भूमिका
जीवन में कुछ प्रतिभाएं अपने में सुधार कर करके इतना परिष्कृत कर लेती हैं कि उनका प्रत्येक कार्य एक विशेष आभा लिए होता है। इस बार हमारे समक्ष एक ऐसी ही शख्सियत श्री बद्रीलाल गुर्जर जी (एम.ए., बी-एड.) है। आइए इस व्यक्तित्व को समझने का प्रयास करते हैं।परिचय
साथियो! आज हमारे साथ हैं राजस्थानी भाषा के जानकार व उलझन सुलझन मासिक के संदेश अभियान में अनुवादक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे श्री बद्रीलाल जी गुर्जर। आप वर्तमान में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय नगर ब्लॉक मालपुरा जिला टोंक में अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। आपके दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। एक पुत्र शासकीय सेवा में शिक्षक के रूप में पाँच वर्ष से कार्यरत है। एक पुत्र एम.ए., बड़ी पुत्री एम.ए.,बी.एड, छोटी पुत्री बी.ए.बीएसटीसी, बड़ी पुत्रवधु एम.ए. बी.एड व छोटी पुत्र वधु बी.ए. स्पेशल बीएसटीसी है। वे भी लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। आपकी पत्नी विशुद्ध गृहिणी हैं। समृद्ध व खुशहाल परिवार के आप धनी है। शिक्षक की सरकारी सेवा से पूर्व आप तीन विभिन्न तरह की सरकारी सेवाओं के अनुभवों का खजाना भी अपने पास रखते हैं। शासकीय शिक्षक के रूप में आप इकत्तीस वर्ष की सेवा के साथ निरंतर शिक्षा विभाग में बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। आपने इस सेवाकाल में कई प्रशंसनीय, अविस्मरणीय कार्य शिक्षा विभाग के लिए किए हैं। आप सदैव पढ़ते-लिखते रहते हैं। आपकी सृजन क्षमता व अनुवाद करने की शैली देखते ही बनती है। राजस्थानी भाषा में आपने सीनियर सेकेंडरी की शिक्षा प्राप्त कर रखी है।
'आप एक अच्छे व परिपक्व शोध शिक्षक भी हैं।' आपने विगत सात वर्षों से डाइट टोंक से जुड़कर विभिन्न विभागीय योजनाओं के बारे में शोध कार्य किया है। आपके कई सारे शोध प्रकाशित भी हुए हैं। विगत दो वर्षों से आप सीमेट संस्थान गोनेर जयपुर राजस्थान के साथ जुड़कर शोध में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। साथ ही लगातार दो वर्षों से आप राज्य स्तरीय शोध हेतु लीडर डाइट बीकानेर के सान्निध्य में शोध कार्य करके टोंक डाइट का नाम राजस्थान की अग्रणी डाइट संस्थान के रूप में लाने में सफल रहे हैं। इन सारे कार्यों की बदौलत आपको कई सारे सम्मान पत्र भी समय-समय पर मिलते रहे हैं। एक सर्वप्रमुख बात का यहां उल्लेख करना मैं बहुत आवश्यक मानता हूं। आप मोबाइल से वह समस्त कार्य बहुत ही त्वरित गति से कर लेते हैं, जो अन्य कोई मानव संसाधन कम्प्यूटर से भी उतनी तीव्रता से नही कर पाता। चाहे वह एक्सल का काम हो, चाहे डिजिटल आदेश, विभागीय सूचनाएं बनाने का काम हो। इस हुनर के आप विशेषज्ञ हैं और यह विशेषज्ञता आपकी विद्वता में चार चांद लगा देती है। आपके कई शिष्य वर्तमान में कई अच्छे-अच्छे पदों पर ईमानदारी के साथ कार्य कर आपके यश को चहुं ओर फैला रहे हैं। वास्तव में आपने कई सारे नवनियुक्त शिक्षकों को भी मोबाइल से एक्सल का काम आसानी से करना सिखाया है। आप हमेशा सबको साथ लेकर टीम वर्क से कार्य करने में विश्वास रखते हैं। सदैव आपका हंसमुख चेहरा सबको सदा हंसते रहने