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कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम

भूमिका

सहारनपुर जनपद के बहादुरपुर ग्राम निवासी डॉक्टर महिपाल सिंह जी ने कृपा फाउण्डेशन के नाम से एक स्वयंसेवी संगठन का गठन कर अपने क्षेत्र को स्वावलंबी बनाने के ध्येय से विविध गतिविधियों को आरम्भ किया है जिनमें सर्वाधिक वरीयता पर कृषि है। कृषि आधारित एक ऐसी ही गतिविधि का विवरण यहां पर प्रस्तुत है।

कार्यक्रम की पूर्वसूचना

कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2024 को प्रातः 12 बजे से कृपा फाउण्डेशन बहादुरपुर फार्म बड़गांव रोड सहारनपुर पर धान की फसलों में लगने वाले रोगों से संबंधित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। किसानों भाइयों से अनुरोध है कि उक्त प्रशिक्षण में भाग लेकर तकनीकी लाभ प्राप्त करें। धन्यवाद। प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र, सहारनपुर

कार्यक्रम विवरण

आज दिनांक 26 जुलाई 2024 कृपा फाउण्डेशन गाम बहादुरपुर में धान की फसल में रोगों की रोकथाम पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अनुमानतः चालीस व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया। आयोजन के मुख्य वक्ता डा० आई के कुशवाहा (प्रभारी, उद्यान वैमानिक) कृषि विकास केंद्र, सहारनपुर से थे। डा० आई के कुशवाहा ने धान की आयु के अनुसार पोषक तत्वों की मात्रा व विधि के बारे में किसानों की जानकारी दी और पौधे में गलन व झण्डा रोग की रोकथाम के लिए डा० आई के कुशवाहा ने किसानो को विभिन्न दवाइयों का विवरण भी दिया।

डा० आई के कुशवाहा ने आयुर्खेत ऑर्गेनिक इण्डिया फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, शेरपुर खेलमऊ पर भी चर्चा की और किसानों को उसके होने वाले फायदे भी बताये। कृपा फाउण्डेशन के अध्यक्ष डा० महिपाल सिंह की ओर से सुशील कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। सुशील कुमार ने किसानों को 2023-24 इकोनॉमिक सर्वे की जानकारी दी और बताया कि जानकारी आर्थिक सर्वेक्षण में न सिर्फ कृषि क्षेत्र को महत्व दिया गया है, बल्कि कृषि नीतियों पर नए सिरे से विचार करने और व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया गया है। सर्वे में माना गया कि कृषि में भारत ग्रोथ इंजिन बनने की क्षमता रखता है। 

एक महत्वपुर्ण बात यह कही गई है कि जिस तरह चीन में कृषि की तरक्की से उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ने से पूरी इकोनॉमी को फायदा हुआ था, ठीक वही मौका हम भी हासिल कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2016 में छः साल में किसानी की आय को दोगुना करने की जो घोषणा की गई थी लगता है उसे चीन के मॉडल से लिया गया है। वहां 1978 से 1984 के दौरान छ साल में किसानों की वास्तविक आय दो गुना हुई थी।

गोष्ठी में ग्राम बहादुरपुर से प्रीतम सिंह, ओम सिंह, कटार सिह व नकली सिंह; अहमदपुर से नेम सिंह, किरणपाल सिंह, सुभाष कुमार व रविन्द कुमार; सकतपुर से बाबूराम, सुखपाल सिंह, राजकुमार सिंह; सढ़ोली हरिया से कुलदीप सिंह, महिपाल सिंह, मदनूबी से हरपाल सिंह नुसरतपुर से कितेपाल व जीत सिंह आदि किसान मौजूद रहे।

चित्रों के आलोक में







सूचना स्रोत

               सुशील कुमार

प्रस्तुति








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