सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

साहित्य मंच के कार्यक्रम (अपडेटेड २२.०३.२०२५)

भूमिका

भारत एक ऐसा इस देश है जहां नवाचारी सर्वाधिक हैं। अपनी तमाम व्यस्तताओं के बाद भी इस देश के नवाचारी कुछ ना नवाचार करते ही रहते हैं।

आयोजक मंच का परिचय

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी का गठन डा. सूरज (तत्कालीन उपखंड अधिकारी टोडारायसिंह) की प्रेरणा से सात वर्ष पूर्व विलुप्त होती पत्र विधा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य किया गया था। साहित्य मंच टोडारायसिंह के संरक्षक डा. सूरज सिंह नेगी, संयोजक शिवराज कुर्मी, सहसंयोजक राजेन्द्र प्रसाद विजयवर्गीय तथा सदस्य राजेन्द्र प्रसाद जैन, दिनेश कुमार जैन, हरिराम गौड़, ओमप्रकाश शर्मा, तहसीलदार, ओमप्रकाश जैन, भामाशाह बरवास, कमल कुमार जैन, सुनील कुमार जैन, हंसराज जैन हैं व आशीष विजयवर्गीय को प्रचार प्रमुख का दायित्व दिया गया। 

इस मंच द्वारा स्कूली विद्यार्थियों एवं आमजन को पत्र लेखन के लिए जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त साहित्य मंच द्वारा कविता पाठ, कहानी, निबंध लेखन प्रतियोगिता, जीव कल्याण हेतु पत्र लेखन, पत्र समीक्षा, चित्रकला प्रतियोगिता, परिण्डे़ बांधना, चुग्गा डालना,पौधारोपण, सीड्स बाल बनाने हेतु बच्चों को प्रेरित करना, पुस्तक दान, महाअभियान के तहत पुस्तकों का संग्रह कर पुस्तकालय में देना। जरूरतमंदों को नि:शुल्क कपड़े, कपड़ा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाना। बोर्ड परीक्षा में ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त विद्यार्थियों का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजन, पर्यावरण संगोष्ठी, जल बचत, प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित करना आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

नवीनतम गतिविधि (२२.०३.२०२५)

साहित्य मंच- टोडारायसिंह के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद राजकीय माडल स्कूल- टोडारायसिंह में विश्व जल दिवस पर संगोष्ठी एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मालाराम जाट (सहायक अभियन्ता जलदाय विभाग), विशिष्ट अतिथि डा, कृष्णावतार गुप्ता रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता निपुण सक्सेना प्रधानाचार्य ने की। 

कार्यक्रम में आये अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत सत्कार किया गया। इसके बाद कवि दिनेश कुमार जैन ने जल आधारित कविता सुनाई।  मुख्य अतिथि के द्वारा जल के महत्व, उपयोगिता एवं बचाव के तरीके बताये गए।  जल है तो कल है। पानी के बिना किसी का भी जीवित रहना मुश्किल है। पानी को मितव्ययता से काम में लेना चाहिए। शेष पानी को बागवानी में काम में लेना चाहिए। शिवराज कुर्मी संयोजक ने जल आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। मौके पर ही सही उत्तर देने वाले बच्चों को मौके पर ही पर पुरस्कार प्रदान किए गए। डा. कृष्णावतार गुप्ता (पशु चिकित्सक) ने बताया कि बेजूबान पशु-पक्षियों के लिए ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पानी की व्यवस्था की जाय। अधिकतर पशु-पक्षियों की प्यासे रहने से मृत्यु हो जाती है। निपुण सक्सेना, प्रधानाचार्य ने भी सभी का आभार व्यक्त कर जल बचत शपथग्रहण करवायी।

कार्यक्रम में आशीष विजयवर्गीय ने बच्चों को अशुद्ध जल को शुद्ध करने के बारे में जानकारी दी।

अन्त में कार्यक्रम में शाला परिवार के शिक्षकगण एवं स्कूली विद्यार्थी मौजूद रहे।

चित्रदीर्घा






विलुप्त होती पत्र विधा पर मुहिम

साहित्य मंच, टोडारायसिंह के तत्वावधान में ०६.०२.२०२५ को डा. सूरज सिंह नेगी साहब की अनूठी मुहिम 'पाती अपनों को' के अन्तर्गत राज़कीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गूजरवाडा ब्लॉक केकडी जिला अजमेर में विलुप्त होती पत्र विधा के बारे में अवगत कराया गया। इसके बाद वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती विमला नागला, केकडी के पिता श्री की पुण्य स्मृति में डा. नेगी साहब के द्वारा संपादित पुस्तक 'मैं बाबुल की परछाई' से विमला नागला जी के द्वारा लिखित पत्र का वाचन स्कूली छात्रा द्वारा करवाया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार श्री भंवर सिंह, देवगांव, शिवराज कुर्मी, श्री राम बाबू सोनी, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।