की प्रेरणा देता है। आपके प्रयासों से स्कूली बच्चों में अद्भुत क्षमताओं का विकास हुआ है। आपका सरल व सौम्य स्वभाव बरबस ही आकर्षित कर लेता है। आप धर्मपरायण व सामूहिक नेतृत्व क्षमता में विश्वास रखने वाले सरल व सहज व्यक्तित्व के धनी हैं। आप दूसरों की सेवा व सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। विगत दो वर्ष से आप अंत्योदय फाउंडेशन मुंबई के साथ जुड़कर अपने विद्यालय व ब्लॉक के अन्य विद्यालयों के बच्चों के लिए नि:शुल्क कपड़े, जूते, मोजे, पुस्तकें उपलब्ध करवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आपने बालिकाओं, एकल, विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु भी अंत्योदय फाउंडेशन के माध्यम से सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र भी अपने गांव में चलाया है। क्षेत्र के विद्यालयों के पुस्तकालय को समृद्ध करने के लिए भी आपने फाउंडेशन के सहयोग से महापुरुषों की जीवनियां की 20-20 पुस्तकों के सेट उपलब्ध करवाए है। क्षेत्र में आपकी एक अच्छे भामाशाह के रूप में पहचान बनी हुई है। आप निरंतर तो नही पर कभी-कभी लेखन का कार्य भी कर लेते हैं। आपके शिक्षाप्रद आलेख, प्रेरक प्रसंग, कविताएं डाइट टोंक से प्रकाशित होने वाली वार्षिक पत्रिका प्रेरणा प्रसून व अन्य पत्र पत्रिकाओं में भी नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं। इन सब भागीरथी प्रयासों के कारण ही शिक्षा के क्षेत्र में आप एक नवाचारी व एनर्जेटिक शिक्षक के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। आप समय के सजग प्रहरी हैं और विगत उनत्तीस वर्षों से एक समय भोजन करके भी इन तमाम कार्यों को करने के लिए अपेक्षित ऊर्जा अर्जित कर लेते हैं। यह सब जानने के लिए और उस जानकारी से पाठकों को रूबरू करवाने के लिए हम आज उनसे कुछ बातचीत कर आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
💥बातचीत💥
प्रश्न १. सर, आप विगत उनत्तीस वर्षों से एक समय ही भोजन कर रहे हैं। ऐसा क्यों? आपको इसके क्या फायदे या नुकसान लगते हैं? ज़रा हमें भी बताइए।
उत्तर - "जी सर यह बात सच है कि मैं सन 1995 से एक ही समय शाम के वक्त भोजन लेता हूँ। अगर एक समय भोजन सही तरीके से लिया जाये तो इसके कई फ़ायदे हैं; जैसे-पाचन में सुधार, वजन नियंत्रण, ऊर्जा का संरक्षण, आत्म नियंत्रण और अनुशासन व अंतराल उपवास जिससे हमारा शरीर निरोगी रहता है।"
प्रश्न २. सर, आपने कई सारे क्रियात्मक व सर्वे शोध किए हैं।आप उनका अपने कक्षा-कक्ष शिक्षण में क्या उपयोग देखते हैं?
उत्तर - "जी सर क्रियात्मक शोध अपनी कक्षा तक सीमित रहता है जिसके माध्यम से मैं अपनी कक्षा के विद्यार्थियों में समस्या समाधान में सुधार, छात्रों की शिक्षण में भागीदारी बढ़ती है, नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है, छात्रों में समूह कार्य व सहयोग की भावना उत्पन्न होती है तथा इसके लम्बे समय तक प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं।"
प्रश्न ३. सर, आप मोबाइल से ही वह सब कार्य बड़ी आसानी से सुगमतापूर्वक कर लेते हैं, जिनको कम्प्यूटर से भी संपन्न करने में एक ऑपरेटर को बहुत समय लगता है। ऐसा कैसे? और हां इसकी प्रेरणा आपको कहां से मिली?
