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शिक्षक सितारों का मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी टोंक द्वारा किया सम्मान (संशोधित 20.06.2024)

भूमिका 

राजस्थान के टोंक जनपद के पूर्वघोषित शिक्षक सितारों में शुमार शिक्षकों ने एक बार फिर से राज्य के शिक्षा विभाग को गौरवान्वित किया और सिद्ध किया कि हम पांच फिर से अपने कौशल से राज्य, शिक्षा विभाग और उसके अधिकारियों को गौरव की अनुभूति करा सकते हैं।

कार्यक्रम विवरण

टोंक जिले के राजस्थान के शिक्षक सितारों का टोंक समसा कार्यालय में माला पहनाकर प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम (RKSMBK) कार्यक्रम में राज्यस्तर व जिले में बेहतरीन कार्य कर जिले की रेंकिंग में उत्तरोत्तर वृद्धि करने व शिक्षकों की कार्यक्रम से संबंधित चुनौतियों व समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन कार्यशालाओं के आयोजन में सहयोग देने के लिए मालपुरा ब्लॉक के राज़कीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय गरजेड़ा के शिक्षक हेमन्त कुमार शर्मा, उनियारा ब्लॉक के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बनेठा के शिक्षक हंसराज हंस, पीपलू ब्लॉक के राज़कीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय जयकिशनपुरा के शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय, निवाई ब्लॉक के राज़कीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय अलियाबाद की शिक्षिका योग्यता इसरानी, देवली ब्लॉक के राज़कीय प्राथमिक विद्यालय दुर्गापुरा दूनी की शिक्षिका ललिता पारीक एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन मालपुरा के सन्दर्भ व्यक्ति नरेंद्र सिंह को माला पहना प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल बैरवा, एडीपीसी सुशीला करनानी के हाथों दिया गया। 

इस अवसर पर सीडीईओ जी ने चारों शिक्षकों के कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की व टोंक जिले के समस्त शिक्षकों का प्रदेश स्तर पर RKSMBK कार्यक्रम में श्रेष्ठ प्रदर्शन की अपने शब्दों में प्रशंसा की। साथ ही कहा कि शिक्षक के पद की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई भी काम किसी शिक्षक को जीवन में कभी भी नही करना चाहिए।एडीपीसी मैम ने सभी शिक्षकों को उनकी टीम भावना से कार्य करने के लिए बहुत बहुत बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक को स्वप्रेरणा से ही बच्चों के साथ मन लगाकर कार्य करने से ही हमें सफलता मिलती है।शिक्षक सितारे दिनकर विजयवर्गीय ने इस मैके पर कहा कि मोटिवेशन से शिक्षक का कार्य करने का उत्साह बढ़ता है। जिससे वह बेहतरीन प्रदर्शन कर पाता है।  हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षक को कर्मयोगी बनकर अपना कार्य करना चाहिए और अपने शिक्षण कार्य में अपने दायित्व को कभी भी नहीं भूलना चाहिए। योग्यता इसरानी मैम ने भी एक अच्छा शिक्षक बनने के लिए लगातार सीखते रहने पर बल दिया।







इस अवसर पर हंसराज हंस ने अपने संबोधन में समसा कार्यालय के पूरे स्टाफ को बधाई व धन्यवाद देते हुए सीडीईओ साहब की प्रभावी कार्यशैली व करनाणी मैडम की प्रशंसा की जिनका समय-समय पर गज़ब का मोटिवेशन मिलना ही टोंक जिले की सफलता का कारण बना है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में बच्चों के हुए लर्निंग लॉस व लर्निंग गैप को कम करने के लिए कक्षा 3-8 तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी विषयों की वर्कबुक के माध्यम से नियमित रूप से दो कालांश सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों का अध्ययन करवाया गया। शैक्षिक सत्र में एआई आधारित आकलन कर बच्चों के अधिगम स्तर की जांच की गई। जो बच्चे विषय आधारित दक्षताओं में पिछड़ रहे थे, उनके लिए डिजिटल एप के माध्यम से शिक्षण योजना बनाकर अधिगम करवाने के लिए राज्य के चुनिंदा 53 शिक्षकों से दक्षता आधारित विडियो व कंटेंट लेकर राज्य स्तर पर एक पिटारा बुक का प्रकाशन किया गया। टोंक जिले से इस पिटारा बुक एवं वर्कबुक में इन शिक्षकों के विडियो व कंटेंट को भी प्रकाशित किया गया है। राजस्थान राज्य स्तर पर निर्वतमान शिक्षा सचिव नवीन जैन द्वारा भी इन शिक्षकों को राजस्थान के शिक्षक सितारे सम्मान से सम्मानित किया हुआ है।