पत्र का विकल्प मोबाइल नहीं

साहित्य मंच, टोडारायसिंह के तत्वावधान में राज़कीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कादेडा जिला अजमेर में डा. सूरज सिंह नेगी साहब, वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी, जयपुर की अनूठी मुहिम, 'पाती अपनों को' के तहत विलुप्त होती पत्र विधा के बारे में शिवराज कुर्मी संयोजक द्वारा जानकारी देकर मोबाइल पर संदेश भेजने की जगह पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया गया। पत्र विधा वह विधा है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने मन के विचारों को एक कागज के टुकड़े पर लिपिबद्ध कर सकता है। इसके बाद अखिल भारतीय स्तर की पत्र लेखन प्रतियोगिता 'युवाओं के लिए पाती' विषय पर जानकारी देकर पत्र लेखन का आग्रह किया गया।

बाल लेखिका पिंकी नरुका कक्षा 12 का पत्र 'लिख दूँ पाती बाबुल को' पुस्तक में प्रकाशित होने पर स्वयं के द्वारा पत्र वाचन किया गया। बाल साहित्यकार बालिका का साहित्य मंच द्वारा दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बालिका के सम्मान में विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने ताली बजाकर मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम में संस्था प्रधान ने विलुप्त होती पत्र की जानकारी देने पर साहित्य मंच का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिवराज कुर्मी संयोजक, कृष्ण मुरारी पाटीदार, समाजसेवी, बनेठा, विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।




मनोबल में वृद्धिकारक

साहित्य मंच- टोडारायसिंह द्वारा छात्र हार्दिक पाटीदार पुत्र श्री विजय कुमार पाटीदार कक्षा 06 श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उ मा वि- टोडारायसिंह द्वारा पूर्ण आत्मविश्वास एवं जोशीले अन्दाज में शायरी प्रस्तुत की गई| ऐसे प्रतिभाशाली छात्र को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया| ताकि छात्र का मनोबल बढ़ सकें| छात्र से पूछने पर कलेक्टर बनने की इच्छा जताई| ऐसे विद्यालय के संस्था निदेशक श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन का बहुत बहुत साधुवाद|



मॉडल स्कूल के बालकों को मिले खिलौने

स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल टोडारायसिंह   में नन्हे मुन्ने बच्चों को खिलौने भेंट किए गए।

शिवराज कुर्मी (संयोजक, साहित्य मंच, टोडारायसिंह) ने इस अवसर पर बताया कि फीडिंग हैंडस जयपुर के ट्रस्टी पंकज जैन एवं अमरदीप सोनी द्वारा ये खिलौने विद्यालय को दिए गए हैं। ये शैक्षणिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खिलौने हैं  जिनसे नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, फर्स्ट, सेकंड, थर्ड के विद्यार्थी खेल खेल में रोचक तरीके से पढ़ना सीखेंगे। यह किट साहित्य मंच टोडारायसिंह संयोजक शिवराज कुर्मी ने विद्यालय में पहुंच कर उपलब्ध करवाई।

नवाचारी शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि खेल किट में गिनती, स्वर व्यंजन, एबीसीडी, शरीर के अंग, यातायात साधन के लकड़ी के बोर्ड, रंगोमेट्री, तीन कहानी बुक, विभिन्न औजार, बोतल बाॅल, काउंटिंग बाॅल, माप सेट, क्ले, काउंटिंग कार्ड, कलर कार्ड आदि है। जिले के इनोवेटिव सरकारी विद्यालय में यह खिलौना किट वितरित किया जा रहा है। जिससे बच्चों को खेल खेल में आनन्ददायी शिक्षण करवाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री दिलखुश मीना (शाखा प्रबन्धक, एस.बी.आई. टोडारायसिंह) ने अपने उद्बोधन में बताया कि खिलौना के माध्यम से बच्चे जल्दी सीख पाते हैं। कक्षा कक्ष में ऐसी छोटी छोटी गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। संस्था प्रधान श्री निपुण सक्सेना ने बच्चों के लिए सीखने-सिखाने के लिए भामाशाह द्वारा खिलौने उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुकेश चौधरी (सहायक प्रबन्धक), आशीष विजयवर्गीय (अध्यक्ष, सेवा भारती) एवं शाला परिवार के शिक्षकगण मौजूद रहे।



वीडियो

पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती (१४.११.२०२४)

साहित्य मंच टोडाराय सिंह के तत्वावधान में राज़कीय प्राथमिक विद्यालय केरली में पंडित जवाहरलाल नेहरू जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्यामसुंदर शर्मा, पीईईओ गोपालपुरा, विशिष्ट अतिथि शिवराज कुर्मी और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री भंवरलाल कुम्हार, संस्था प्रधान रहे। मुख्य अतिथि ने बच्चों को पं. जवाहरलाल नेहरू के सिद्धांत को अपनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को साहित्य मंच द्वारा जवाहर टोपी वितरित की गई। कार्यक्रम समापन पर संस्था प्रधान ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षक पवन वर्मा, मैना वैष्णव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।

