक्वेडोर मित्रता 2024

भारत और इक्वेडोर के बीच मजबूत मित्रता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है।

डेयरी फार्मिंग पुरस्कार विनय प्रधान को डेयरी फार्मिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार दिया गया है।

सहयोग के क्षेत्र

व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की गई।

इक्वेडोर दक्षिण अमेरिका में स्थित एक देश है। इसकी राजधानी क्विटो है। एम्बेसेडर ने कहा इक्वेडोर देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, डायरी, तेल और खनिजों पर आधारित है। भारत से डायरी उद्योग को बढ़ाने मैं विनय प्रधान का योगदान सराहनीय है।

इक्वेडोर देश का राष्ट्रीय दिवस 24 मई को मनाया जाता है। एम्बेसडर ने उसके लिये भी विनय प्रधान को निमंत्रण दिया।

चित्रशाला








सुर्खियां













सूचना स्रोत
श्री विनय प्रधान जी
प्रस्तुति






टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"मां की गोद से ऊंचाइयों तक — गिरिराज की आत्मकथा"

  मां की गोद से ऊंचाइयों तक  गिरिराज की आत्मकथा "मां की ही वह गोद है, जहां मानवता पले, अगर कहीं है जन्नत तो उसके आंचल के तले..."   यह पंक्ति मेरे जीवन का सार है — मेरी प्रेरणा, मेरा विश्वास और मेरी दिशा।   जब मैं पांच साल का था, तभी पिता जी — भंवरलाल गुर्जर — हमें छोड़कर चले गए। मां, मोती देवी, उस समय केवल 26 वर्ष की थीं। उस उम्र में जब जीवन शुरू होता है, उन्होंने अपना पूरा जीवन मेरे भविष्य के नाम कर दिया। मजदूरी करते हुए उन्होंने न केवल मुझे पाला, बल्कि यह यकीन भी दिलाया कि शिक्षा ही वह कुंजी है जो हर ताला खोल सकती है।   मां कहा करती थीं — "बेटा, गरीबी इंसान की हालत बदल सकती है, इरादा नहीं। मेहनत और ईमानदारी ही सबसे बड़ी पूंजी है।"  यह वाक्य मेरे जीवन का संबल बन गया।   लुहारा के सरकारी विद्यालय से मैंने पहली से आठवीं तक की पढ़ाई की। माध्यमिक शिक्षा मुंडिया से और उच्च माध्यमिक निवाई के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की — जहां से मैंने 1994–95 में 12वीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई जयपुर के राजस्थान कॉलेज से की, जहां 1...

દીપક પંડ્યા (ગાંધીનગર) - Updated 04.06.2026

મારી ભાવયાત્રા 64 નમસ્કાર … સ્નેહવંદન ! માનવ જીવનની આખીય દોડ પાછળ જો કોઈ એક જ આકાંક્ષા છુપાયેલી હોય, તો તે છે 'ખુશી'. સવારથી સાંજ સુધી માણસ જે કંઈ પણ કરે છે—પૈસા કમાય છે, સત્તા મેળવે છે, સંબંધો બાંધે છે—એ બધાની પાછળનો અંતિમ ઉદ્દેશ્ય માત્રને માત્ર સુખ અને આનંદની પ્રાપ્તિ જ હોય છે. પરંતુ આજના ભૌતિકવાદી યુગમાં માણસ ખુશીની વ્યાખ્યા ભૂલી ગયો છે. તે વિચારે છે કે મેળવવામાં, સંગ્રહ કરવામાં કે અન્ય પાસે અપેક્ષા રાખવામાં ખુશી છે. પણ સત્ય એનાથી તદ્દન વિપરીત છે. સાચી ખુશી આપવામાં છે, લેવા કે માંગવામાં નથી. આ સૃષ્ટિનો અપરંપાર નિયમ છે કે ખુશીની આપણે જેટલી લહાણી કરીશું, તેટલી જ તે આપણી પાસે વ્યાજ સાથે પાછી આવશે. જરા ઊંડાણથી વિચારીએ તો સમજાશે કે 'લેવું' અને 'માંગવું' એ ભિખારીપણું છે, જ્યારે 'આપવું' એ ખુદ અમીરી છે. જ્યારે આપણે કોઈની પાસે કંઈક માંગીએ છીએ, પછી ભલે તે વસ્તુ હોય, પ્રેમ હોય કે આદર હોય, ત્યારે આપણે આપણી જાતને ખાલી અનુભવીએ છીએ. માંગવામાં હંમેશા અપેક્ષા અને પરવશતા હોય છે. અને જ્યાં અપેક્ષાઓનો પહાડ હોય, ત્યાં ક્યારેય સાચો આનંદ હોઈ શકે નહીં. કારણ કે અપેક્ષા હંમેશા...

मन की बातें भाव भरी

🙏🌹🌹❤️❤️🙏 शुभ प्रभात जी🙏🌹❤️🙏 आपका दिन मंगलमय हो। ईश्वर आपकी हर मंगलकामना पूर्ण करें— वह जो हारे का सहारा है, जो टिमटिमाता जुगनू भी है और अथाह ऊर्जा से भरा तारा भी। जो घोर तिमिर में प्रकाश बनकर उभरता है, और उजाले में भी दिन को बहार देता है। वह जो आकार–निराकार दोनों रूपों में दुष्टों का संहारक है, जो दिशाहीन के लिए दिशासूचक यंत्र का पारा बन जाता है। जो निर्धन के दुःख–दरिद्रता का अंत है, और धनी के लिए पौ-बराहा। जिसके हम भी हैं और जो हमारा भी है। जो भूखे के लिए अन्न है और पशुओं के लिए चारा, जो पत्थर, पहाड़ और समूची धरा का आधार है। 🌹 वह सबका भला करें🌹 🙏🌹🌹❤️❤️🙏 आज का विचार मेरी पुस्तक “हृदय उद्गार” से एक कविता — सर्व धर्म समभाव छिन्न-भिन्न सा हृदय मेरा, मन में तूफानी कोलाहल है। सभ्यता के शिखर पर पहुँचकर, धर्म बना क्यों क्रूर दावानल है? भूमि वही, आकाश वही, तुझमें वही, मुझमें वही। एक-सा ही सबका आंचल है, धरती माँ का पावन आँचल है। रक्त-कोष में बहता एक ही बल है, कहीं केसरिया, कहीं हरित दल है। आब पियो या पानी पियो, जल तो आखिर एक ही जल है। यह कैसा आया भेद-रूपी पल है? भिन्न-भिन्न नामों म...