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अंतर्संबंध ब्लॉग के लिए तैयार प्रथम वृत्तांत

भूमिका

वृत्तांत लेखन से आशय किसी सत्य अर्थात् वास्तविक घटना का विस्तृत व क्रमबद्ध विवरण प्रस्तुत करने से है। वृत्तांत प्रायः समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं के लिए तैयार किए जाते हैं। हमारे इस ब्लॉग के लिए प्रथम वृत्तांत लिखने का प्रयास हुआ है श्री शिवराज जी कुर्मी के द्वारा जिसके लिए वो बधाई के पात्र हैं।

मेरा प्रथम सचित्र ब्लॉग

मुझे दिनांक 29 जुलाई 2024 को पी.एमश्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दूनी ब्लॉक देवली जिला टोंक में जाने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री भंवरलाल जी कुम्हार से पूर्वपरिचित हैं। विद्यालय में प्रवेश करते ही प्राकृतिक छटा से ओतप्रोत विद्यालय नजर आया। प्रधानाचार्य जी सरल, सादगी के प्रतीक, प्रकृति प्रेमी, मिलनसार, अनुशासनप्रिय, कर्तव्य के धनी,  परोपकारी, संवेदनशील, शाला परिवार के साथ  आपसी मिलनसारित, टीम भावना, आमजन से लगाव आदि गुणों से युक्त हैं। प्रधानाचार्य जी ने मेरा सत्कार  बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया| जलपान के बाद प्रधानाचार्य जी ने विद्यालय की गतिविधियों का अवलोकन कराया। सभी कक्षाओं में विद्यार्थी अनुशासनपूर्वक अध्ययन करते पाये गए। खास बात यह रही कि विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की दीवारों, चबुतरे आदि पर भितिचित्र, मांड़ने  उकेरे गए थे जो आकर्षण का केंद्र थे। मुझे ऐसा लगा जैसे में, चोखी ढ़ाणी, में आ गया।

अतिथि सत्कार के बाद प्रधानाचार्य जी ने ब्यूटी पार्लर कक्ष को दिखाया। जहाँ पर शिक्षिका द्वारा शाला में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को ब्यूटी पार्लर का कोर्स सिखाया जाता है। मैंने पहली बार किसी विद्यालय में ब्यूटी पार्लर कक्ष देखा है। सभी सामान से कक्ष सुसज्जित  था। इस कोर्स से विद्यार्थी स्वरोजगार को प्राप्त कर स्वावलम्बी बन सकता है। इसके बाद प्राथमिक कक्षाओं की ओर चल पडे़ तो  ट्रेन की आकार में सुसज्जित कक्ष दिखाई दिए।  बच्चे आनन्दपूर्वक शिक्षा ग्रहण करते नज़र आये। 

प्रधानाचार्य जी ने नवाचार के बारे में बताया कि प्रार्थना सभा में जो विद्यार्थी साफ सुधरा मय ड्रेस आता है। उसका चयन कर मौके पर ही 'आज का गुलाब' सम्मान से नवाजा जाता है। इसके साथ ही किसी भी विद्यार्थी का जन्मदिन आने पर 'आज का दीपक' नामक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। 

साहित्य मंच टोडारायसिह के तत्वावधान में विलुप्त होती पत्र विधा को पुनः जागरूक करने की डा. सूरज सिंह नेगी साहब की मुहिम, 'पाती अपनों को' के तहत स्कूली विद्यार्थियों से सैनिकों के सम्मान में, पाती वीर जवानों को, पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई| सभी विद्यार्थियों ने पत्र लेखन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद प्रधानाचार्य जी खेल मैदान की तरफ ले गए। खेल मैदान की बदहाली की जानकारी देते हुए सभी के प्रयास से खेल मैदान को आकर्षित एवं प्राकृतिक छटा से युक्त बनाया गया। जो खेल गार्डन के नाम से जाना जाता है। सुबह शाम कस्बे के आमजन भ्रमण के लिए खेल गार्डन में आते हैं। जनसहयोग से अनेक पौधे लगाये गये थे, जो आज विकसित होकर पेड़ नजर आ रहे हैं।

हम पुनः विद्यालय में आये तो मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, टोंक  श्री पन्नालाल बैरवा जी का आगमन हुआ। जिनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2024 को होनी है। शाला परिवार ने उनका विदाई समारोह का आयोजन किया। साहित्य मंच टोडारायसिह द्वारा दुपट्टा पहनाकर एक पुस्तक भेंट की गई।  इस दौरान शाला के एक गुरुजी का भी सेवानिवृत्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया| इस अवसर पर सभी ने  ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। फिर सब अपने अपने घरों की ओर चल पडे़। तो यह रहा मेरा यात्रा संस्मरण।

चित्रों का झरोखा



वृत्तांत स्रोत
शिवराज जी कुर्मी
प्रस्तुति



 

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