चित्रदीर्घा


डायरी लेखन (११.११.२०२४)

साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उ, मा, वि- टोडारायसिंह में डा. सूरज सिंह नेगी साहब, वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी, जयपुर द्वारा स्कूली विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया। मुख्य अतिथि डॉ. नेगी ने बच्चों को जीवन में रिश्ते- नाते के महत्व के बारे में अवगत कराया। स्कूली विद्यार्थियों को सतत् एवं निरन्तर अभ्यास के लिए प्रेरित किया। मोबाइल से दूर रहने एवं नियमित डायरी लेखन के लिए प्रेरित किया| इसके अलावा जब भी समय मिले तब अपने रिश्तेदारों को पत्र लिखने को कहा। कार्यक्रम में पाती अनुभव लिखने में तृतीय स्थान पर निशा प्रजापत एवं कनिष्का को प्रशंसा पत्र एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच टोडाराय सिंह एवं राजेन्द्र प्रसाद जैन, निदेशक, दिगम्बर जैन सन्मति सागर टोडाराय सिंह रहे। मंच संचालन प्रेमचन्द उज्ज्वल ने  किया। शाला परिवार के अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।

चित्रदीर्घा






वीडियो

शिष्टाचार भेंट (१०.११.२०२४)

साहित्य मंच टोडाराय सिंह के तत्वावधान में  टोंक जिले के विभिन्न अधिकारियों से शिष्टाचार मुलाक़ात कर विलुप्त होती गौरैया चिड़िया को बचाने की अनूठी मुहिम 'गौरैया संरक्षण' एक पहल हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। सभी अधिकारियों ने इस मुहिम के फ्लेक्स पर हस्ताक्षर कर आमजन एवं स्कूली विद्यार्थियों को प्रेरित किया। समय निकालकर इस पहल को आगे बढ़ाने में मदद करने की सहमति व्यक्त की। आज की युवा पीढ़ी में जीव संरक्षण के संस्कार निहित नहीं हैं। ज्यादा से ज्यादा स्कूली विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़कर जीव संरक्षण कार्य करने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि जीवों को बचाया जा सके।  इस कार्यक्रम के सहयोगी ओमप्रकाश जैन, भामाशाह बरवास एवं शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच टोडाराय सिंह रहे|

गौरैया संरक्षण हेतु प्रयास 









पत्र वाचन (०८.११.२०२४)

साहित्य मंच टोडाराय सिंह के तत्वावधान में आलोक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, टोंक में पत्र वाचन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि ओम प्रकाश जैन, भामाशाह बरवास, विशिष्ट अतिथि शिवराज कुर्मी रहे। हमारे समाज में होने वाले बाल विवाह के बारे में लिखे गये पत्रों का वाचन स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा करवाया गया। बाल विवाह एक अभिशाप है। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बालक-बालिका का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। विवाह की उम्र बालिका की 18 वर्ष एवं बालक की 21 वर्ष पूरी होने पर ही विवाह करना चाहिए। कार्यक्रम में ओमप्रकाश जैन ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक कविता सुनाई। साथ ही शिक्षा का महत्व भी बताया। कार्यक्रम में शाला परिवार के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

चित्रदीर्घा





विडियोज


पाती अपनों को

साहित्य मंच टोडाराय सिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोडाराय सिंह में डा. सूरज सिंह नेगी साहब की मुहिम, पाती अपनों को, के तहत शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों से, मेरे प्रिय शिक्षक, पर पत्र लेखन का आग्रह किया गया था। बच्चों ने उत्साह के साथ अपनी कलम को अपने प्रिय शिक्षक के बारे मे चलाकर अपने मन के विचार प्रकट किए। यह पत्र लेखन पाती मुहिम की देन है। आज की युवा पीढ़ी भी पत्र लेखन के लिए आगे बढ़ रही है। स्कूली विद्यार्थियों के कुछ पत्र चित्रों के माध्यम से आपकी सेवा में शेयर किए जा रहे हैं।  ये पत्र जब सम्बंधित शिक्षक के हाथ में गये तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोचा कि आज हमारे शिष्य ऐसे है जो गुरु जी के सम्मान में अपने विचार लिखकर भेज रहे हैं। धन्य है पाती मुहिम को।



