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शांतिपूर्ण समापन चुनावों का

साथियो! लोकसभा चुनाव के समस्त चरण पूर्ण होने के बाद नतीजे आ जाने पर उलझन सुलझन मासिक ने समस्त निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए शुभ की कामना एक रचना के रूप में तैयार करने का आग्रह उत्तराखंड के प्रख्यात कवि श्री कृष्णदत्त शर्मा कृष्ण से जब किया तो उन्होंने जो कुछ तैयार किया आइए आज उसका आनंद लेते हैं और चुनाव की स्पर्धा को एक स्पर्धा ही बने रहने देते हैं। 

आज चुनावी पर्व देश में शांत भाव से बीत गया है। 

मिली किसी को हार यहाँ है कोई समर में जीत गया है। 

सांसद जो भी बना जीतकर उसको शत-शत आज बधाई। 

भूल सभी दल जाएं मन से जो भाषण में हुई लड़ाई।

सांसद अटल जी (स्मृति शेष)

पक्ष और विपक्ष दोनों ही जनता के होते हितकारी। 

एक दूजे की करें बुराई भाव नहीं ये हैं संस्कारी! 

संसद चले सुचारु ढंग से बहस मात्र हो सदा सार्थक। 

संसद चलती जनता धन से धन व्यय नहीं हो कभी निरर्थक।

संसद भवन
सोच कोई हो पक्ष-विपक्षी मात्र गलत ये कैसे संभव।

अहं भाव को तजकर सब ही करें असंभव को भी संभव।

मात्र देश के हित की सोचें एक दूजे का मान करें सब।

 कोई नहीं कटुता को पालें करें प्रेम आपस में सब अब।


सपने सब साकार करो मिल जो भी जनता को दिखलाये। 

जनता तो भोली होती है बहली उससे जो बहलाये। 

भारत अपना विश्वगुरु हो बढ़ते कदमों को मत रोको। 

बात-बात पर किसी बात को अपनी बातों से मत टोको ।

अंग्रेजी स्वरूप

Friends! After all the phases of Lok Sabha elections were completed and the results were out, when the magazine 'Uljhan Suljhan' requested Uttarakhand's famous poet Shri Krishna Dutt Sharma Krishna to prepare a composition wishing well for all the elected representatives, let us enjoy whatever he prepared and let the competition of elections remain a competition. 

Today, the festival of elections has passed peacefully in the country. 

Someone has lost here, someone has won the battle. 

Whoever has become an MP, congratulations to him today. 

All parties should forget the fight that happened in the speeches. 


Both the ruling party and the opposition are beneficial to the public. 

They do not speak ill of each other, these are cultured people! 

Parliament should run smoothly, only debates should always be meaningful. 

Parliament runs, money should never be spent uselessly with the help of the people. 


How is it possible that the thinking of the ruling party or the opposition is wrong? 

Everyone should leave the ego and make the impossible possible. 

Everyone should think only about the benefit of the country, everyone should respect each other. 

No one should harbor any bitterness, let everyone love each other now.


Make all your dreams come true, meet whoever shows them to the people.

The people are naive and get fooled by those who fool them.

India should become the world leader, do not stop its progress.

Do not interrupt anyone with your words on every small matter.

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