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ममता जाट मंजुला जी को मिला इंडियन डायमंड डिग्निटी अवार्ड

भूमिका

सम्मान समारोह किसी विशेष व्यक्ति या संस्था को उनके योगदान या उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने का एक आयोजन होता है। इन आयोजनों में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति विशेष महत्व रखती है। ऐसे आयोजन में भागीदारी सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि तो करती ही है उस आयोजन को भी गरिमा प्रदान करती है। साथ साथ प्रतिभागी अनुभव और ज्ञान से लाभान्वित होते हैं। गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी से सम्मान समारोह का महत्व और प्रभाव बढ़ जाता है। यह आयोजन को यादगार बनाता है और सम्मानित व्यक्ति के लिए एक विशेष अवसर बन जाता है।

कार्यक्रम विवरण

भव्या फाउंडेशन का अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मलेन और इंडियन डायमंड डिग्निटी अवार्ड 2024 सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय के कालिन्दी सभागार में 29 सितम्बर, 2024 को आयोजित हुआ। इस समारोह में देश-विदेश की लगभग दो सौ प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिसमें टोंक से कोठीनातमाम विद्यालय की शिक्षक ममता जाट मंजुला को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु इंडियन डायमंड डिग्निटी अवार्ड से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में निशक्त-जन, कैंसर-पीड़ित, आटिज्म वारियर्स, बाल बसेरा गृह के बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

भव्या फाउंडेशन के संस्थापक शैलेन्द्र माथुर और निदेशक डॉ. निशा माथुर के अनुसार देश-विदेश से आये हुए अतिथियों ने कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन कर उसका शुभारंभ किया।  

समारोह में अति-विशिष्ट एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में ईश्वरचंद्र पुरुषोत्तमदास भावसार - गुजरात, संजय दत्त माथुर - जयपुर, डॉ. रामजी चंद्रवाल – झालावाड़, अशोक गुप्ता - गाजियाबाद, डॉ. शालिनी अगम - दिल्ली, डॉ. प्रियंका जैन -जयपुर, डॉ. जितेन्द्र प्रसाद माथुर-जयपुर, प्रदीप कृष्णिया, सीकर, कमलजीत सिंह-धौलपुर, धर्मपाल गाँधी–झुंझुनूं, डॉ. रविन्द्र कुमार बुंदेला-भोपाल, हेमंत माथुर - जयपुर, श्री नागेंद्र माथुर-मध्य प्रदेश, दयाकांत सक्सेना-जयपुर, डॉ. रामा तक्षक -नीदरलैंड्स, डॉ. सुनीता शर्मा ऑकलैंड, डॉ. संजीव कुमार सैन-एन्टोनियो, डॉ. नवीन शर्मा- जयपुर, जयप्रकाश भटनागर- चित्तौडगढ़, श्रीमती निशा पारीक, सी.पी. पारीक जयपुर, विजय अग्रवाल- जयपुर, उदयवीर सिंह यादव-जयपुर, डा. रेशमा खान -जयपुर, डॉ. नंदलाल चौधरी-नागपुर, मुहम्मद अजहरुद्दीन-जयपुर, संजीव कुमार माथुर–जयपुर, भारतसिंह बादरसिंह राठवा- गुजरात, श्रीमती कुलदीप कौर-दिल्ली, पंकज सिंह चावला- रोहतक, अवधेश कन्नौजिया-नई दिल्ली, डॉ. बबीता रानी श्रीवास्तव - दिल्ली, नसीमबानुं रसुलभाई खोखर-गुजरात, पुष्पेंद्र कुमार शर्मा-जयपुर, शुभम भार्गव-जयपुर, मानसिंह सुथार - श्रीगंगानगर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आटिज्म वारियर्स, बाल गृह के बच्चों का गायन, वादन और नृत्य प्रस्तुति थी। समीक्षा गुप्ता, शिवेन कुमार, लक्ष्य एजुकेशन के आटिज्म बच्चों की ग्रुप नृत्य प्रस्तुति और बाल बसेरा वात्सल्य गृह दिल्ली के बच्चों की नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति हुई।

इस प्रोग्राम में डॉ. अनुराधा दुबे - अधिकारी पर्यटन विभाग रायपुर – छत्तीसगढ़,  सुरभि माथुर, मिस श्रव्या माथुर और वान्या श्रीवास्तव, द्वारा सुरभि मनेरिया धींग, समीक्षा गुप्ता, लिशिका माथुर, पायल गोस्वामी को भव्या फाउंडेशन के ब्रांड एम्बेसडर का ताज पहनाया गया

इस प्रोग्राम में रजनी श्री बेदी, प्रशंसा श्रीवास्तव, भानु भारद्वाज, मनीष माथुर, मनीष बैरवा, जयप्रकाश बुनकर , पूनम संदूजा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का आगाज समीक्षा गुप्ता-दिल्ली द्वारा गणेश वंदना और राष्ट्र गान से हुआ। मिस संस्कृति दीक्षित, सानवी मिश्रा, श्रव्या माथुर, पायल गोस्वामी, अधिवक्ता रोहिणी और काव्या रोहिणी जाधव, मिस सुदेश खरड़िया, पूनम मीर द्वारा नृत्य और गायन की सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। श्री मनीष बैरवा द्वारा राजस्थान की लाठी युद्ध कला, आर.पी. राजू द्वारा जादू का शो हुआ। समीक्षा गुप्ता को काकुल स्मृति सम्मान और प्रसून सम्मान में नकद पुरस्कार से नवाजा गया। कार्यक्रम में आटिज्म वर्रिएर्स, बाल गृह के बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, कॉपी, ज्योमेट्री बॉक्स, टिफ़िन बॉक्स इत्यादि दिए गए। कार्यक्रम में साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।  

कार्यक्रम का संचालन उदघोषिका आर.जे. सपना (आकाशवाणी) जी ने किया।

समारोह में साहित्य, पत्रकारिता, समाज सेवा, शिक्षा, कला, ज्योतिष, उद्यम, कृषि, फिल्म, फैशन, ज्योतिष व अन्य विशेष मुकाम हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम चित्रों के आलोक में




सूचना स्रोत

ममता जाट 'मंजुला'

प्रस्तुति



 

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