भूमिका
हसनपुर में श्रीमती सुखदेवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य परम सिंह को भारत विभूति सम्मान मिलने पर यदि हर्ष जताया गया तो यह यूं ही नहीं है। इस विभूति ने साधना की है और निर्लोभ। और! साधना अभी जारी है बालकों के जीवन को संवारने की। सब कुछ एक संकल्प के अंतर्गत चल रहा है तो विद्यालय के दैनिक क्रियाकलापों को एक प्रेरक पुस्तिका का रूप दे दिया और जो विद्यालय इसको अक्षरशः लागू कर दे आदर्श विद्यालय बन जाए। अनेक विद्यालय मौन ही अंगीकृत कर लाभान्वित हो रहे हैं। ईश्वर भी इनके समक्ष उत्पन्न होने वाली बाधाओं से लगातार उबार रहे हैं तो क्षेत्र में इनकी लोकप्रियता ही से यह हर्ष भी स्वतः ही नगर भर में व्याप्त है।
विवरण
हसनपुर नगर के श्रीमती सुखदेवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य परम सिंह की शैक्षिक, सामाजिक व नवाचार क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं को दृष्टिगत रखते हुए केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खां ने उनको भारत विभूति सम्मान दिया है।
इस पर राज्यपाल ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मैसेज भेजकर उनको बधाई दी है। वहीं, साथी शिक्षक एवं शुभचिंतक भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। प्रसिद्ध शिक्षाविद परम सिंह ने शैक्षिक नवाचार तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर शिक्षा जगत में कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी विशिष्ट सेवाओं को दृष्टिगत रखते हुए वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय द्वारा एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मूर्धन्य विद्वान व केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खां के हाथों भारत विभूति सम्मान प्राप्त होने पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार, रोटरी क्लब आस्था हसनपुर, सदभावना समिति धनौरा की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है।
प्रेस कवरेज
उद्गार
बधाई
प्रधानाचार्य 'परम सिंह' ने पाया है सम्मान।
'भारत विभूति' नाम का मिला यह सम्मान।
राज्यपाल श्री आरिफ हर्षित थे दे मान।
शिक्षा जगत में स्थापित किये कीर्तिमान।
क्षेत्र सामाजिक शैक्षिक में सेवा भरपूर।
भाव समर्पण में सदा 'परम' रहे हैं चूर।
हर उलझन को ज्ञान से करें पलों में दूर।
मुस्कानों से बरसता एक अनुपम है नूर।
निर्लोभ साधना में वह लिप्त रहें दिन रात।
बच्चों को दे ज्ञान वो हदय में सुख पात।
अपने सरल स्वभाव से जन-जन में विख्यात।
विद्यालय के हितों की करते पल-पल बात।
हसनपुर के क्षेत्र का हुआ देश में नाम।
कर्मभूमि विद्यालय मानो हो कोई धाम।
उनकी करते सहायता राम और घनश्याम।
उन्हें बधाई दे रहा आज पूर्ण ही ग्राम।
श्री कृष्णदत्त शर्मा 'कृष्ण'
('उलझन सुलझन' के राजीव की अनुग्रह पर भावों के अनुसार)
सफलता की कामना
शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा महान क्षेत्र कहलाते हैं।
महान व्यक्ति इनके पीछे जीवन लक्ष्य बनाते हैं।
शिक्षा ही है जो मानव को सचमुच पूर्ण बनाती है।
जाति, समाज, देश में शिक्षा जागृति लाती है।
बिन शिक्षा के मानव पशु श्रेणी में आता है।
शिक्षा, रोटी, स्वास्थ्य और सुरक्षा पाता है।
इनका सही समन्वय है व्यक्तित्व परम सिंह जी का।
इन महान क्षेत्रों में श्रेष्ठ काम है श्रद्धेय परम सिंह का।
एस.एस.वी.आई.सी. के प्रधानाचार्य बने हैं जब से।
सच मानो आरेख बढ़ा है इस कॉलेज का तब से।
शिक्षा से संबंधित सभी कार्यों में योगदान है भारी।
शीर्ष शिखर पर विद्यालय को लाने की तैयारी।
जो भी स्वप्न सजाए अब तक सब साकार किए हैं।
निकट के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के अवदान दिए हैं।
परिणाम परीक्षा में ऊंचे स्तर पर विद्यालय आता है।
सम्पूर्ण श्रेय सफलता का श्री परम सिंह को जाता है।
इनका शिक्षक वर्ग सभी सम्मान इन्हें देता है।
शिक्षा की प्रगति की सही प्रेरणा इनसे ही लेता है।
समय समय पर उच्च अधिकारी जो भी कॉलेज में आते हैं।
विद्यालय की प्रगति देख इनका साहस बढ़ाते हैं।
महान लोगों ने इनको पुरस्कृत कर सम्मान दिया है।
वर्तमान में केरल के राज्यपाल ने भी सम्मान किया है।
आदर्श प्रधानाचार्य मानकर इनको पुरस्कृत किया है।
व्यक्तित्व और कृतित्व में श्री परम सिंह हैं आगे।
छात्र और अभिभावक नतमस्तक हैं इनके आगे।
सही अर्थ में गुरु परंपरा के हैं सच्चे पोषक।
सभी कार्यों के सही सही उद्घोषक।
ऐसे गुणवान प्रधानाचार्य भविष्य संवार रहे हैं।
आदर्श शिक्षा का ही जीवन में ये कर प्रचार रहे हैं।
बारम्बार हमारी इनको यही सदा शुभ कामनाएं।
सपने साकार हों इनके सुख समृद्धि ये पाएं।
डॉ. देशराज सिंह (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य)
आदरणीय श्री परम सिंह जी को भारत विभूति सम्मान मिलने पर हार्दिक बधाई एवं साधुवाद।
श्री देवराज जी कुर्मी (शिक्षक, टोंक, राजस्थान)
शिक्षा के क्षेत्र में महती कार्य करने वाले श्री परम सिंह जी वास्तव में भावी भारत की नींव के मजबूत स्तंभ है।
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