भूमिका
किसी भी मिशन की सफलता और विफलता तो उसके दो पहलू हैं लेकिन स्वयंसेवियों की ऊर्जा मिशन की सक्रियता में सदैव ही सहायक होती है और दृढ़संकल्पित स्वयंसेवी ऐसे प्रयासों में कभी भी कमी नहीं आने देते हैं। एक ऐसे ही संगठन और स्वयंसेवियों का विवरण यहां पर दिया जा रहा है।
संगठन के लिए प्रयास
देहात मोर्चा विगत कुछ महीनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विचार गोष्ठियों के माध्यम से अपनी विख्यात कार्यशैली के अनुरूप सक्रिय भूमिका में आ चुका है। विचार गोष्ठियों की इसी कड़ी में 20 अक्टूबर 2024 को हापुड़ जनपद के मारकपुर (मुबारिकपुर) में चौधरी बेगराज नंबरदार के निवासस्थान पर क्षेत्र के गोहरा, मतनौरा, छतनौरा, हैदरपुर, लोदीपुर, पीरनगर, हाई कोर्ट बुलकाना, यहमदकारी एवं काठीखेडा आदि दर्जनों गांवों के सैंकड़ों लोगों ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग किया।
बैठक को मोर्चा अध्यक्ष राव संजय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज की राजनीति में आम आदमी के मुद्दे गौण हो चुके हैं। युवा अच्छी शिक्षा व बेरोजगारी से परेशान है तथा किसान फसल के वाजिब मूल्य के लिए जूझ रहा है, तो वही गांव एवं देहात की बस्तियों में समस्याओं का अंबार लग चुका है। आज देश में कृषि एवं ग्रामीणों* की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है तथा आम आदमी समस्याओं के दलदल में फंस गया है, लेकिन मोर्चा हर वर्ग से जुड़ा संगठन है और यह सभी वर्गों के हित में काम करता है।
मोर्चा महासचिव प्रधानाचार्य मन्तराम नागर ने कहा कि देश की आजादी में 80% देहात की जनता का विशेष योगदान रहा। अतः आजादी एवं आरक्षण के आंदोलन में 1857, 1947 एवं 2007 की घटनाओं में इन्हीं देशभक्तों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, लेकिन सरकारों ने उपेक्षित देशभक्त कौमों के हित में कोई काम नहीं किया।
महाशय भिखारीलाल तंवर काठीखेडा ने लोकगीत के माध्यम से देशभक्तों के बलिदान को याद किया।
बैठक की अध्यक्षता जगवीर सिंह चेयरमैन बाबूगढ़ छावनी ने की एवं संचालन राजबल सिंह ने किया।
बैठक को जयकुमार भाटी लुहारली, किसान एकता संघ के प्रमोद हूण, चमन सिंह चेयरमैन, प्रधानाचार्य ओंकार सिंह मावी, मतनौरा एवं श्रद्धाराम तिगरी, वीरेंद्र धामा एडवोकेट, प्रशांत हिम्मतपुर, प्रेम सिंह, साहब सिंह, प्रिंस मावी एवं सतेन्द्र प्रधान आदि ने संबोधित करते हुए मोर्चा की विचारधारा का समर्थन किया तथा हरसंभव सहयोग देकर सक्रिय भूमिका की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
चित्रशाला









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