सम्मान

साहित्य मंच टोंक के तत्वावधान में महात्मा गॉंधी बालिका उ मा वि- देवली में बोर्ड परीक्षा 2024 के अन्तर्गत 10 वीं एवं 12 वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभा शाली विद्यार्थियों का प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मती शीला मीणा, समाजसेवी, विशिष्ट अतिथि ओम प्रकाश जैन, भामाशाह बरवास, शिवराज कुर्मी, संयोजक साहित्य मंच, दामोदर वर्मा, प्रधानाचार्य, देवली गाँव , अशोक दुबे, समाजसेवी, देवली एवं अध्यक्षता श्री मती अर्पणा शर्मा, उप प्रधानाचार्य बालिका देवली रहे| माँ शारदे के तिलक वन्दन एवं माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया| मुख्य अतिथि महोदया ने अपने उद्बोधन में बताया कि सतत् अभ्यास से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है| जीवन में नैतिक जीवन मूल्यों को ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया| सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया| ओमप्रकाश जैन भामाशाह ने संस्कार आधारित कविता सुना कर आनन्द का माहौल बना दिया| सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियो को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिह्न एवं कपड़े का बैग वितरित किया|कार्यक्रम में मंच संचालन अरुण कुमार पारीक ने किया| कार्यक्रम में शाला परिवार का भरपूर सहयोग रहा|







विश्व पत्र लेखन

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में विश्व पत्र लेखन दिवस श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उ, मा, वि- टोडारायसिंह में आयोजित किया गया| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिराम गौड़ विशिष्ट अतिथि कवि दिनेश कुमार जैन, आशीष विजयवर्गीय अध्यक्षता राजेन्द्र कुमार जैन, निदेशक रहे| मुख्य अतिथि ने स्कूली विद्यार्थियों को विलुप्त पत्र विधा को पुनर्जीवित करने के पत्र लेखन के लिए प्रेरित किया गया| पत्र के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने मन के विचार लिखकर दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा सकता है| साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बच्चों को नियमित डायरी लेखन के लिए प्रेरित किया| कवि दिनेश कुमार जैन एवं आशीष विजयवर्गीय ने अपने अनुभव शेयर किए| अन्त में निदेशक महोदय ने सभी का आभार व्यक्त किया|

पाती अपनों को

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में राजीव गाँधी विद्यापीठ शिक्षा संस्थान टोडारायसिंह में डा. सूरज सिंह नेगी वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी जयपुर द्वारा चलायी जा रही मुहिम 'पाती अपनों को' के तहत अखिल भारतीय स्तर की पाती लेखन प्रतियोगिता, पाती वीर जवानों को, के बारे में स्कूली विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि पत्र विधा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने मन के विचार लिखकर दूसरों तक पहुंचा सकता है। मोबाइल के युग में आज का युवा पत्र लेखन भूल चुका है। पत्र लेखन विधा को पुनर्जीवित करने के लिए स्कूली विद्यार्थियों से पत्र लेखन कार्य करवाया जा रहा है। एक सैनिक के सम्मान में स्कूली विद्यार्थी अपनी कलम से मन के विचार लिख सकेंगे। कार्यक्रम में संस्था प्रधान श्री मुकेश कुमार सोनी, शिवराज कुर्मी, पत्र लेखन में सहयोगी श्रीमति सुरभि जैन मौजूद रहे|


पाती प्रतियोगिता

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कादेडा़ की पूर्व छात्रा पिंकी नरुका द्वारा लिखित पत्र 'बिटिया की पाती बाबुल के नाम' में चयनित होने पर विद्यालय में बालिका का दुपट्टा पहनाकर प्रशस्ति पत्र एवं पुस्तक देकर संस्था प्रधान श्री योगेश आचार्य, शिवराज कुर्मी, शिक्षक अशोक जी द्वारा सम्मानित किया गया। शाला परिवार एवं छात्र छात्राओं में खुशी छा गयी। इसके बाद सायंकाल बालिका के आवास पर परिवार के सदस्यों पिता श्री राजेन्द्र सिंह नरुका , माता श्रीमति चन्द्रकान्ता, दादी गीता देवी एवं परिवार में पांच बहिनें नेहा, ममता, सुमन, अंजली एवं एक भैया ईश्वर सिंह नरुका आदि ने पिंकी नरुका के सम्मान होने की जानकारी देने पर घर, मौहल्ला में खुशी का माहौल नजर आया। इसकी बहिन अंजली नरुका पूर्व में, बच्चों की पाती मतदाताओं के नाम, में सम्मानित हो चुकी थी। इनका परिवार सामान्य स्थिति का है। मैंने पिंकी नरुका से पुस्तक में से अपना पत्र वाचन करने का आग्रह किया। पूरे परिवार वालों को पत्र पढ़कर सुनाया गया। इसकी दादी, मम्मी में अपार उत्साह नजर आया। पिंकी नरुका ने अपने पिता श्री के बारे में लिखा था। 

