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गनौली पुस्तकालय से लाभान्वित प्रतिभा हैं यूपीएससी परीक्षा में चयनित बॉबी जी

परिचय

साथियो! आज हमारे मध्य हैं यूपीएससी में चयनित प्रतिभागी श्री बॉबी जी। बॉबी जी एक कृषक परिवार से हैं और परिजनों के उत्साहवर्धन से ग्राम पाठशाला अभियान द्वारा गांव में स्थापित सर्वप्रथम पुस्तकालय का लाभ लेकर उन्होंने कृतसंकल्पित तरीके से तैयारी की तथा उनके द्वारा बनाई परीक्षा रणनीति उनकी सफलता के रूप में काम और सामने आई। साथियों साक्षात्कारों की इस श्रृंखला के पीछे उद्देश्य आगामी पीढ़ियों को इस श्रृंखला के माध्यम से रणनीतिक प्रक्रियाओं से अवगत कराना है। तो आइए आज बात करते हैं बॉबी जी से।

बातचीत

प्रश्न १. बॉबी जी आपने कब स्वयं से ऐसा वादा किया कि आपको यूपीएससी के माध्यम से ही जीवनयापन का जरिया बनाना है?

उत्तर - मैं हमेशा से समाज और देश के लिए कुछ महत्वपूर्ण करना चाहता था और यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होने का निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। 

प्रश्न २. क्या आपके परिवार से कोई सेवा क्षेत्र में है जिस से प्रेरित होकर आपने सेवा क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया? या कोई पड़ोसी अथवा कोई रिश्तेदार आदि?

उत्तर - नहीं जी, अभी तो मेरे परिवार में कोई यूपीएससी से चयनित व्यक्ति नहीं है। लेकिन मेरी माँ और मेरी wife का हमेशा से यह सपना था की में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करूँ।

प्रश्न ३. परीक्षा तैयारियों में आप ग्राम पाठशाला अभियान द्वारा ग्राम में स्थापित सर्वप्रथम लाइब्रेरी से कितना लाभ ले पाए?

उत्तर - "ग्राम पाठशाला अभियान के अंतर्गत स्थापित लाइब्रेरी से परीक्षा तैयारियों में काफी लाभ मिलता है। इस लाइब्रेरी में अध्ययन सामग्री, किताबें, और अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होते हैं, जो छात्रों को उनके पाठ्यक्रम और अन्य विषयों पर विस्तृत ज्ञान प्राप्त करने में मदद करते हैं। इसलिए, ग्राम पाठशाला अभियान की लाइब्रेरी का उपयोग करके आप अपनी परीक्षा की तैयारियों को और भी बेहतर बना सकते हैं।"

प्रश्न ४. क्या आप आगामी पीढ़ियों के लिए उपयोगी होने जैसा कुछ हमारे साथ साझा कर सकते हैं इस साक्षात्कार से अलग?

उत्तर - "मैं अपनी आगामी पीढ़ी के लिए यही संदेश देना चाहूँगा कि सपनों को साकार करने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं। अगर मैं कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं। आप सभी से यही कहूंगा कि अपने लक्ष्यों के प्रति सच्चे रहिए और बिना रुके, बिना थके, आगे बढ़ते रहिए।"

प्रश्न ५. देश की प्रथम पांत की परीक्षा में आपका चयन हो चुका है तो क्या आपकी ऐसी कोई तमन्ना है कि आपको आपकी रुचि का क्षेत्र काम करने के लिए मिल जाए?

उत्तर - यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है। देश की प्रथम पांत की परीक्षा में चयन होना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, और इसके साथ ही यह जिम्मेदारी भी आती है कि आप अपने देश की सेवा के लिए समर्पित रहें।

अगर मुझे मेरी रुचि का क्षेत्र काम करने के लिए मिलता है, तो यह मेरे लिए और भी बेहतर होगा क्योंकि रुचि के क्षेत्र में काम करने से मुझे अधिक प्रेरणा मिलेगी और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाऊँगा। हालाँकि, यदि मुझे कोई अन्य क्षेत्र भी दिया जाता है, तो भी मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना काम करूंगा, क्योंकि अंततः उद्देश्य देश और समाज की सेवा करना है।

प्रश्न ६. प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपना भविष्य बनाने के लिए तत्पर बालकों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

उत्तर - प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बालकों के लिए मेरा संदेश यह है कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगी परीक्षाएँ एक चुनौतीपूर्ण यात्रा हो सकती हैं, लेकिन इस यात्रा के दौरान अनुशासन और समर्पण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न ७. ऐसे युवाओं के लिए कोई सलाह जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सदैव किनारे पर ही रह गए हों उनके उत्साहवर्धन के ध्येय से?

उत्तर - ऐसे युवाओं के लिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं में हमेशा किनारे पर रह गए हैं,उनके लिए मेरी यही सलाह है कि धैर्य और समर्पण बनाए रखें 

सफलता का रास्ता कभी भी आसान नहीं होता, लेकिन जो लोग अपने प्रयासों में निरंतरता रखते हैं, वे अंततः सफलता प्राप्त करते हैं। खुद पर विश्वास रखें और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहें।

धन्यवाद 🙏🏻

रीना वर्मा जी के यूट्यूब चैनल से साभार

बॉबी जी का वीडियो साक्षात्कार

https://youtu.be/Q7A71ZPkjQA?si=E8FhsrIyQDheGwIX


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