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"विज्ञान बाल मेले से विद्यार्थियों में होगा वैज्ञानिक बुद्धि का विकास" - गिरिराज गुर्जर (प्रधानाचार्य)

भूमिका

बच्चों के विज्ञान मेले बच्चों के लिए एक रोमांचक और शिक्षाप्रद अनुभव होते हैं। ये आयोजन बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रचनात्मकता और समस्या-समाधान क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। इस दौरान बच्चों को विज्ञान परियोजनाएं प्रदर्शित करने का मौका मिलने के साथ ही साथ अन्य बच्चों के साथ अपने विचारों और ज्ञान का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलता है। इसके अलावा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्राप्त होता है। और! उल्लेखनीय प्रदर्शन करके वो पुरस्कार और प्रमाण पत्र भी अर्जित कर सकते हैं। ऐसे आयोजन के मुख्य उद्देश्यों बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और उत्साह जगाना। उनकी वैज्ञानिक सोच और समस्या-समाधान क्षमता में वृद्धि करना तथा बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना होता है।

विज्ञान मेले एक मजेदार और शिक्षाप्रद अनुभव होते हैं जो बच्चों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

विज्ञान बाल मेले का हुआ आयोजन  

राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग एवं एसआईईआरटी उदयपुर के निर्देशानुसार भरथला विद्यालय में विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। विज्ञान मेला प्रभारी चांदमल सेन ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय के जूनियर एवं सीनियर वर्ग में विद्यार्थियों द्वारा सात अलग-अलग विषयों पर आधारित मॉडल का निर्माण किया गया। प्रधानाचार्य गिरिराज प्रसाद गुर्जर द्वारा मेले का फीता काटकर शुभारंभ किया गया और उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे मेलों के आयोजन से बालकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशक्ति और नवाचारों का विकास होता है। स्थानीय विद्यालय में पिछले सात वर्षों से लगातार मेले का आयोजन कर इस दृष्टिकोण में वृद्धि की जा रही है। विज्ञान मेले में कृषि के लिए नवाचार, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, मिसाइल आधारित मॉडल, जल शुद्धिकरण संयंत्र और विविध प्रकार के मॉडल का निर्माण कर सभी का मन मोह लिया। प्रधानाचार्य एवं अन्य अतिथियों द्वारा विजेता प्रतिभागियों का सम्मान किया गया और इन्हें जिला स्तर के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। अब यह सभी विद्यार्थी सात से नौ अक्टूबर तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय विज्ञान मेले में भरथला का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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