अन्य बहिनों को पाती वीर जवानों को, पत्र लेखन प्रतियोगिता में भी पत्र लेखन के लिए प्रेरित किया। मैंने सभी बहिनों एवं भैया से पढा़ई के बारे में जानकारी ली तथा अपना लक्ष्य भी बताने के लिए आग्रह किया। सभी ने बताया कि हम सब पत्र लेखन में भाग लेंगे। पढ़ लिख कर घर, स्कूल एवं गाँव का नाम रोशन करेंगे। मैंने पूछा कि पत्र लिखना क्यूँ अच्छा लगता है? सभी ने बताया कि हम अपने मन के विचार पत्र के माध्यम से एक दूसरे तक पहुंचा सकते हैं। पुस्तक में पत्र जब छपता है तब काफी खुशी मिलती है। आज हमारी युवा पीढ़ी पत्र लेखन में आगे बढ़ रही है। इसका श्रेय डा. सूरज सिंह नेगी साहब की मुहिम, पाती अपनों को, जाता है। पिंकी नरुका ने पुस्तक में सम्मिलित पत्रों की समीक्षा अपनी कलम से करने का विश्वास दिलाया ये है पाती मुहिम का कमाल।


पाती प्रतियोगिता

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में डा. सूरज सिंह नेगी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी, जयपुर की मुहिम, पाती अपनों के तहत अखिल भारतीय स्तर की पाती लेखन प्रतियोगिता, पाती वीर जवानों को, जागरूक करने हेतु राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघेरा में स्कूली विद्यार्थियों को पत्र विधा के बारे में अवगत कराकर वीर सैनिकों के सम्मान में पत्र लेखन के लिए प्रेरित किया। बच्चों को बताया गया कि आज का युग मोबाइल का है लेकिन आज भी पत्र लेखन का महत्व है। मन के विचार पत्र के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है। इससे अपनत्व की भावना प्रकट होती है। मोबाइल पर मैसेज भेजने वो आनन्द नहीं मिलता है। शाला परिवार की श्रीमति देवकी गहन द्वारा अपने हाथ का हुनर दिखाते हुए खूबसूरत गौरैया आधारित पेन्टिंग कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र एवं गौरैया का पोस्टर देकर सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर संस्था प्रधान एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।


जागरूकता अभियान

साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोपालपुरा के नन्हे-मुन्ने स्कूली विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता लाने के उद्देश्य से फूल का पौधा प्रत्येक छात्र - छात्रा के हाथ में सौंपकर अपने घर की बगिया को सुन्दर एवं आकर्षक बनाने के लिए प्रेरित किया। शिवराज कुर्मी, संयोजक ने बताया कि फूलदार पौधे लगाकर स्कूल, घर के आंगन को खूबसूरत बनाया जा सकता है। फूलों की उपयोगिता के बारे में भी बच्चों को बताया गया। इस दौरान शाला परिवार के शिक्षकगण मौजूद रहे।

सम्मान

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के प्रयास से स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 के अवसर पर विशेष प्रतिभा छात्र यमन कुमावत द्वारा योग पर आधारित मांडल निर्माण, प्रियंका साहू पाती लेखन, चित्रकारी एवं माफिया बानो को पाती लेखन, चित्रकारी, मांडल निर्माण, मेहन्दी बनाने को लेकर श्री शिवराज मीणा, उपखंड अधिकारी टोडारायसिंह द्वारा प्रतीक चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. सूरज सिंह नेगी साहब की पाती मुहिम के स्कूली विद्यार्थी पाती लेखन कर सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। इनके परिवारजनों में खुशी की लहर दौड़ पडी़। इस अवसर पर साहित्य मंच के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

सम्मान

ऐतिहासिक नगरी टोडारायसिंह जिला केकड़ी के हाथ के हुनर श्री हरिराम गौड़, पेन्टर साहब का स्वतंत्रता दिवस सम्मान समारोह में उपखंड अधिकारी श्री शिवराज मीणा ने प्रतीक चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी चित्रकला, पेन्टिंग, नारा लेखन, भित्ति चित्र आदि सराहनीय कार्य को लेकर दिया गया। इस अवसर पर साहित्य मंच के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

स्वतंत्रता दिवस

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2024) की पूर्व संध्या के अवसर पर भारत माता के शहीद हुए सपूतों के सम्मान में, एक दीपक शहीदों के नाम, सम्मानीय एवं प्रेरणादायी पहल की गई। डा. सूरज सिंह जी नेगी साहब की मुहिम , पाती अपनों को, के तहत पाती वीर जवानों के नाम, अखिल भारतीय स्तर की पत्र लेखन प्रतियोगिता चल रही है। अनेक सुधिजन एवं स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा शहीदों के सम्मान में पत्र लिखे जा रहे हैं। तो आइए आज हम सब एक दीपकअपने घर या शहीद स्मारक पर शहीदों के सम्मान में जलाने का विनम्र आग्रह है। 












