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"वैज्ञानिक तरीके से युवा करें डेयरी व्यवसाय और जुड़ें जैविक कृषि से"- डा. महिपाल सिंह

भूमिका

जीवन की अनेक गतिविधियों में जब प्रशिक्षक अधिकारी प्रतिभाग और प्रशिक्षण में रुचि दिखाने लगते हैं तो अप्रत्याशित परिणाम तो आते ही हैं प्रशिक्षुओं की रुचि में भी अपार वृद्धि हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप नतीजे कौशल में गुणात्मक वृद्धि के रूप में सामने आते हैं। यहां पर एक ऐसे ही कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया जा रहा है।

अवसर

पीएनबी आरसेटी में संचालित दस दिवसीय डेयरी फार्मिंग एवं बर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण के समापन पर उनतीस प्रशिक्षणार्थियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र।

विवरण

आज दिनांक 03.07.2024 को पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान माटकी झरौली में संचालित दस दिवसीय डेयरी फार्मिंग एवं बर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण में आरसेटी, पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु विशेषज्ञों के द्वारा डेयरी फार्मिंग एवं बर्मी कम्पोस्ट विषय पर गहनता से उनतीस ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

उद्बोधन

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं भारतीय आर्थिक सेवा के पूर्व अधिकारी और स्थापित प्रशिक्षक डॉ. महिपाल सिंह ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार जनपद स्तर पर ग्रामीण युवाओं को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षित कर स्वावलंबी बनाने हेतु प्रयासरत है। बदलते दौर में जैविक खाद की जरूरत दिनोंदिन बढती जा रही है। इस खाद का प्रभाव कृषि क्षेत्र में कई साल तक बना रहता है। डेयरी व्यवसाय का यह प्रशिक्षण आपकी सफलता की प्रथम सीढी साबित होगी। इसके साथ ही संस्थान पर संचालित पैंतालीस दिवसीय कम्पयुटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किग, तीस दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण के प्रशिक्षणार्थियों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया व विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।






इसी मौके पर आरसेटी निदेशक श्री दीपक कुमार ने कहा कि आरसेटी ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रदान कर स्वरोजगार से जोडने के लिए प्रयासरत है। डेयरी व्यवसाय प्राचीन काल से देश की आर्थिक उन्नति की नींव रहा है। यदि इस व्यवसाय को नई तकनीक एवं बेहतर प्रशिक्षण के उपरान्त किया जाये तो सफलता शीघ्र ही मिल जाती है तथा फलदाई होती है। प्रशिक्षण के उपरान्त भी लगातार दो वर्षों तक मार्गदर्शन भी किया जाता है।

इस अवसर पर कृपा फाउंडेशन से उपस्थित विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी श्रीमति अक्सेम देवी ने भी अपने विचार रखे एवं युवाओं को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम के संयोजक अमित कुमार चौबे ने कहा कि दस दिवसीय प्रशिक्षण में पशुओं की नस्ल, रोग एवं निदान, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, जैविक खाद निर्माण, मार्केटिंग, मार्केट सर्वे एवं डेयरी व्यवसाय बर्मी कम्पोस्ट के साथ साथ खेती से जुड़े अन्य व्यवसायों के अनेक विशेषज्ञों के द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान डीएसटी श्री सुमित शर्मा (कार्यक्रम सहायक), सरनजीत कौर एवं अरुण कुमार जैन ने विचार रखे। लक्ष्मण सिंह, रामविलास और सफल उद्यमी सुमित कुमार ने अपने अनुभव साझा किये।

सुर्खियां

कार्यक्रम का विवरण जो समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित किया गया उसका विवरण निम्न प्रकार है।





आरसेटी का आभार
शानदार फीडबैक रहा सर हमारे डायरेक्टर साहब भी प्रभावित हुए।

बच्चों का फीडबैक भी अच्छा रहा और उनको लगा कि हमें बेहतर सीखना चाहिए और स्वरोजगार से जुड़ना चाहिए। आपका नंबर हमने शेयर कर दिया है। उन्होंने स्वयं नंबर मांगा है आपका। इससे यह सिद्ध होता है कि आपका इंटरेक्शन प्रभावशाली है आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आरसेटी पधारने के लिए।

सूचना स्रोत

डॉ. महिपाल

प्रस्तोता



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