भूमिका
किसी भी गतिविधि में प्रतिभाग करने वाले यदि गतिविधि के मूल भाव को समझते हैं तो संबंधित विषय की अड़चनों या बाधाओं से पार पाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती है। ऐसी ही एक बैठक में कैराना लोकसभा क्षेत्र से एक कृषक के बेटे ने प्रतिभाग करते हुए बेहद तर्कसंगत तरीके से अपनी बात रखी।
विवरण
जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित किसान संसद में कैराना लोकसभा का प्रतिनिधित्व क्षेत्र के एक किसान के बेटे ने किया है। उन्होंने बताया कि संसद में किसानों ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है।
गंगोह ब्लाक क्षेत्र के गांव बंदाहेडी निवासी किसान सुशील राणा के बेटे भगवान दास उर्फ मंजित सिंह ने अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर राजस्थान के जयपुर में किसान मोर्चा की ओर से आयोजित 'किसान संसद' में कैराना लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मुख्य फसल गन्ना है। पिछले चार वर्षों में गन्ने के मूल्य में ना के बराबर वृध्दि हुई है। 15 - 15 दिनों तक लाइन में लगे रहने के बावजूद बहुत ही कम किसानों को गेहूं पर एमएसपी मूल्य मिल सका। नलकूप का बिल लगातार बढते रहना भी किसानों की एक समस्या है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उक्त कार्यक्रम में भाग लेने आए किसानों ने किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020, आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने विचार रखे। अंत में संसद अध्यक्ष ने मतदान करवाया। जिसमें सभी ने सर्वसम्मति से कृषि कानूनों को खारिज कर दिया और सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
प्रतिभाग के छायाचित्र





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