हुनर का प्रदर्शन                

साहित्य मंच टोडारायसिंह समय समय पर हाथ के हुनर के स्कूली विद्यार्थियों की पहचान कर हमेशा उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य करती आ रही है। चित्र में दर्शाई गई बालिका माफिया बानो राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोडारायसिंह जिला केकड़ी के कक्षा 11 में अध्ययनरत है। यह आवासीय छात्रावास में रहकर पढा़ई कर रही है। बालिका साधारण परिवार से है। पढाई के साथ साथ खूबसूरत चित्र बनाने में भी माहिर है। ये तीनो चित्र स्वयं के हाथों से उकेरे गए हैं। मेरा आवासीय छात्रावास में जाना हुआ तो बालिका अपने हाथ में पोस्टर लेकर बेहिचक मेरे पास आयी। बालिका ने बताया कि सर मैंने कुछ चित्र बनाए हैं। मैं उसके बनाये चित्र देखकर आश्चर्यचकित हो उठा। कला किसी की मोहताज नहीं होती। मौके पर ही बालिका को छोटा-सा पुरस्कार देकर उसका उत्साहवर्धन किया। आगे इस बालिका के चित्र को उपखंड अधिकारी महोदय टोडारायसिंह तक पहुंचाने का प्रयास रहेगा, ताकि बालिका का मनोबल बढ़ सके।




मीराबाई जयंती

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में कस्तूरबा आवासीय छात्रावास टोडारायसिंह में भक्त शिरोमणि मीराबाई की जयन्ती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन महिला मंडल की अध्यक्षा रीना विजयवर्गीय, विशिष्ट अतिथि महामंत्री शशि माहेश्वरी, भामाशाह एवं समाजसेवी हरिराम गौड़ पेन्टर, प्रवक्ता आशीष विजयवर्गीय रहे। अध्यक्षता साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने की। भक्त शिरोमणि मीराबाई की तस्वीर पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर संगौष्ठी का शुभारम्भ किया गया। मुख्य अतिथि महोदया ने मीराबाई की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम एवं श्रद्धा रखने के लिए प्रेरित किया। समाजसेवी हरिराम गौड़ ने  मीराबाई के ध्येय मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न कोई की समीक्षा कर बालिकाओं को सीख प्रदान की। इस संगोष्ठी के अवसर पर बीस बालिकाओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर माफिया बानो, द्वितीय स्थान पर सुमन मीणा व तृतीय स्थान पर रेखा बैरवा एवं टीना बैरवा रहीं। विजेता प्रतिभागियों को भामाशाह हरिराम गौड़ द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मित्रता दिवस को लेकर भी संयोजक शिवराज कुर्मी ने डा. सूरज सिंह नेगी एवं चन्द्रमोहन उपाध्याय द्वारा संपादित पुस्तक एक पाती मीत को से बालिका पिंकी जागिड़ द्वारा पत्र वाचन करवाया गया। प्रवक्ता आशीष विजयवर्गीय ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता के बारे में बालिकाओं को अवगत कराया।

अन्त में छात्रावास शिक्षिका प्रीति ने साहित्य मंच टोडारायसिंह का आभार व्यक्त किया।

प्रतिभाओं का सम्मान

साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल टोडारायसिंह में बोर्ड परीक्षा 2024 के अन्तर्गत ग्राम पंचायत स्तर (पीईईओ) पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवराज मीणा (उपखंड अधिकारी टोडारायसिंह), विशिष्ट अतिथि हरिराम गौड़ (भामाशाह एवं समाजसेवी), विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश जैन, बरवास, अध्यक्ष निपुण सक्सेना (प्रधानाचार्य) रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के तिलक वन्दन एवं माल्यार्पण से हुआ। मंच संचालक राकेश कुमार सैनी, अलियारी ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत सत्कार समाज सेवी हरिराम गौड़, पेन्टर साहब द्वारा कराया।

मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में बताया कि समय की कीमत है जो समय बीत गया वापिस नहीं आता। अभी से सबको अपना लक्ष्य तय करके नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया| जीवन में माता-पिता, गुरुजनों एवं बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। 

इसके बाद सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों का प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर उनका सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी द्वारा हरिराम गौड़ के आर्थिक सहयोग की सराहना की ga। विद्यालय की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। कवि दिनेश कुमार जैन ने प्रेरणा दायी कविता सुनाकर आनन्द का वातावरण बनाया। विद्यालय के शिक्षक शेखरचन्द ने भी अपनी मधुर - सुरीली आवाज में गीत प्रस्तुत किया।

संस्था प्रधान निपुण सक्सेना ने बताया कि समय समय पर ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान होना चाहिए ताकि अन्य विद्यार्थी उत्साहित हो सकें। कार्यक्रम में साहित्य मंच के राजेन्द्र प्रसाद विजयवर्गीय, शिवराज कुर्मी, कवि दिनेश कुमार जैन, आशीष विजयवर्गीय, तरुण गौड़, अभिभावक, शाला परिवार के शिक्षक, बच्चे एवं प्रतिभावान विद्यार्थी मौजूद रहे।

