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अनुकरणीय उदाहरण


दिव्या

अनुष्का शर्मा ने अपनी दादी अपने चाचा चाची तक को शादी में नही बुलाया इन्हें पता ही टीवी से लगा की हमारी पोती हमारी भतीजी की शादी हो रही है शायद शर्म लगती इस को अपने आम परिवार वालो से शायद तभी सिर्फ 20 मेहमान बुलाये होंगे।

सुरेश रैना ने 2015 में शादी की जिस मामा की गोद में खेला उस मामा को शादी में नही बुलाया मामा से मीडिया वालों ने बात की मामा आंसुओ के साथ भावनाये व्यक्त करते नजर आये। कारण था सुरेश रैना को मामा से शर्म आती थी आखिर बड़ा आदमी जो ठहरा।

जसप्रीत बुमराह का 84 साल का दादा जो 17 साल से अपने पोते को देखने को तरस रहा था जसप्रीत से मिलने अहमदाबाद आया जहाँ जसप्रीत की माँ ने दादा को भगा दिया इसके बाद दादा ने साबरमती नदी में आत्महत्या करली।

महेंद्र सिंह धोनी इन्होंने अपनी आत्मकथा पर बनी फिल्म में अपने भाई को ही नहीं दिखाया ।

इस तरह के लोग आज युवा पीढ़ी के आदर्श है इन लोगो को आज युवा पीढ़ी फॉलो करती है इनकी फैन है।

और एक भुवनेश्वर कुमार था जिसने अपनी शादी में पूरा गांव बुलाया और शादी की खुशी में अपने जिले में चल रहे कन्या गुरुकुल में लाखों रुपए का दान दिया था ! ये होते है संस्कार।

इससे सीखो कुछ उन ओछे सेलिब्रिटीज से नही जो अपने दादा-दादी, मामी-मामी, चाचा-चाची गांव वालों तक को अपना परिवार नही समझते।

प्रश्नोत्तर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कोरा से साभार

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