शिक्षक की भेंट

शिक्षक हंसराज तंवर ने अपनी कृति मन की हूंक व गुरुज्ञान अधिकारी महोदय को भेंट कीं।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय टोंक में शिक्षक हंसराज तंवर अध्यापक पदस्थापन स्थान महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बनेठा ने अपनी स्वरचित कृतियां मन की हूंक व गुरुज्ञान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री पन्नालाल बैरवा व ADPC श्रीमती सुशीला करनाणी को भेंट की। इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी जी ने खुशी व्यक्त की व शिक्षकों को हमेशा रचनात्मक कार्यों से जुड़े रहना अति आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को हमेशा अपने पद की गरिमा को बढ़ाने वाले कार्य निरंतर करते रहना चाहिए। श्रीमती सुशीला करनाणी मैडम ने गुरू ज्ञान पुस्तक के शैक्षिक आलेखों की सहराना करते हुए बताया कि हमे टोंक शिक्षक समाज पर गर्व है।आप सब मिलकर लगातार लिखने पढ़ने की संस्कृति का पोषण कर रहे है। मैं आपको इतना जरूर कहुंगी कि आप अपने विद्यालय के बच्चों में भी सृजनात्मकता का कौशल जरूर विकसित करने का पुरा प्रयास करें।इस अवसर पर टोंक जिले के शिक्षक सितारे सम्मान से सम्मानित व स्टेट एवार्डी शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय पीपलु, हेमंत कुमार शर्मा मालपुरा, योग्यता इसरानी निवाई व समसा कार्यालय टोंक का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।



सुर्खियां

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 

शिक्षकों का किया सम्मान

टोंक (ताज भारती)। जिले में राजस्थान राज्य स्तर पर निवर्तमान शिक्षा सचिव नवीन जैन द्वारा सम्मानित शिक्षकों को समसा कार्यालय टोंक में प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में बच्चों के हुए लर्निंग लॉस व लर्निंग गेप को कम करने के लिए कक्षा 3-8 तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी विषयों कि वर्कबुक के माध्यम से नियमित रूप से दो कालांश सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों का अध्ययन करवाया गया था। एक शैक्षिक सत्र में एआई आधारित आकलन कर बच्चों के अधिगम स्तर की जांच की गई थी, जो बच्चे विषय आधारित दक्षताओं में पिछड़ रहे थे। उनके डिजिटल एप के माध्यम से शिक्षण योजना बनाकर अधिगम करवाने वास्ते राज्य के चुनिंदा 53 शिक्षकों से दक्षता आधारित वीड़ियो व कंटेंट लेकर राज्य स्तर पर एक पिटारा बुक का प्रकाशन किया गया था। टोंक जिले से इस पिटारा बुक में इन चारों शिक्षकों के वीड़ियो व कंटेंट को भी प्रकाशित किया गया है। राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम आरकेएसएमबीके कार्यक्रम में राज्य व जिले में बेहतरीन कार्य कर जिले की रैंकिंग में उत्तरोत्तर वृद्धि करने व शिक्षकों की कार्यक्रम से सम्बन्धित चुनौतियों व समस्याओं के समाधान हेतु ऑनलाइन कार्यशालाओं के आयोजन में सहयोग देने हेतु हेमंत कुमार शर्मा मालपुरा, हंसराज हंस उनियारा, दिनकर विजयवर्गीय पीपलू, योग्यता इसरानी निवाई एवं ललिता पारीक दुनी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीडीईओ पन्नालाल बैरवा एवं एपीसी श्रीमती सुशीला करनाणी आदि मौजूद थे।










सूचना स्रोत

हंसराज हंस

प्रस्तोता




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