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राजस्थान की वर्ष 2024 में कक्षा दस की टॉपर ज्योति से बातचीत

भूमिका

मानव जीवन में शिक्षा तरक्की का वह अनिवार्य उपागम है जो सब कुछ समझने में सहायक होती है, तो वर्ष 2024 में शिक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन करने वाली बालिका ज्योति से हमने बात की। साथियो, ज्योति एक संयुक्त परिवार की बालिका है और उसने उच्च जीवन लक्ष्य तय किए हुए हैं। तो आइए जानते हैं एक टॉपर से उसके मन की बात।

परिचय

साथियो! आइए आज मुलाकात करते हैं राजस्थान में दसवीं कक्षा में निन्यानबे प्रतिशत से भी अधिक अंकों की प्राप्ति कर टॉपर्स की सूची में सम्मिलित हो जाने वाली बालिका ज्योति से। बालिका राजस्थान के जनपद सीकर के एक गांव से है और उसके पिता मामराज एक कृषक जबकि उसकी माता लाली देवी गृहिणी हैं। बालिका के पिता मामराज सरपंच भी हैं। बालिका एक संयुक्त परिवार से है और उसके चाचा इंद्रराज शिक्षक हैं और उन्हीं से ज्योति ने शिक्षा के महत्व को जाना और समझा। बेहद सीधे और सरल परिवार की प्रतिनिधि ज्योति ने यह सफलता अर्जित करने के लिए नियमित रूप से पांच घंटे पढ़ाई की और फोन तथा सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। क्षेत्रीय पंचायती फैसलों में बालिका के पिता मामराज की विशेष भूमिका रहती है। बालिका ज्योति का लक्ष्य एक उत्कृष्ट प्रशासनिक अधिकारी बनना है। उसने लक्ष्य का निर्धारण कर प्राणपण से प्रयास आरंभ यदि कर दिए हैं तो ईश्वर का आशीष उसको अवश्य मिलेगा इस अपेक्षा के साथ। आइए आज मिलते हैं बालिका ज्योति से उसके मनोभावों को टटोलने के दृष्टिकोण से।




बातचीत

प्रश्न १. बेटा ज्योति पढ़ाई के इस दौर में एक टॉपर बन जाने पर कैसा लग रहा है?

उत्तर - "पढ़ाई के इस दौर में एक टॉपर बन जाने पर मुझको बहुत अच्छा लग रहा है।"

प्रश्न २. प्रथम बोर्ड परीक्षा में ही उच्च स्थान प्राप्त करने के बाद आगे की पढ़ाई में इसके बराबर स्थान बनाने की चुनौती तुम्हारे सामने रहेगी। क्या उसके लिए कुछ योजना बनाकर पढ़ाई करोगी?

उत्तर - "हां, यह चुनौती मेरे सामने अवश्य है। योजना बनाकर पढ़ाई करनी है। मैं नियमित रूप से पांच घंटे पढ़ाई करती हूं तथा सोशल मीडिया से दूर रहूंगी।"

प्रश्न ३. आप एक संयुक्त परिवार से हो तो क्या घरेलू काम अधिक रहता है या फिर परिजन पढ़ने ही के लिए प्रोत्साहित करते हैं?

उत्तर - "संयुक्त परिवार में रहकर थोड़ा-बहुत काम सभी को करना पड़ता है और यह सच है कि परीक्षा के दौरान परिजन पढ़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं।"

प्रश्न ४. आपके चाचा इंद्रराज जी एक शिक्षक हैं तो क्या पढ़ाई में उनकी मदद शिक्षा की बारीकियों को समझने में मिल जाती है?

उत्तर - "जी हाँ, चाचाजी यह कहते हैं कि जब कभी  भी अध्ययन करो तो पूरा मन लगाकर एक ही बार कर लो।"

प्रश्न ५. आप एक संयुक्त परिवार का हिस्सा हो। संयुक्त परिवार में सबसे साथ रहना तुमको कैसा लगता है?

उत्तर - "मुझे तब बहुत अच्छा लगता है जब सभी एक साथ खाना खाते हैं तथा किसी भी समस्या का समाधान मेरे पापा और मेरे चाचा आपस में राय करके फाइनली फैसला करते हैं।"

सूचना स्रोत

इंद्रराज जी

प्रस्तोता







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