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रोजगार में पारंगत होकर भरपूर आत्मविश्वास से जीवनयापन करने वाली शख्सियत वीरेंद्र जी

 भूमिका 

सृष्टि में ऐसे लोग बहुत सीमित मात्रा में हैं जो अपने रोजगार में इतने कुशल हो जाएं कि घंटों का काम कुछ मिनटों में और अत्यंत मजबूती के साथ कर पाएं। वीरेंद्र सरन जी एक ऐसे ही इंसान हैं जिन्होंने आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने कौशल से अपना विशिष्ट स्थान अपने व्यापारिक क्षेत्र में बनाया है।

परिचय

साथियो! सृष्टि में सभी लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई न कोई काम या फिर रोजगार करते हैं। इन्हीं में कुछ चिन्हित लोग अपने कार्य को इतना परिष्कृत कर लेते हैं कि उनके द्वारा निर्मित उत्पाद विशेष खूबियों से युक्त हो जाता है। मसलन ड्रेस डिजाइनिंग एक ऐसा बारीक काम है जिसमें सभी परिष्कृति के लिए अनेकों चीजों को ध्यान में रखना होता है। मेरठ में एक ऐसे ही सिलाई कटाई के कारीगर श्री वीरेंद्र सरन जी हैं जो वर्षोंवर्ष से इस कार्य में लगे हुए हैं। और! वो अपने कार्य में इतने कुशल हैं कि पोशाकों के दोषों तक को इतनी कुशलता से छिपा सकते हैं कि उनको कोई भी कितना भी प्रयास करके ढूंढ नहीं सकता। तो आइए आज मिलते हैं ऐसी ख्यातनाम प्रतिभा से जिनके द्वारा प्रयुक्त सिलाई मशीन तक कई दशकों पुरानी है और उसके अधिकांश दोषों को वो स्वयं ही दूर कर लेते हैं।

बातचीत

प्रश्न १. मास्टर जी, आप कबसे कटाई सिलाई के क्षेत्र में हैं?
उत्तर - "विगत 53 साल से।"

प्रश्न २. मास्टर जी, वह कौन सी पोशाक है जिसको तैयार करने में आपको सर्वाधिक आसानी है और क्यों? जरा विस्तार से बताइए।
उत्तर - "वैसे तो लेडीज या जेंट्स दोनों ही तरह की पोशाकें बनाने में माहिर हूं, जहां तक विशिष्टि और सुगमता की बात है तो कुर्ता पायजामा और जवाहर कट बनाने में काफी ना सिर्फ आसानी लगती है, बल्कि इन पोशाकों को बनाने में मैं पोशाकों को निर्मित करने के साथ साथ उनमें नवीनता लाने के विषय में भी सोचता रहता हूं। मेरे द्वारा निर्मित इन पोशाकों की फिटिंग मेरे अधिकाँश ग्राहकों को पसंद आती है क्योंकि अपने काम का इतना लंबा अनुभव होने के बाद भी मैं आज भी और अच्छा करने का निरंतर प्रयास करता रहता हूं।"

प्रश्न ३. मास्टर जी, विभिन्न सिलाई कार्यों में प्रयुक्त धागों में कौन से धागों को आप मजबूत और सर्वोत्तम मानते हैं?
उत्तर - "मैं अमितो और वर्धमान धागों को मजबूत और सर्वोत्तम मानता हूं।" 

प्रश्न ४. मास्टर जी, सिलाई के कॉटन के तथा पॉलिएस्टर के धागों में कौन सा बेहतर है और क्यों?
उत्तर - "कॉटन के कपड़े की सिलाई करने के लिए कॉटन से बना धागा ही प्रयोग में लाना चाहिए क्योंकि अगर कॉटन के कपड़े को पॉलिएस्टर के धागे से सिलाई करें तो प्रेस करने पर पॉलिएस्टर का धागा जल जाता है और इस कारण से कपड़े का जोड़ खुल जाता है , और पॉलिएस्टर से बने कपड़े की सिलाई करने के लिए पॉलिएस्टर का धागा ही इस्तेमाल में लाना चाहिए।"

प्रश्न ५. सिलाई के अतिरिक्त क्या कढ़ाई की प्रक्रियाओं की भी आपको जानकारी है?
उत्तर - "ज़्यादा नहीं।"

प्रश्न ६. पोशाक निर्माण के लिए कटाई की मैनुअल तथा मशीन आधारित प्रक्रियाओं में से आप किसको उत्तम मानते हैं?
उत्तर - "छोटी दुकानों के लिए मैनुअल कटिंग करना बहुत आसान होता है, जबकि बड़ी-बड़ी एक्सपोर्ट फैक्ट्रियों और रेडीमेड गारमेंट्स फैक्ट्रियों में कटिंग के लिए मशीन का इस्तेमाल ज्यादा अच्छा रहता है।"

प्रश्न ७. पोशाकों में उत्तम और घटिया ड्रेस मैटीरियल का प्रयोग ड्रेसमेकर तथा उपभोक्ता के लिए कैसे लाभकारी और हानिकर होता है?
उत्तर - "कुछ ड्रेस निर्माता अधिक लाभ कमाने के लिए घटिया मटेरियल का उपयोग करते हैं, जो कि उपभोक्ता के लिए नुकसानदेह है, जबकि कुछ ड्रेस निर्माता अच्छे किस्म का मटेरियल इस्तेमाल में लाते  हैं, जो कि निर्माता तथा उपभोक्ता दोनों के लिए ही लाभकारी है। मैं निवेदन करता हूं अपने सभी ड्रेस निर्माता बन्धुओं से कि वे अपने उत्पाद में अच्छे से अच्छे किस्म का मटेरियल इस्तमाल करें जो निर्मिता और उपभोक्ता दोनों के लिए ही लाभकारी हो।"
सूचना स्रोत
वीरेंद्र सरन जी
प्रस्तुति




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