उत्तर - "जी सर आपने सही कहा जो कार्य कम्प्यूटर द्वारा किए जाते हैं वे सब कार्य मैं मोबाइल से ही कर लेता हूँ; जैसे - एक्सेल, वर्ड, पावर पॉइंट, गूगल डॉक, गूगल शीट इत्यादि के द्वारा व विद्यालय की जितनी भी सूचनाएं विभाग को प्रेषित की जाती हैं वो सभी मैं मोबाइल द्वारा ही तैयार करता हूँ। मैं सवाई माधोपुर में एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत था वहाँ कोई प्रेषण संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तो मैंने सोचा कि मोबाइल से सूचनाएं तैयार करने का प्रयास करते हैं और बिना किसी से सीखे स्वंय अपने प्रयासों द्वारा कोशिश करने पर मुझे इसमें सफलता मिली और तभी से मोबाइल में काम करना मेरी आदत में शुमार हो गया।"
प्रश्न ४. सर, राजस्थानी भाषा में आप अच्छा अनुवाद कर लेते हैं, तो आप राजस्थानी भाषा में लेखन कब शुरू करेंगे। कृपया हमें बताएं?
उत्तर - "जी सर मेरे पास 12वीं कक्षा में राजस्थानी साहित्य विषय रहा है और इस विषय मैं मेरी विशेष रुचि होने के कारण अब मैं लेखन कार्य राजस्थानी मैं ही करने का प्रयास करूँगा।"
प्रश्न ५. सर, आप अंत्योदय फाउंडेशन मुंबई से कब, क्यों और कैसे जुड़े? और! उससे जुड़कर आपको क्या लाभ परोक्ष अपरोक्ष रूप से हुआ? हमारे पाठक आप से जानना चाहते हैं।
उत्तर - "जी सर मैं टोंक जिले से स्टेट अवार्डी अध्यापक श्री दिनकर विजयवर्गीय के सम्पर्क में आने के बाद सन 2022 से अंत्योदय फाउंडेशन मुम्बई से जुड़ा व इससे जुड़ने पर मुझे समाजसेवा का अवसर मिला जिससे कई जरूरतमन्द विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवेश में जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की सेवा करने का क्षणिक मात्र अवसर प्राप्त हो रहा है।"
प्रश्न-६ भविष्य में विद्यालय व विद्यार्थियों के लिए कुछ नया करने की आपके पास कोई योजना यदि हो तो प्लीज़ उसे भी जरूर शेयर करें।
उतर - "जी सर मेरे विद्यालय में प्रधानाचार्य व सभी स्टाफ़ साथियों तथा एसएमसी सदस्यों के सहयोग से पिछले दो वर्षों में जन सहयोग से लगभग सोलह लाख रुपये के कार्य करवाये गये हैं। अब प्रत्येक कक्षा के लिए स्मार्ट बोर्ड लगाने का प्रयास किया जा रहा है तथा विद्यालय में छात्रों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना करने की योजना है।"
प्रश्न ७. आप आजकल उलझन सुलझन मासिक के संदेशों के राजस्थानी भाषा में अनुवाद में भी अपना सहयोग दे रहे हैं। इसके बारे में कृपया अपने भाव साझा करें?
उत्तर - "जी सर, मैं उलझन सुलझन मासिक पत्र का तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे यह अवसर प्रदान किया जिसके माध्यम से मुझे मेरे पसंदीदा भाषा में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ।"
सृजक
श्री हंसराज हंस
प्रस्तोता





बहुमुखी प्रतिभा के धनी बद्रीलाल जी से साक्षात्कार करके हमें बहुत अच्छा लगा।आप निरंतर सकारात्मक कार्य करते हुए नई बुलंदियों पर पहुंचे।ऐसी हम कामना करते हैं।
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