चित्रों का झरोखा







प्रेमचंद जयंती
साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में  राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अविका नगर, मालपुरा में मुंशी प्रेमचन्द जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य मंच संयोजक ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि मुंशी प्रेमचन्द का साहित्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है। प्रेमचन्द जी ने अपने साहित्य में सामाजिक स्थिति, छुआछूत, शोषण, कुरीतियों के बारे में समाज को जाग्रत किया है। संस्था प्रधान श्री शिवजी राम बम्बेरवाल ने भी बच्चों को साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाकर अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुंशी प्रेमचन्द जी ने अनेक उपन्यास, कहानियाँ लिखी हैं जो प्रेरणादायी हैं। छात्रा कविता ने भी मुंशी प्रेमचन्द की जीवनी के बारे में अवगत कराया। इसके अतिरिक्त विद्यालय में पाती अपनों को, के तहत अखिल भारतीय स्तर की पाती लेखन प्रतियोगिता, पाती वीर जवानों को आयोजित की गयी। सभी विद्यार्थियों ने पाती लेखन में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में शाला परिवार के श्रीमती अंजू जैन, महेश चन्द शर्मा आदि का अपेक्षित सहयोग रहा।

चित्रों का झरोखा



पाती वीर जवानों को

साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में डा. सूरज सिंह नेगी (वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी जयपुर) की मुहिम 'पाती अपनों को' के तहत  'पाती वीर जवानों को' अखिल भारतीय स्तर की पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोरभाटियान जिला टोंक में किया गया। शिवराज कुर्मी ने मौजूद विद्यार्थियों को विलुप्त होती पत्र विधा को पुनर्जीवित करने के बारे में बच्चों को जानकारी दी। देश की सीमा के प्रहरी वीर जवानों के कर्तव्य, देशभक्ति, त्याग एवं शौर्य के बारे में बताया गया। इसी शाला के वरिष्ठ अध्यापक आदरणीय श्री गोविन्दराम बैरवा जो पूर्व में नेवी में अपनी सेवाएँ दे चुके थे। उनके अनुभव सभी बच्चों एवं शाला परिवार को सुनने को मिले। आप कारगिल युद्ध के प्रत्यक्ष गवाह हैं। उस दौरान उन्होंने घटित घटनाओं की जानकारी दी। संस्था प्रधान श्री रामावतार गुर्जर ने नेगी साहब की पाती मुहिम की सराहना की। विश्वास दिलाया कि सभी विद्यार्थी उक्त पत्र लेखन प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे। पत्र लेखन कार्य में शिक्षक श्री अरविन्द पाटीदार की सराहनीय सेवाएं रही।

चित्रों का झरोखा




क्षमता विकास

साहित्य मंच टोडारायसिंह जिला केकड़ी के तत्वावधान में डा. सूरज सिंह नेगी (वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी, जयपुर) की मुहिम 'पाती अपनों को' के तहत विलुप्त होती पत्र विधा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय स्तर की पाती लेखन प्रतियोगिता  'पाती वीर जवानों को' का आयोजन श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उच्चतर माध्यामिक विद्यालय टोडारायसिंह जिला केकड़ी में किया गया। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने पाती विषय पर स्कूली विद्यार्थियों को अवगत कराया कि आज के दौर में पत्र लिखना आसान कार्य नहीं है। प्रत्येक युवा वर्ग मोबाइल का उपयोग कर रहा है उसे लिखने का समय ही नहीं है। आज हम सब सुरक्षित हैं तो हमारे वीर जवानों की बदौलत। सैनिक अपने देश के लिए संघर्ष करता हुआ शहीद हो जाता है। सर्दी, गर्मी एवं वर्षा सहन करके भी हमारी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। अपने परिवार को छोड़कर देश की सुरक्षा को पहला कर्तव्य मानता है। इस अवसर पर संस्था निदेशक राजेन्द्र प्रसाद जैन ने भी विद्यार्थियों को वीर जवानों को अपने शब्दों में पत्र लेखन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में शाला परिवार के शिक्षकगण मौजूद रहे।

चित्रों का झरोखा





सूचना स्रोत
शिवराज कुर्मी
प्रस्तुति











टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"मां की गोद से ऊंचाइयों तक — गिरिराज की आत्मकथा"

