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"समग्र बिजनौर जनपद बना विश्व के सबसे बड़े पुस्तक महादान अभियान का साक्षी"

भूमिका

पुस्तक दान शिक्षा और ज्ञान के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है, जो ग्राम पाठशाला के तत्त्वाधान में अब तक देश में निर्मित, प्रचालित और प्रस्तावित पुस्तकालयों के लिए निश्चित किया गया है रोज़गार विद अंकित (RAW) के सहयोग से। भारत में विभिन्न पुस्तकालयों के लिए यह भव्य पुस्तक दान आयोजित करने से ज्ञान और साक्षरता को निश्चय ही देश भर में बढ़ावा मिलेगा। इस पुस्तक दान से प्रतिभागियों के मध्य पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ेगी और पाठकों को अधिक विकल्प और संसाधन मिलेंगे। पुस्तक दान एक सार्थक कार्य है जो समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह आयोजन ज्ञान और शिक्षा के प्रसार को बढ़ावा देगा और पाठकों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

कार्यक्रम का विवरण

अंततः कल वह शुभ घड़ी आ ही गई जिसका पिछले पन्द्रह दिनों से बिजनौर जिले के गाँवों के बच्चों को बड़ी बेसब्री से इंतजार था। कल बिजनौर जिले के जिलाधिकारी कार्यालय में रोज़गार विद अंकित (RWA) और टीम ग्राम पाठशाला के संयुक्त अभियान के तहत बिजनौर जिले के 700 गाँवों के निःशुल्क पुस्तकालयों के लिए रोज़गार विद अंकित (RWA) की 35000 पुस्तकों का ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों में वितरण किया गया। यह पुस्तक वितरण जिलाधिकारी बिजनौर श्री अंकित अग्रवाल, IAS और CDO श्री पूर्ण बोरा, IAS की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर बिजनौर जिले के समस्त अधिकारी, गाँवों के प्रधान और भारी संख्या में गाँवों के छात्र मौजूद रहे।

सभागार में जितने लोग बैठे हुए थे उससे कहीं ज्यादा लोग जगह नहीं मिलने के कारण सभागार के बाहर थे और हर कोई रोज़गार विद अंकित (RWA)  के इस महादान की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहा था।

कल बिजनौर जिले से जिलेवार पुस्तकालय दान की जो शुरुआत हुई है यह एक-एक कर देश के सभी आठ सौ जिलों तक पहुँचेगी। 

और जिस दिन हम देश के आखिरी जिले तक पहुँचेंगे। तब देश में 6,64,369 पुस्तकालय बन चुके होंगे और उन पर 3,32,00000 पुस्तकें दान की जा चुकी होंगी।

आप हमारा यूँ ही हौसला बढ़ाते रहिए दोस्तो🙏








सूचना स्रोत
श्री लालबहार
प्रस्तुति



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