भूमिका
सृष्टि में वो लोग सौभाग्यशाली हैं जिनको किसी भी रूप में विविध प्रकृति के कार्यक्रमों में प्रतिभाग के अवसर निरंतर सुलभ होते हैं। राजस्थान से श्री शिवराज जी कुर्मी एक ऐसी ही हस्ती हैं, जो पूरे प्राणपण से ना सिर्फ प्रतिभाग करते हैं बल्कि अपना पूरा योगदान भी देते हैं। ऐसे ही दो उदाहरणों का विवरण यहां प्रस्तुत है।
विवरण
स्वामी विवेकानंद राजकीय मांडल स्कूल टोडारायसिंह में विधिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिग्विजय सिंह राठौड़, ए, पी, पी, टोडारायसिंह,अति विशिष्ट अतिथि इन्दुशेखर शर्मा ,अधिवक्ता, विशिष्ट अतिथि शिवराज कुर्मी, संयोजक, साहित्य मंच टोडारायसिंह एवं अध्यक्षता निपुण सक्सेना, प्रधानाचार्य रहे| कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के तिलक वन्दन कर सामूहिक प्रार्थना की गई| इसके बाद इन्दुशेखर शर्मा ने विद्यार्थियों को संविधान की जानकारी देकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया| दिग्विजय सिंह राठौड़, ए, पी, पी ने छात्र छात्राओं को को संविधान के संशोधित तीन नये कानून की जानकारी दी गई| बच्चों से संवाद करके पूछे गये प्रश्नों का मौके पर ही जवाब दिया गया| शाला परिसर में एक पौधा माँ के नाम, अभियान के तहत लगाया गया|संस्था प्रधान ने सभी का आभार व्यक्त किया| कार्यक्रम में धर्मन्द़ चौबे एवं शाला परिवार के शिक्षकगण मौजूद रहे|
कार्यक्रम चित्रों के झरोखे से
शिक्षक होते हुए भी समय निकाल कर पर्यावरण के क्षेत्रों में अलग अलग जिलों में जाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं| हाल ही में अपने छोटे भाई की शादी में आपने प्लास्टिक चीजों का उपयोग नहीं किया| लोगों को जूट एवं कपड़े के थैले निशुल्क वितरण करते हैं| आप ग्रामीण परिवेश से जूडें हुए हैं| साहित्य मंच टोडारायसिंह के कार्यक्रमों में भरपूर सहयोग रहता है| तो ऐसे है पर्यावरण प्रेमी महावीर मीणा जी|









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