  मां की गोद से ऊंचाइयों तक  गिरिराज की आत्मकथा "मां की ही वह गोद है, जहां मानवता पले, अगर कहीं है जन्नत तो उसके आंचल के तले..."   यह पंक्ति मेरे जीवन का सार है — मेरी प्रेरणा, मेरा विश्वास और मेरी दिशा।   जब मैं पांच साल का था, तभी पिता जी — भंवरलाल गुर्जर — हमें छोड़कर चले गए। मां, मोती देवी, उस समय केवल 26 वर्ष की थीं। उस उम्र में जब जीवन शुरू होता है, उन्होंने अपना पूरा जीवन मेरे भविष्य के नाम कर दिया। मजदूरी करते हुए उन्होंने न केवल मुझे पाला, बल्कि यह यकीन भी दिलाया कि शिक्षा ही वह कुंजी है जो हर ताला खोल सकती है।   मां कहा करती थीं — "बेटा, गरीबी इंसान की हालत बदल सकती है, इरादा नहीं। मेहनत और ईमानदारी ही सबसे बड़ी पूंजी है।"  यह वाक्य मेरे जीवन का संबल बन गया।   लुहारा के सरकारी विद्यालय से मैंने पहली से आठवीं तक की पढ़ाई की। माध्यमिक शिक्षा मुंडिया से और उच्च माध्यमिक निवाई के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की — जहां से मैंने 1994–95 में 12वीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई जयपुर के राजस्थान कॉलेज से की, जहां 1...

દીપક પંડ્યા (ગાંધીનગર) - Updated 04.06.2026

મારી ભાવયાત્રા 64 નમસ્કાર … સ્નેહવંદન ! માનવ જીવનની આખીય દોડ પાછળ જો કોઈ એક જ આકાંક્ષા છુપાયેલી હોય, તો તે છે 'ખુશી'. સવારથી સાંજ સુધી માણસ જે કંઈ પણ કરે છે—પૈસા કમાય છે, સત્તા મેળવે છે, સંબંધો બાંધે છે—એ બધાની પાછળનો અંતિમ ઉદ્દેશ્ય માત્રને માત્ર સુખ અને આનંદની પ્રાપ્તિ જ હોય છે. પરંતુ આજના ભૌતિકવાદી યુગમાં માણસ ખુશીની વ્યાખ્યા ભૂલી ગયો છે. તે વિચારે છે કે મેળવવામાં, સંગ્રહ કરવામાં કે અન્ય પાસે અપેક્ષા રાખવામાં ખુશી છે. પણ સત્ય એનાથી તદ્દન વિપરીત છે. સાચી ખુશી આપવામાં છે, લેવા કે માંગવામાં નથી. આ સૃષ્ટિનો અપરંપાર નિયમ છે કે ખુશીની આપણે જેટલી લહાણી કરીશું, તેટલી જ તે આપણી પાસે વ્યાજ સાથે પાછી આવશે. જરા ઊંડાણથી વિચારીએ તો સમજાશે કે 'લેવું' અને 'માંગવું' એ ભિખારીપણું છે, જ્યારે 'આપવું' એ ખુદ અમીરી છે. જ્યારે આપણે કોઈની પાસે કંઈક માંગીએ છીએ, પછી ભલે તે વસ્તુ હોય, પ્રેમ હોય કે આદર હોય, ત્યારે આપણે આપણી જાતને ખાલી અનુભવીએ છીએ. માંગવામાં હંમેશા અપેક્ષા અને પરવશતા હોય છે. અને જ્યાં અપેક્ષાઓનો પહાડ હોય, ત્યાં ક્યારેય સાચો આનંદ હોઈ શકે નહીં. કારણ કે અપેક્ષા હંમેશા...

मन की बातें भाव भरी

🙏🌹🌹❤️❤️🙏 शुभ प्रभात जी🙏🌹❤️🙏 आपका दिन मंगलमय हो। ईश्वर आपकी हर मंगलकामना पूर्ण करें— वह जो हारे का सहारा है, जो टिमटिमाता जुगनू भी है और अथाह ऊर्जा से भरा तारा भी। जो घोर तिमिर में प्रकाश बनकर उभरता है, और उजाले में भी दिन को बहार देता है। वह जो आकार–निराकार दोनों रूपों में दुष्टों का संहारक है, जो दिशाहीन के लिए दिशासूचक यंत्र का पारा बन जाता है। जो निर्धन के दुःख–दरिद्रता का अंत है, और धनी के लिए पौ-बराहा। जिसके हम भी हैं और जो हमारा भी है। जो भूखे के लिए अन्न है और पशुओं के लिए चारा, जो पत्थर, पहाड़ और समूची धरा का आधार है। 🌹 वह सबका भला करें🌹 🙏🌹🌹❤️❤️🙏 आज का विचार मेरी पुस्तक “हृदय उद्गार” से एक कविता — सर्व धर्म समभाव छिन्न-भिन्न सा हृदय मेरा, मन में तूफानी कोलाहल है। सभ्यता के शिखर पर पहुँचकर, धर्म बना क्यों क्रूर दावानल है? भूमि वही, आकाश वही, तुझमें वही, मुझमें वही। एक-सा ही सबका आंचल है, धरती माँ का पावन आँचल है। रक्त-कोष में बहता एक ही बल है, कहीं केसरिया, कहीं हरित दल है। आब पियो या पानी पियो, जल तो आखिर एक ही जल है। यह कैसा आया भेद-रूपी पल है? भिन्न-भिन्न नामों म...