भूमिका
एक दंपति के लिए आदर्श परिवेश पति और पत्नी ही बना सकते हैं और यह भाव स्वतः ही दोनों के मध्य मौलिक सामंजस्य का माहौल निर्मित कर देता है तथा वह सामंजस्य गजब की समझ विकसित कर देता है। इस दृष्टांत को समझिए और जानिए कि कैसे एक दंपति ने प्रगति के मार्ग का वरण किया। एक अद्वितीय उदाहरण।
घटनाक्रम
राजस्थान के ज्ञानगढ़ सरपंच लक्ष्मी के पति हैं महेन्द्रपाल जी को दूसरे प्रयास में मिली है 397वीं रैंक। उन्होंने पहले पत्नी को सरपंच बनाया और फिर खुद ने सरकारी नौकरी की ठानी। मेहनत का परिणाम रहा कि दो नौकरियां हाथों में थीं और फिर सिविल सेवा में उनका चयन हुआ। यह सफलता ज्ञानगढ़ के महेंद्रपाल सिंह ने हासिल की है। उनकी सिविल सेवा परीक्षा में 397वीं रैंक आई। भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2017 में चयनित महेन्द्रपाल करेड़ा उपखण्ड के ज्ञानगढ पंचायत की सरपंच लक्ष्मी देवी के पति हैं। महेन्द्रपाल जी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2015 में 816वी रैंक हासिल की थी, जिस पर वर्तमान में फरीदाबाद में आईआरएस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे पूर्व महेन्द्र पाल जयपुर में केन्द्रीय एक्साइज विभाग में निरीक्षक थे, लेकिन मन में सिविल सर्विसेज का सपना था इसलिए पुनः प्रयास किया। महेन्द्रपाल जी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता श्री नाथूलाल जी को दिया है जो वर्तमान में शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। महेन्द्रपाल जी की पत्नी लक्ष्मी देवी वर्तमान में माण्डल पंचायत समिति की ज्ञानगढ पंचायत में सरपंच हैं। वे भी पढ़ी-लिखी हैं और पंचायत के सभी काम खुद ही करती हैं।
प्रस्तोता

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